||स्वरांकित पाणिनीयधातुपाठः सूची ||
||अथ' धातुपाठसू' ची ||
अंस (अंस्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अंसँ समाघा' ते १०. ४६० ||
अंह् | भ्वा० सेट् आ० | अहिँ' गतौ' १. ७२२ ||
अंह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अहिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२८ ||
अक् | भ्वा० सेट् प० | अकँ(म्)ऽ [कुटि' लायां' गतौ' ]१. ९०१ ||
अक्ष् | भ्वा० सेट् प० | अक्षूँ व्याप्तौ' १. ७४२ ||
अग् | भ्वा० सेट् प० | अगँ(म्)कुटि' लायां' गतौ' १. ९०२ ||
अङ्क (अङ्क्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अङ्कँ प' दे लक्ष' णे च १०. ४७३ ||
अङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | अकिँ' लक्ष' णे १. ९२ ||
अङ्ग (अङ्ग्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अङ्गँ [प' दे लक्ष' णे]च १०. ४७४ ||
अङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | अगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५५ ||
अङ्घ् | भ्वा० सेट् आ० | अघिँ' ऽ [गत्याक्षे' पे | गतौ' गत्यार' म्भे चेत्यप' रे]१. ११५ ||
अच् | भ्वा० सेट् उ० | अचुँ' [गतौ' याच' ने च]इत्येके' १. ९९९ ||
अज् | भ्वा० सेट् प० | अजँ गतिक्षप' नयोः' १. २६२ ||
अञ्च् | भ्वा० सेट् उ० | अचिँ [गतौ' याच' ने च]इत्येप' रे १. १००० ||
अञ्च् | भ्वा० सेट् उ० | अञ्चुँ' गतौ' याच' ने च १. ९९८ ||
अञ्च् | भ्वा० सेट् प० | अञ्चुँ गतिपूज' नयोः' १. २१५ ||
अञ्च् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अञ्चुँ वि' शेष' णे १०. २६६ ||
अञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अजिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३१६ ||
अञ्ज् | रु० सेट् प० | अञ्जूँ व्यक्तिम्रक्षणकान्तिग' तिषु' (व्यक्तिमर्षणकान्तिग' तिषु' )७. २१ ||
अट् | भ्वा० सेट् प० | अटँऽ [गतौ' ]१. ३३२ ||
अट्ट् | भ्वा० सेट् आ० | अट्टँ' अतिक्रमणहिंस' नयोः' (अतिक्रमहिं' सयोः' )१. २८७ ||
अट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अट्टँऽ [अना' दरे]१०. ३७ ||
अड् | भ्वा० सेट् प० | अडँ उद्य' मे १. ४१४ ||
अड्ड् | भ्वा० सेट् प० | अड्डँ (अद्डँ)अभियो' गे १. ४०३ ||
अण् | भ्वा० सेट् प० | अणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१२ ||
अण् | दि० सेट् आ० | अणँ' प्राण' ने ४. ७१ ||
अण्ठ् | भ्वा० सेट् आ० | अठिँ' गतौ' १. २९४ ||
अत् | भ्वा० सेट् प० | अतँ सात' त्यगमने १. ३८ ||
अद् | अ० अनिट् प० | अ' दँ भक्ष' णे २. १ ||
अद्ड् | भ्वा० सेट् प० | अड्डँ (अद्डँ)अभियो' गे १. ४०३ ||
अधी | अधि' ऽइ | अ० अनिट् प० | इ' ङ् अ' ध्यय' ने (नित्य' मधि' पूर्वः)२. ४१ ||
अधी | अधि' ऽइ | अ० अनिट् प० | इ' क् स्मर' णे (अ' यमप्यधि' पूर्वः)२. ४२ ||
अनुरुध् | अनु' ऽरुध् | दि० अनिट् आ० | अनोरु' धँ' कामे' ४. ७० ||
अन् | अ० सेट् प० | अनँ च [प्राण' ने]२. ६५ ||
अन् | दि० सेट् आ० | अनँ' [प्राण' ने]इत्येके' ४. ७२ ||
अन्त् | भ्वा० सेट् प० | अतिँऽ [बन्ध' ने]१. ६३ ||
अन्द् | भ्वा० सेट् प० | अदिँ बन्ध' ने १. ६४ ||
अन्ध (अन्ध्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अन्धँ दृष्ट्युपघा' ते | उपसंहा' र इत्य' न्ये १०. ४७१ ||
अभ्र् | भ्वा० सेट् प० | अभ्रँऽ [गत्य' र्थः]१. ६३७ ||
अम् | [न]अमिऽ [मित्]१. ९५० ||
अम् | भ्वा० सेट् प० | अमँ गत्या' दिषु (गतौ' शब्दे' सम्भ' क्तौ' च)१. ५३६ ||
अम् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अमँ रोगे' १०. २४५ ||
अम्ब् | भ्वा० सेट् आ० | अबिँ' शब्दे' १. ४३८ ||
अम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | अभिँ' ऽ [[शब्दे' ]क्व' चित्पठ्यते]१. ४४८ ||
अय् | भ्वा० सेट् आ० | अयँ' ऽ [गतौ' ]१. ५४६ ||
अय् | भ्वा० सेट् उ० | (अयँ' गतौ' )१. १०३१ ||
अर्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अर्कँ स्तव' ने १०. १४५ ||
अर्घ् | भ्वा० सेट् प० | (अर्घँ मूल्ये' )१. १८५ ||
अर्च् | भ्वा० सेट् प० | अर्चँ पू' जाया' म् १. २३२ ||
अर्च् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अर्चँ पू' जाया' म् १०. ३४० ||
अर्ज् | भ्वा० सेट् प० | अर्जँऽ [अर्ज' ने]१. २५६ ||
अर्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अर्जँ प्रतिय' त्ने (स' म्पाद' ने च)१०. २५० ||
अर्थ (अर्थ्)| चु० सेट् आ० | अर्थँ' उपया' च्ञाया' म् १०. ४४७ ||
अर्द् | भ्वा० सेट् प० | अर्दँ गतौ' याच' ने च १. ५७ ||
अर्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अर्दँ (अर्दँ' )हिं' साया' म् १०. ३६५ ||
अर्ब् | भ्वा० सेट् प० | अर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८१ ||
अर्व् | भ्वा० सेट् प० | अर्वँऽ [हिं' साया' म्]१. ६६७ ||
अर्ह् | भ्वा० सेट् प० | अर्हँ पू' जाया' म् १. ८४१ ||
अर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अर्हँ पू' जाया' म् १०. २५७ ||
अर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| अर्हँ पू' जाया' म् १०. ३६७ ||
अल् | भ्वा० सेट् प० (उ०)| अलँ (अलँ' )भूषणपर्याप्तिवा' रणेषु' १. ५९३ ||
अव् | भ्वा० सेट् प० | अवँ रक्षणगतिकान्तिप्रीतितृप्त्यवगमप्रवेशश्रवणस्वाम्यर्थयाचनक्रियेच्चादीप्त्यवाप्त्यालिङ्गनहिंसादानभागवृ' द्धिषु' १. ६८४ ||
अश् | स्वा० सेट् आ० | अशूँ' व्या' प्तौ सङ्घा' ते च' ५. २० ||
अश् | क्र्या० सेट् प० | अशँ भोज' ने ९. ५९ ||
अष् | भ्वा० सेट् उ० | अषँ' [गतिदीप्त्यादा' नेषु' ]इत्येके' १. १०३० ||
अस् | भ्वा० सेट् उ० | असँ' गतिदीप्त्यादा' नेषु' १. १०२९ ||
अस् | अ० सेट् प० | असँ भु' वि २. ६० ||
अस् | दि० सेट् प० | असुँ क्षेप' ने ४. १०६ ||
अह् | स्वा० सेट् प० | अहँ व्या' प्तौ ५. २९ ||
आक्रन्द् | आङ्ऽक्रन्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| आङः' क्रन्दँ सात' त्ये १०. २५२ ||
आञ्च् | भ्वा० सेट् प० | आचिँ आया' मे १. २३७ ||
आप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| आपॢँ (आपॢँ' )लम्भ' ने १०. ३७६ ||
आप् | स्वा० अनिट् प० | आ' पॢँ व्या' प्तौ ५. १६ ||
आशंस् | आङ्ऽशंस् | भ्वा० सेट् आ० | आङः' शसिँ' इ' च्चाया' म् १. ७१६ ||
आशास् | आङ्ऽशास् | अ० सेट् आ० | आङः' शासुँ' इ' च्चाया' म् २. १२ ||
आसद् | आङ्ऽसद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| आ' ङः षदँ पद्य' र्थे १०. ३६८ ||
आस् | अ० सेट् आ० | आसँ' उप' वेश' ने २. ११ ||
इ | अ० अनिट् आ० | इ' ङ् अ' ध्यय' ने | नित्य' मधि' पूर्वः २. ४१ ||
इ | अ० अनिट् प० | इ' क् स्मर' णे | अ' यमप्यधि' पूर्वः २. ४२ ||
इ | अ० अनिट् प० | इ' ण् गतौ' २. ४० ||
इख् | भ्वा० सेट् प० | इखँऽ [गत्य' र्थः]१. १४८ ||
इङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | इखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १४९ ||
इङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | इगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १६३ ||
इट् | भ्वा० सेट् प० | इटँऽ [गतौ' ]१. ३५७ ||
इन्द् | भ्वा० सेट् प० | इदिँ परमैश्व' र्ये १. ६५ ||
इन्ध् | रु० सेट् आ० | ञिऽइ' न्धीँ दीप्तौ' ७. ११ ||
इन्व् | भ्वा० सेट् प० | इविँ व्याप्तौ' १. ६७० ||
इल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| इलँ प्रेर' णे १०. १६७ ||
इल् | तु० सेट् प० | इलँ स्वप्नक्षेप' नयोः' ६. ८४ ||
इष् | दि० सेट् प० | इषँ [ईषँ]गतौ' ४. २२ ||
इष् | तु० सेट् प० | इषँ (इषुँ)इ' च्चाया' म् ६. ७८ ||
इष् | क्र्या० सेट् प० | इषँ आभी' क्ष्ण्ये ९. ६१ ||
ई | दि० अनिट् आ० | ई' ङ् गतौ' ४. ३८ ||
ईक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | ईक्षँ' दर्श' ने १. ६९४ ||
ईख् | भ्वा० सेट् प० | ईखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५० ||
ईङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | ईखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५१ ||
ईज् | भ्वा० सेट् आ० | ईज' गतिकुत्स' नयोः' १. २०७ ||
ईञ्ज् | भ्वा० सेट् आ० | ईजिँ' [गतिकुत्स' नयोः' ]इत्येके' १. २०८ ||
ईड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ईडँ स्तुतौ' १०. १८३ ||
ईड् | अ० सेट् आ० | ईडँ' स्तुतौ' २. ९ ||
ईर् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ईरँ क्षेपे' १०. ३४२ ||
ईर् | अ० सेट् आ० | ईरँ' गतौ कम्प' ने च २. ८ ||
ईर्क्ष्य् | भ्वा० सेट् प० | ईर्क्ष्यँऽ [ई' र्ष्यार्थः' ]१. ५८७ ||
ईर्ष्य् | भ्वा० सेट् प० | ईर्ष्यँ ई' र्ष्यार्थाः' १. ५८८ ||
ईश् | अ० सेट् आ० | ईशँ' ऐश्व' र्ये २. १० ||
ईष् | भ्वा० सेट् आ० | ईषँ' गतिहिंसादर्श' नेषु' १. ६९५ ||
ईष् | भ्वा० सेट् प० | ईषँ उ' ञ्चे १. ७८० ||
ईह् | भ्वा० सेट् आ० | ईहँ' चे' ष्टाया' म् १. ७१९ ||
उ | भ्वा० अनिट् आ० | उ' ङ्ऽ [शब्दे' ]१. ११०२ ||
उक्ष् | भ्वा० सेट् प० | उक्षँ सेच' ने १. ७४५ ||
उख् | भ्वा० सेट् प० | उखँऽ [गत्य' र्थः]१. १३६ ||
उङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | उखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १३७ ||
उच् | दि० सेट् प० | उचँ समवा' ये ४. १३५ ||
उच् | भ्वा० सेट् प० | उचीँ विवा' से १. २४४ ||
उच् | तु० सेट् प० | उचीँ विवा' से ६. १५ ||
उज्झ् | तु० सेट् प० | उज्झँऽ (उद्झँ)उत्स' र्गे ६. २४ ||
उञ्च् | भ्वा० सेट् प० | उचिँ उ' ञ्चे १. २४३ ||
उञ्च् | तु० सेट् प० | उचिँ उ' ञ्चे ६. १४ ||
उठ् | भ्वा० सेट् आ० | उठँ' उपघा' ते (प्रतिघा' ते)१. ८५२ ||
उठ् | भ्वा० सेट् प० | उठँ [उपघा' ते]इत्येके' १. ३९२ ||
उत्कण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कठिँ शोके' | प्राये' णोत्पू' र्व उत्क' ण्ठाव' चनः १०. ३८५ ||
उद्झ् | तु० सेट् प० | उज्झँऽ (उद्झँ)उत्स' र्गे ६. २४ ||
उध्रस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| उघ्रसँ [उ' ञ्चे]इत्येके' १०. २७१ ||
उन्द् | रु० सेट् प० | उन्दीँ क्लेद' ने ७. २० ||
उब्ज् | तु० सेट् प० | उब्जँ आर्ज' वे ६. २३ ||
उभ् | तु० सेट् प० | उभँऽ [पूर' णे]६. ४४ ||
उम्भ् | तु० सेट् प० | उम्भँ पूर' णे ६. ४५ ||
उर्द् | भ्वा० सेट् आ० | उर्दँ' माने' क्री' डायां' च १. २० ||
उर्व् | भ्वा० सेट् प० | उर्वीँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ६५० ||
उष् | भ्वा० सेट् प० | उषँ दाः' ए १. ७९२ ||
उह् | भ्वा० सेट् प० | उहिँर् अर्द' ने १. ८४० ||
ऊठ् | भ्वा० सेट् प० | ऊठँ उपघा' ते १. ३९१ ||
ऊन (ऊन्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ऊनँ परिहा' णे १०. ४३० ||
ऊय् | भ्वा० सेट् आ० | ऊयीँ' तन्तुसन्ता' ने १. ५५६ ||
ऊर्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ऊर्जँ बलप्राण' नयोः' १०. २३ ||
ऊर्णु | अ० सेट् उ० | ऊर्णुञ् आ' च्चाद' ने २. ३४ ||
ऊष् | भ्वा० सेट् प० | ऊषँ रु' जाया' म् १. ७७९ ||
ऊह् | भ्वा० सेट् आ० | ऊहँ' वित' र्के १. ७३५ ||
ऋ | भ्वा० अनिट् प० | ऋ' गतिप्राप' णयोः' १. १०८६ ||
ऋ | जु० अनिट् प० | ऋ' ऽ [गतौ' ]३. १७ ||
ऋ | स्वा० सेट् प० | ऋ [हिं' साया' म्][इत्येके' ]५. ३८ ||
ऋच् | तु० सेट् प० | ऋचँ स्तुतौ' ६. २२ ||
ऋच् | तु० सेट् प० | ऋचँ गतीन्द्रियप्रलयमूर्तिभा' वेषु' ६. १६ ||
ऋज् | भ्वा० सेट् आ० | ऋजँ' गतिस्थानार्जनोपार्ज' नेषु' १. २०० ||
ऋञ्ज् | भ्वा० सेट् आ० | ऋजिँ' ऽ [भर्ज' ने]१. २०१ ||
ऋण् | त० सेट् उ० | ऋणुँ' गतौ' ८. ५ ||
ऋध् | दि० सेट् प० | ऋधुँ वृद्धौ' ४. १६० ||
ऋध् | स्वा० सेट् प० | ऋधुँ वृद्धौ' ५. २७ ||
ऋफ् | तु० सेट् प० | ऋफँऽ [हिं' साया' म्]६. ४० ||
ऋम्फ् | तु० सेट् प० | ऋम्फँ हिं' साया' म् ६. ४१ ||
ऋष् | तु० सेट् प० | ऋषीँ गतौ' ६. ७ ||
ॠ | क्र्या० सेट् प० | ॠ गतौ' ९. ३२ ||
एज् | भ्वा० सेट् आ० | एजृँ' ऽ [दीप्तौ' ]१. २०३ ||
एज् | भ्वा० सेट् प० | एजृँ कम्प' ने १. २६७ ||
एठ् | भ्वा० सेट् आ० | एठँ' च [विबा' धायां' ]१. ३०० ||
एध् | भ्वा० सेट् आ० | एधँ' वृद्धौ' १. २ ||
एष् | भ्वा० सेट् आ० | एषृँ' [प्रय' त्ने]इत्येके' १. ७०१ ||
एष् | भ्वा० सेट् आ० | एषृँ' ऽ [गतौ' ]१. ७०५ ||
ओख् | भ्वा० सेट् प० | ओखृँऽ [शोषणालम' र्थ्योः]१. १२९ ||
ओण् | भ्वा० सेट् प० | ओणृँ अप' नय' ने १. ५२३ ||
ओलण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ओँलडिँ [उ' त्क्षेप' ने]इत्येके' १०. १४ ||
कंस् | अ० सेट् आ० | कसिँ' गतिशास' नयोः' २. १४ ||
कक् | भ्वा० सेट् आ० | ककँ' लौल्ये' १. ९५ ||
कख् | भ्वा० सेट् प० | कखँ हस' ने १. १२८ ||
कख् | भ्वा० सेट् प० | कखेँ(म्)हस' ने १. ८९३ ||
कग् | भ्वा० सेट् प० | कगेँ(म्)नोच्य' ते | क्रियासामान्यार्थ' त्वात् | अनेकार्थ' त्वादित्य' न्ये १. ९०० ||
कङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | ककिँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. ९९ ||
कच् | भ्वा० सेट् आ० | कचँ' बन्ध' ने १. १९२ ||
कज् | भ्वा० सेट् प० | कजँ मदे' इत्येके' १. २६५ ||
कञ्च् | भ्वा० सेट् आ० | कचिँ' ऽ [दीप्तिबन्ध' नयोः' ]१. १९३ ||
कट् | भ्वा० सेट् प० | कटीँ गतौ' १. ३५९ ||
कट् | भ्वा० सेट् प० | कटेँ वर्षावर' णयोः' १. ३३० ||
कठ् | भ्वा० सेट् प० | कठँ कृच्च्रजीव' ने १. ३८५ ||
कड् | भ्वा० सेट् प० | कडँ मदे' १. ४१७ ||
कड् | तु० सेट् प० | कडँ मदे' ६. १०८ ||
कड्ड् | भ्वा० सेट् प० | कड्डँ (कद्डँ)कार्क' श्ये १. ४०४ ||
कण् | भ्वा० सेट् प० | कणँ(म्)ऽ [गतौ' ]१. ९०३ ||
कण् | भ्वा० सेट् प० | कणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१७ ||
कण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कणँ नि' मील' ने १०. २४० ||
कण्ठ् | भ्वा० सेट् आ० | कठिँ' शोके' १. २९७ ||
कण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कठिँ शोके' | प्राये' णोत्पू' र्व उत्क' ण्ठाव' चनः १०. ३८५ ||
कण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | कडिँ' मदे' १. ३१६ ||
कण्ड् | भ्वा० सेट् प० | कडिँ [मदे' ]इत्येके' १. ४१८ ||
कण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कडिँ खण्ड' ने (भेद' ने)१०. ६७ ||
कत्त्र (कत्त्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कत्रँ (कत्त्रँ)शैथि' ल्ये १०. ४५६ ||
कत्थ् | भ्वा० सेट् आ० | कत्थँ' श्ला' घाया' म् १. ३७ ||
कत्र (कत्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कत्रँ (कत्त्रँ)शैथि' ल्ये १०. ४५६ ||
कथ (कथ्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कथँ वाक्यप्रब' न्धे (वाक्यप्रबन्ध' ने)१०. ३८९ ||
कद् | भ्वा० सेट् आ० | कदँ' (म्)ऽ [[वैक्ल' व्ये | वैक' ल्य इत्येके' ]इत्य' न्ये]१. ८८१ ||
कद्ड् | भ्वा० सेट् प० | कड्डँ (कद्डँ)कार्क' श्ये १. ४०४ ||
कन् | भ्वा० सेट् प० | कनीँ दीप्तिकान्तिग' तिषु' १. ५३१ ||
कन्द् | भ्वा० सेट् आ० | कदिँ' (म्)ऽ [वैक्ल' व्ये | वैक' ल्य इत्येके' ]१. ८७८ ||
कन्द् | भ्वा० सेट् प० | कदिँऽ [आः' वाने' रोद' ने च]१. ७३ ||
कप् | भ्वा० सेट् आ० | कपँ' (म्)[कृ' पायां' गतौ' च]इत्य' न्ये १. ८७७ ||
कब् | भ्वा० सेट् आ० | कबृँ' वर्णे' १. ४४० ||
कम् | भ्वा० सेट् आ० | कमुँ' कान्तौ' १. ५११ ||
कम् | न कमिऽ [मित्]१. ९४९ ||
कम्प् | भ्वा० सेट् आ० | कपिँ' चल' ने १. ४३५ ||
कर्ज् | भ्वा० सेट् प० | कर्जँ व्यथ' ने १. २६० ||
कर्ण (कर्ण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कर्णँ भेद' ने (इति धात्वन्त' रमित्यप' रे)१०. ४७० ||
कर्त (कर्त्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कर्तँ इत्यप्येके' १०. ४५७ ||
कर्द् | भ्वा० सेट् प० | कर्दँ कुत्सि' ते शब्दे' १. ६१ ||
कर्ब् | भ्वा० सेट् प० | कर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८६ ||
कर्व् | भ्वा० सेट् प० | कर्वँऽ [दर्पे' ]१. ६६४ ||
कल (कल्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कलँ गतौ' स' ङ्ख्याने' च १०. ४०४ ||
कल् | भ्वा० सेट् आ० | कलँ' शब्दसङ्ख्या' नयोः' १. ५७० ||
कल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कलँऽ [क्षेपे' ]१०. ९३ ||
कल्ल् | भ्वा० सेट् आ० | कल्लँ' अव्य' क्ते' शब्दे' | अश' ब्द' इत्येके' १. ५७१ ||
कश् | अ० सेट् आ० | कशँ' [गतिशास' नयोः' ]इत्य' न्ये (इत्यपि' )२. १६ ||
कष् | भ्वा० सेट् प० | कषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८१ ||
कस् | भ्वा० सेट् प० | कसँ गतौ' १. ९९६ ||
कस् | अ० सेट् आ० | कसँ' [गतिशास' नयोः' ]इत्येके' २. १५ ||
काङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | काक्षिँऽ [का' ङ्क्षाया' म्]१. ७६० ||
काञ्च् | भ्वा० सेट् आ० | काचिँ' दीप्तिबन्ध' नयोः' १. १९४ ||
काल (काल्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कालँ [कालोपदे' शे]च | इति' पृथ' ग्धातु' रित्येके' १०. ४२२ ||
काश् | भ्वा० सेट् आ० | काशृँ' दीप्तौ' १. ७३४ ||
काश् | दि० सेट् आ० | काशृँ' दीप्तौ' ४. ५८ ||
कास् | भ्वा० सेट् आ० | कासृँ' शब्दकु' त्साया' म् १. ७१० ||
कि | जु० अनिट् प० | कि' ज्ञाने' ३. २० ||
किट् | भ्वा० सेट् प० | किटँऽ [गतौ' ]१. ३५८ ||
किट् | भ्वा० सेट् प० | किटँऽ [त्रा' से]१. ३३८ ||
कित् | भ्वा० सेट् प० | कितँ निवा' से रो' गापनय' ने च' १. ११४८ ||
कित् | जु० सेट् प० | (कितँ [ज्ञाने' ]च)३. २१ ||
किल् | तु० सेट् प० | किलँ श्वैत्यक्रीड' नयोः' (श्वैत्ये' )६. ८० ||
कीट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कीटँ वर्णे' (वर' णे)१०. १४२ ||
कील् | भ्वा० सेट् प० | कीलँ बन्ध' ने १. ६०२ ||
कुंश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुशिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९६ ||
कुंश् | दि० सेट् प० | कुंशँ [सं' श्लेष' णे (श्लेष' णे)]इत्यप' रे ४. १२८ ||
कुंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुसिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९४ ||
कुंस् | दि० सेट् प० | कुंसँ [सं' श्लेष' णे (श्लेष' णे)]इत्य' न्ये ४. १२७ ||
कु | भ्वा० अनिट् आ० | कु' ङ्ऽ [शब्दे' ]१. ११०३ ||
कु | अ० अनिट् प० | कु' शब्दे' २. ३७ ||
कु | तु० सेट् आ० | कुङ् शब्दे' ६. १३६ ||
कुक् | भ्वा० सेट् आ० | कुकँ' ऽ [आदा' ने]१. ९६ ||
कुच् | भ्वा० सेट् प० | कुचँ शब्दे' ता' रे १. २११ ||
कुच् | भ्वा० सेट् प० | कुचँ सम्पर्चनकौटिल्यप्रतिष्टम्भविलेख' नेषु' १. ९९३ ||
कुच् | तु० सेट् प० | कुचँ स' ङ्कोच' ने ६. ९५ ||
कुज् | भ्वा० सेट् प० | कुजुँऽ स्तेयकर' णे १. २२६ ||
कुञ्च् | भ्वा० सेट् प० | कुञ्चँऽ [कौटिल्याल्पीभा' वयोः' ]१. २१२ ||
कुञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | कुजिँ अव्य' क्ते' शब्दे' १. २५५ ||
कुट् | चु० सेट् आ० | कुटँ' [चेद' ने]इत्येके' १०. २२२ ||
कुट् | तु० सेट् प० | कुटँ कौटि' ल्ये ६. ९३ ||
कुट्ट् | चु० सेट् आ० | कुट्टँ' प्र' ताप' ने १०. २२६ ||
कुट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुट्टँ चेदनभर्त्स' नयोः' १०. ३४ ||
कुड् | तु० सेट् प० | कुडँ बाल्ये' ६. ११३ ||
कुण (कुण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुणँऽ [आ' मन्त्र' णे]१०. ४३५ ||
कुण् | तु० सेट् प० | कुणँ शब्दोपकर' णयोः' (शब्दोपता' पयोः' )६. ६१ ||
कुण्ट् | भ्वा० सेट् प० | कुटिँ [वैक' ल्ये]इत्येके' १. ३६३ ||
कुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | कुठिँ च [गतिप्रतिघा' ते (प्रतिघा' ते)इत्येके' ]१. ३९७ ||
कुण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुठिँ [[रक्ष' णे]वेष्ट' ने (च)| रक्ष' ण' इत्येके' ]इत्य' न्ये १०. ७० ||
कुण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | कुडिँ' दाः' ए १. ३०३ ||
कुण्ड् | भ्वा० सेट् प० | कुडिँ वैक' ल्ये १. ३६२ ||
कुण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुडिँ [अनृतभाष' णे]इत्यप' रे १०. ९ ||
कुण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुडिँ रक्ष' णे १०. ६८ ||
कुत्स् | चु० सेट् आ० | कुत्सँ' अव' क्षेप' ने १०. २२० ||
कुथ् | दि० सेट् प० | कुथँ पूतीभा' वे ४. १२ ||
कुद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुदृँ [अनृतभाष' णे]इत्येके' १०. ८ ||
कुन्थ् | भ्वा० सेट् प० | कुथिँऽ [हिंसासङ्क्लेश' नयोः' ]१. ४५ ||
कुन्थ् | क्र्या० सेट् प० | कुन्थँ सं' श्लेष' णे ९. ५० ||
कुन्द्र् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुद्रिँ अनृतभाष' णे १०. ७ ||
कुप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुपँऽ (कृपँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३१० ||
कुप् | दि० सेट् प० | कुपँ क्रोधे' ४. १४६ ||
कुमार (कुमार्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुमारँ क्री' डाया' म् १०. ४१८ ||
कुम्ब् | भ्वा० सेट् प० | कुबिँ आच्चाद' ने (चाद' ने)१. ४९२ ||
कुम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुबिँ आ' च्चाद' ने (चाद' ने)१०. १५७ ||
कुम्भ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कुभिँ [आ' च्चाद' ने (चाद' ने)]इत्येके' १०. १५८ ||
कुर् | तु० सेट् प० | कुरँ शब्दे' ६. ६७ ||
कुर्द् | भ्वा० सेट् आ० | कुर्द' ऽ [क्री' डाया' मे' व]१. २१ ||
कुल् | भ्वा० सेट् प० | कुलँ संस्त्या' ने बन्धु' षु च १. ९७६ ||
कुश् | दि० सेट् प० | कुशँ [सं' श्लेष' णे (श्लेष' णे)]इत्येके' ४. १२६ ||
कुष् | क्र्या० सेट् प० | कुषँ निष्क' र्षे ९. ५४ ||
कुस् | दि० सेट् प० | कुसँ सं' श्लेष' णे (श्लेष' णे)४. १२५ ||
कुस्म् | चु० सेट् आ० | कुस्मँ' नाम्नो' वा | कुत्सिस्मय' ने १०. २३६ ||
कुह (कुह्)| चु० सेट् आ० | कुहँ' वि' स्माप' ने १०. ४४३ ||
कू | तु० सेट् आ० | कूङ् [शब्दे' ]इत्येके' ६. १३७ ||
कूज् | भ्वा० सेट् प० | कूजँऽ [अव्य' क्ते' शब्दे' ]१. २५४ ||
कूट (कूट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कूटँ परिता' पे | परिदाः' अ इत्य' न्ये १०. ४३२ ||
कूट् | चु० सेट् आ० | कूटँ' अप्र' दाने | अव' साद' न' इत्येके' १०. २२५ ||
कूण (कूण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कूणँ [श्राव' णे नि' मन्त्र' णे च]स' ङ्कोच' नेऽपि' १०. ४३८ ||
कूण् | चु० सेट् आ० | कूणँ' स' ङ्कोच' ने १०. २११ ||
कूल् | भ्वा० सेट् प० | कूलँ आ' वर' णे १. ६०३ ||
कृ | भ्वा० अनिट् उ० | (कृ' ञ् कर' णे)१. १०४८ ||
कृ | स्वा० अनिट् उ० | कृ' ञ् हिं' साया' म् ५. ७ ||
कृ | त० अनिट् उ० | डुकृ' ञ् कर' णे ८. १० ||
कृड् | तु० सेट् प० | कृडँ घन' त्वे ६. ११२ ||
कृण्व् | भ्वा० सेट् प० | कृविँ हिंसाकर' णयो' श्च १. ६८२ ||
कृत् | तु० सेट् प० | कृतीँ चेद' ने ६. १७१ ||
कृत् | रु० सेट् प० | कृतीँ वेष्ट' ने ७. १० ||
कृप (कृप्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कृपँऽ [दौर्ब' ल्ये]१०. ४०८ ||
कृप् | भ्वा० सेट् आ० | कृपँ' (म्)[क्रपँ' (म्)कपँ' (म्)]कृ' पायां' गतौ' च १. ८७५ ||
कृप् | भ्वा० सेट् आ० | कृपूँ' साम' र्थ्ये १. ८६६ ||
कृप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कृ' पेश्च' [अव' कल्क' ने | मिश्री' कर' ण' इत्येके' | चिन्त' न' इत्य' न्ये]१०. २७८ ||
कृश् | दि० सेट् प० | कृशँ तनू' कर' णे ४. १४० ||
कृष् | भ्वा० अनिट् प० | कृ' षँ वि' लेख' ने १. ११४५ ||
कृष् | तु० अनिट् उ० | कृ' षँ' वि' लेख' ने ६. ६ ||
कॄ | तु० सेट् प० | कॄ विक्षे' पे (निक्षे' पे)६. १४५ ||
कॄ | क्र्या० सेट् उ० | कॄञ् हिं' साया' म् ९. १८ ||
कॄ | क्र्या० सेट् प० | कॄ हिं' साया' म् ९. ३१ ||
कॄत् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| कॄतँ सं' शब्द' ने १०. १५५ ||
कॢप् | भ्वा० सेट् आ० | कृपूँ' साम' र्थ्ये १. ८६६ ||
केत (केत्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| केतँ श्राव' णे नि' मन्त्र' णे च १०. ४३७ ||
केप् | भ्वा० सेट् आ० | केपृँ' ऽ [[कम्प' ने]च]१. ४२६ ||
केल् | भ्वा० सेट् प० | केलृँऽ [चल' ने]१. ६१६ ||
केव् | भ्वा० सेट् आ० | केवृँ' [सेव' ने]इत्यप्येके' १. ५८३ ||
कै | भ्वा० अनिट् प० | कै' ऽ [शब्दे' ]१. १०६४ ||
क्नथ् | भ्वा० सेट् प० | क्नथँ(म्)ऽ [हिं' सार्थः' ]१. ९११ ||
क्नस् | दि० सेट् प० | क्नसुँ ह्वरणदी' प्त्योः ४. ७ ||
क्नस् | क्नसुँऽ [मित्]१. ९३९ ||
क्नू | क्र्या० सेट् उ० | क्नूञ् शब्दे' ९. १२ ||
क्नूय् | भ्वा० सेट् आ० | क्नूयीँ' शब्द' उन्दे' च १. ५५८ ||
क्मर् | भ्वा० सेट् प० | क्मरँ हूर्च' ने १. ६३६ ||
क्रथ् | भ्वा० सेट् प० | क्रथँ(म्)ऽ [हिं' सार्थः' ]१. ९१२ ||
क्रद् | भ्वा० सेट् आ० | क्रदँ' (म्)ऽ [[वैक्ल' व्ये | वैक' ल्य इत्येके' ]इत्य' न्ये]१. ८८२ ||
क्रन्द् | भ्वा० सेट् आ० | क्रदिँ' (म्)ऽ [वैक्ल' व्ये | वैक' ल्य इत्येके' ]१. ८७९ ||
क्रन्द् | भ्वा० सेट् प० | क्रदिँऽ [आः' वाने' रोद' ने च]१. ७४ ||
क्रप् | भ्वा० सेट् आ० | क्रपँ' (म्)[कृ' पायां' गतौ' च]इत्येके' १. ८७६ ||
क्रम् | भ्वा० सेट् प० | क्रमुँ पादविक्षे' पे १. ५४५ ||
क्री | क्र्या० अनिट् उ० | डुक्री' ञ् द्रव्यविनिम' ये ९. १ ||
क्रीड् | भ्वा० सेट् प० | क्रीडृँ विहा' रे १. ४०५ ||
क्रुञ्च् | भ्वा० सेट् प० | क्रुञ्चँ कौटिल्याल्पीभा' वयोः' १. २१३ ||
क्रुड् | तु० सेट् प० | क्रुडँऽ [नि' मज्ज' ने इत्येके' ]६. १२८ ||
क्रुध् | दि० अनिट् प० | क्रु' धँ क्रोधे' (कोपे' )४. ८६ ||
क्रुश् | भ्वा० अनिट् प० | क्रु' शँ आः' वाने' रोद' ने च १. ९९२ ||
क्लथ् | भ्वा० सेट् प० | क्लथँ(म्)हिं' सार्थाः' १. ९१३ ||
क्लद् | भ्वा० सेट् आ० | क्लदँ' (म्)[वैक्ल' व्ये | वैक' ल्य इत्येके' ]इत्य' न्ये १. ८८३ ||
क्लन्द् | भ्वा० सेट् आ० | क्लदिँ' (म्)वैक्ल' व्ये | वैक' ल्य इत्येके' इत्य' न्ये १. ८८० ||
क्लन्द् | भ्वा० सेट् प० | क्लदिँ आः' वाने' रोद' ने च १. ७५ ||
क्लप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| क्लपँ [व्य' क्तायां वा' चि]इत्येके' १०. १६२ ||
क्लम् | दि० सेट् प० | क्लमुँ ग्लानौ' ४. १०४ ||
क्लिद् | दि० सेट् प० | क्लिदूँ आद्रीभा' वे ४. १५७ ||
क्लिन्द् | भ्वा० सेट् आ० | क्लिदिँ' परि' देव' ने १. १५ ||
क्लिन्द् | भ्वा० सेट् प० | क्लिदिँ परि' देव' ने १. ७६ ||
क्लिश् | दि० सेट् आ० | क्लिशँ' उपता' पे ४. ५७ ||
क्लिश् | क्र्या० सेट् वेट् प० | क्लिशूँ वि' बाध' ने ९. ५८ ||
क्लीब् | भ्वा० सेट् आ० | क्लीबृँ' अधा' र्ष्ठ्ये १. ४४१ ||
क्लु | भ्वा० अनिट् आ० | क्लु' ङ् [गतौ' ]इत्येके' १. १११३ ||
क्लेश् | भ्वा० सेट् आ० | क्लेशँ' अव्य' क्तायां वा' चि | बाध' न' इत्य' न्ये (इति' दु' र्गः)१. ६९१ ||
क्वण् | भ्वा० सेट् प० | क्वणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१८ ||
क्वथ् | भ्वा० सेट् प० | क्वथेँ निष्पा' के १. ९८१ ||
क्षञ्ज् | भ्वा० सेट् आ० | क्षजिँ' (म्)गतिदा' नयोः' १. ८७३ ||
क्षञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| क्षजिँ कृच्च्रजीव' ने १०. ११३ ||
क्षण् | त० सेट् उ० | क्षणुँ' हिं' साया' म् ८. ३ ||
क्षप (क्षप्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| क्षपँ प्रेर' णे १०. ४८७ ||
क्षप् | भ्वा० सेट् प० | |अक्ष' पय' श्च [मित्][इति भोजः' ]१. ९३५ ||
क्षम् | भ्वा० सेट् आ० | क्षमूँ' ष् सह' ने १. ५१० ||
क्षम् | दि० सेट् वेट् प० | क्षमूँ सह' ने ४. १०३ ||
क्षम्प् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| क्षपिँ क्षान्त्या' म् १०. ११२ ||
क्षर् | भ्वा० सेट् प० | क्षरँ स' ञ्चल' ने १. ९८६ ||
क्षल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| क्षलँ शौचक' र्मणि' १०. ८६ ||
क्षि | भ्वा० अनिट् प० | क्षि' क्ष' ये १. २६९ ||
क्षि | स्वा० सेट् प० | क्षिऽ [क्षीऽ][हिं' साया' म्]| क्षिर्भा' षाया' मित्येके' ५. ३३ ||
क्षि | तु० अनिट् प० | क्षि' निवासग' त्योः ६. १४३ ||
क्षिण् | त० सेट् उ० | क्षिणुँ' [हिं' साया' म्]च ८. ४ ||
क्षिप् | दि० अनिट् प० | क्षि' पँ प्रेर' ने ४. १५ ||
क्षिप् | तु० अनिट् उ० | क्षि' पँ' प्रेर' णे ६. ५ ||
क्षिव् | भ्वा० सेट् प० | क्षिवुँऽ (क्षीवुँऽ)[नि' रस' ने]१. ६४८ ||
क्षी | स्वा० सेट् प० | क्षी [हिं' साया' म्]इत्येके' | क्षिर्भा' षाया' मित्येके' ५. ३९ ||
क्षीज् | भ्वा० सेट् प० | क्षीजँ अव्य' क्ते' शब्दे' १. २७० ||
क्षीब् | भ्वा० सेट् आ० | क्षीबृँ' मदे' १. ४४२ ||
क्षीव् | भ्वा० सेट् आ० | क्षीवृँ' [मदे' ]इत्येके' १. ४४३ ||
क्षीष् | क्र्या० अनिट् प० | क्षी' ष् हिं' साया' म् ९. ४२ ||
क्षु | अ० सेट् प० | टुक्षु शब्दे' २. ३१ ||
क्षुद् | रु० अनिट् उ० | क्षु' दिँ' र् स' म्प्रेष' णे ७. ६ ||
क्षुध् | दि० अनिट् प० | क्षु' धँ बुभु' क्षाया' म् ४. ८७ ||
क्षुभ् | भ्वा० सेट् आ० | क्षुभँ' स' ञ्चल' ने १. ८५४ ||
क्षुभ् | दि० सेट् प० | क्षुभँ स' ञ्चल' ने ४. १५४ ||
क्षुभ् | क्र्या० सेट् प० | क्षुभँ स' ञ्चल' ने ९. ५५ ||
क्षुर् | भ्वा० सेट् प० | क्षुरँ सञ्च' ये १. ९८७ ||
क्षुर् | तु० सेट् प० | क्षुरँ वि' लेख' ने ६. ७० ||
क्षेव् | भ्वा० सेट् प० | क्षेवुँ नि' रस' ने १. ६४९ ||
क्षै | भ्वा० अनिट् प० | क्षै' ऽ [क्ष' ये]१. १०६१ ||
क्षोट (क्षोट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| क्षोटँ क्षेपे' १०. ४१६ ||
क्ष्णु | अ० सेट् प० | क्ष्णु तेज' ने २. ३२ ||
क्ष्माय् | भ्वा० सेट् आ० | क्ष्मायीँ' वि' धून' ने १. ५५९ ||
क्ष्मील् | भ्वा० सेट् प० | क्ष्मीलँ नि' मेष' णे १. ५९८ ||
क्ष्विद् | भ्वा० सेट् आ० | ञिक्ष्विदाँ [स्नेहनमोच' नयोः' (गात्रप्र' स्रव' णे)| स्नेहनमोह' नयो' रित्येके' ]चेत्येके' १. ८४६ ||
क्ष्विद् | भ्वा० सेट् प० | ञिक्ष्विदाँ अव्य' क्ते' शब्दे' १. ११३३ ||
क्ष्विद् | दि० सेट् प० | ञिक्ष्विदाँ स्नेहनमोच' नयोः' ४. १५९ ||
क्ष्वेल् | भ्वा० सेट् प० | क्ष्वेलृँऽ [चल' ने]१. ६१८ ||
खच् | क्र्या० सेट् प० | खचँ भूतप्रादुर्भा' वे ९. ६७ ||
खज् | भ्वा० सेट् प० | खजँ म' न्थे १. २६४ ||
खञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | खजिँ गतिवैक' ल्ये १. २६६ ||
खट् | भ्वा० सेट् प० | खटँ का' ङ्क्षाया' म् १. ३४६ ||
खट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खट्टँ सं' वर' णे १०. १२७ ||
खड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खडँऽ [खण्ड' ने (भेद' ने)]१०. ६५ ||
खण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | खडिँ' म' न्थे १. ३१७ ||
खण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खडिँऽ [खण्ड' ने (भेद' ने)]१०. ६६ ||
खद् | भ्वा० सेट् प० | खदँ स्थैर्ये' हिं' सायां' च १. ५२ ||
खन् | भ्वा० सेट् उ० | खनुँ' अव' दार' णे १. १०२० ||
खर्ज् | भ्वा० सेट् प० | खर्जँ [व्यथ' ने]पूज' ने च १. २६१ ||
खर्द् | भ्वा० सेट् प० | खर्दँ दन्द' शूके' १. ६२ ||
खर्ब् | भ्वा० सेट् प० | खर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८७ ||
खर्व् | भ्वा० सेट् प० | खर्वँऽ [दर्पे' ]१. ६६५ ||
खल् | भ्वा० सेट् प० | खलँ [स' ञ्चल' ने]सञ्च' ये (च)१. ६२६ ||
खव् | क्र्या० सेट् प० | खवँ [भूतप्रादुर्भा' वे]इत्येके' ९. ६८ ||
खष् | भ्वा० सेट् प० | खषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८२ ||
खाद् | भ्वा० सेट् प० | खादृँ भक्ष' णे १. ५१ ||
खिट् | भ्वा० सेट् प० | खिटँ त्रा' से १. ३३९ ||
खिद् | दि० अनिट् आ० | खि' दँ' दैन्ये' ४. ६६ ||
खिद् | तु० अनिट् प० | खि' दँ परिघा' ते (परि' घात' ने)६. १७२ ||
खिद् | रु० अनिट् आ० | खि' दँ' दैन्ये' ७. १२ ||
खु | भ्वा० अनिट् आ० | खु' ङ्ऽ [शब्दे' ]१. ११०४ ||
खुज् | भ्वा० सेट् प० | खुजुँ स्तेयकर' णे १. २२७ ||
खुड् | तु० सेट् प० | खुडँऽ [[सं' वर' णे]इत्येके' ]६. ११९ ||
खुण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खुडिँ खण्ड' ने १०. ७२ ||
खुर् | तु० सेट् प० | खुरँ चेद' ने ६. ६८ ||
खुर्द् | भ्वा० सेट् आ० | खुर्द' ऽ [क्री' डाया' मे' व]१. २२ ||
खेट (खेट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खेटँ भक्ष' णे १०. ४१३ ||
खेड (खेड्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खेडँ [भक्ष' णे]इत्येके' १०. ४१४ ||
खेल् | भ्वा० सेट् प० | खेलृँऽ [चल' ने]१. ६१७ ||
खेव् | भ्वा० सेट् आ० | खेवृँ' ऽ [[सेव' ने]इत्यप्येके' ]१. ५८१ ||
खै | भ्वा० अनिट् प० | खै' खद' ने १. १०६० ||
खोट (खोट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| खोटँ [भक्ष' णे]इत्य' न्ये १०. ४१५ ||
खोर् | भ्वा० सेट् प० | खोरृँ गतिप्रतिघा' ते १. ६३३ ||
खोल् | भ्वा० सेट् प० | खोलृँऽ [गतिप्रतिघा' ते]१. ६३२ ||
ख्या | अ० अनिट् प० | ख्या' प्र' कथ' ने २. ५५ ||
गज् | भ्वा० सेट् प० | गजँऽ [शब्दा' र्थः]१. २७९ ||
गज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गजँऽ [शब्दा' र्थः]१०. १४९ ||
गञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | गजिँऽ [शब्दा' र्थः]१. २८० ||
गड् | भ्वा० सेट् प० | गडँ(म्)सेच' ने १. ८८६ ||
गण (गण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गणँ स' ङ्ख्याने' १०. ३९१ ||
गण्ड् | भ्वा० सेट् प० | गडिँ वदनैकदे' शे १. ४१९ ||
गण्ड् | भ्वा० सेट् प० | गडिँ वदनैकदे' शे १. ६८ ||
गद (गद्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गदीँ देवश' ब्दे १०. ३९९ ||
गद् | भ्वा० सेट् प० | गदँ व्य' क्तायां वा' चि १. ५४ ||
गन्ध् | चु० सेट् आ० | गन्धँ' अर्द' ने १०. २०४ ||
गम् | भ्वा० अनिट् प० | ग' मॢँऽ [गतौ' ]१. ११३७ ||
गर्ज् | भ्वा० सेट् प० | गर्जँ शब्दे' १. २५८ ||
गर्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गर्जँऽ [शब्दे' ]१०. १७७ ||
गर्द् | भ्वा० सेट् प० | गर्दँ शब्दे' १. ५९ ||
गर्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गर्दँ शब्दे' १०. १७८ ||
गर्ध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गर्धँ अभिका' ङ्क्षायाम् १०. १७९ ||
गर्ब् | भ्वा० सेट् प० | गर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८८ ||
गर्व (गर्व्)| चु० सेट् आ० | गर्वँ' माने' १०. ४४९ ||
गर्व् | भ्वा० सेट् प० | गर्वँ दर्पे' १. ६६६ ||
गर्ह् | भ्वा० सेट् आ० | गर्हँ' ऽ [कु' त्साया' म्]१. ७२३ ||
गर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गर्हँ वि' निन्द' ने १०. ३८३ ||
गल् | भ्वा० सेट् प० | गलँ अद' ने (भक्ष' णे स्रा' वे च' )१. ६२७ ||
गल् | चु० सेट् आ० | गलँ' स्रव' णे १०. २२३ ||
गल्भ् | भ्वा० सेट् आ० | गल्भँ' धार्ष्ट्ये' १. ४५७ ||
गल्ह् | भ्वा० सेट् आ० | गल्हँ' कु' त्साया' म् १. ७२४ ||
गवेष (गवेष्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गवेषँ मार्ग' णे १०. ४२५ ||
गा | भ्वा० अनिट् आ० | गा' ङ् गतौ' १. ११०१ ||
गा | जु० अनिट् प० | गा' स्तुतौ' ३. २६ ||
गाध् | भ्वा० सेट् आ० | गाधृँ' प्रतिष्ठालि' प्सयो' र्ग्र' न्थे च' १. ४ ||
गाह् | भ्वा० सेट् आ० | गाहूँ' वि' लोड' ने १. ७३६ ||
गु | भ्वा० अनिट् आ० | गु' ङ् अव्य' क्ते' शब्दे' १. ११०० ||
गु | भ्वा० अनिट् आ० | गु' ङ्ऽ [शब्दे' ]१. ११०५ ||
गु | तु० अनिट् प० | गु' पुरीषोत्स' र्गे ६. १३४ ||
गुज् | भ्वा० सेट् प० | गुजँऽ [अव्य' क्ते' शब्दे' ]१. २३० ||
गुज् | तु० सेट् प० | गुजँ शब्दे' ६. ९६ ||
गुञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | गुजिँ अव्य' क्ते' शब्दे' १. २३१ ||
गुड् | तु० सेट् प० | गुडँ र' क्षाया' म् ६. ९७ ||
गुण (गुण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गुणँ चा' मन्त्र' णे १०. ४३६ ||
गुण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गुठिँ [[रक्ष' णे]वेष्ट' ने (च)| रक्ष' ण' इत्येके' ]इत्यप' रे १०. ७१ ||
गुण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गुडिँ [रक्ष' णे]वेष्ट' ने (च)| रक्ष' ण' इत्येके' १०. ६९ ||
गुद् | भ्वा० सेट् आ० | गुदँ' क्री' डाया' मे' व १. २४ ||
गुध् | दि० सेट् प० | गुधँ परि' वेष्ट' ने ४. १४ ||
गुध् | क्र्या० सेट् प० | गुधँ रोषे' ९. ५३ ||
गुप् | भ्वा० सेट् आ० | गुपँ' गोप' ने १. ११२५ ||
गुप् | भ्वा० सेट् प० | गुपूँ रक्ष' णे १. ४६१ ||
गुप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गुपँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३०२ ||
गुप् | दि० सेट् प० | गुपँ व्याकुल' त्वे ४. १४७ ||
गुफ् | तु० सेट् प० | गुफँऽ [ग्र' न्थे]६. ४२ ||
गुम्फ् | तु० सेट् प० | गुम्फँ ग्र' न्थे ६. ४३ ||
गुर् | तु० सेट् आ० | गुरीँ' उ' द्यम' ने ६. १३१ ||
गुर्द् | भ्वा० सेट् आ० | गुर्द' ऽ [क्री' डाया' मे' व (गुडक्री' डाया' मे' व)]१. २३ ||
गुर्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गुर्दँ पूर्वनिकेत' ने | नि' केत' ने इत्यन्ये १०. १८० ||
गुर्व् | भ्वा० सेट् प० | गुर्वीँ उ' द्यम' ने १. ६५५ ||
गुह् | भ्वा० सेट् उ० | गुहूँ' सं' वर' णे १. १०४३ ||
गूर् | चु० सेट् आ० | गूरँ' उ' द्यम' ने १०. २१७ ||
गूर् | दि० सेट् आ० | गूरीँ' हिंसाग' त्योः ४. ४९ ||
गूह् | भ्वा० सेट् आ० | गृहूँ' ग्रह' णे १. ७३७ ||
गृ | भ्वा० अनिट् प० | गृ' ऽ [सेच' ने]१. १०८७ ||
गृज् | भ्वा० सेट् प० | गृजँऽ [शब्दा' र्थः]| गजँ मद' ने च १. २८१ ||
गृञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | गृजिँऽ [शब्दा' र्थः]१. २८२ ||
गृध् | दि० सेट् प० | गृधुँ अभिका' ङ्क्षाया' म् ४. १६१ ||
गृह (गृह्)| चु० सेट् आ० | गृहँ' ग्रह' णे १०. ४४१ ||
गॄ | चु० सेट् आ० | गॄ वि' ज्ञाने' १०. २३१ ||
गॄ | तु० सेट् प० | गॄ नि' गर' णे ६. १४६ ||
गॄ | क्र्या० सेट् प० | गॄ शब्दे' ९. ३३ ||
गेप | भ्वा० सेट् आ० | गेपृँ' ऽ [[कम्प' ने]च]१. ४२७ ||
गेव् | भ्वा० सेट् आ० | गेवृँ' ऽ [सेव' ने]१. ५७५ ||
गेष् | भ्वा० सेट् आ० | गेषृँ' अन्वि' च्चाया' म् १. ६९८ ||
गै | भ्वा० अनिट् प० | गै' शब्दे' १. १०६५ ||
गोम (गोम्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| गोमँ उप' लेप' ने १०. ४१७ ||
गोष्ट् | भ्वा० सेट् आ० | गोष्टँ' ऽ [सङ्घा' ते]१. २९० ||
ग्रन्थ् | भ्वा० सेट् आ० | ग्रथिँ' कौटि' ल्ये १. ३६ ||
ग्रन्थ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ग्रन्थँ बन्ध' ने १०. ३६२ ||
ग्रन्थ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ग्रन्थँ सन्द' र्भे १०. ३७५ ||
ग्रन्थ् | क्र्या० सेट् प० | ग्रन्थँ सन्द' र्भे ९. ४९ ||
ग्रस् | भ्वा० सेट् आ० | ग्रसुँ' ऽ [अद' ने]१. ७१७ ||
ग्रस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ग्रसँ ग्रह' णे १०. २७९ ||
ग्रह् | क्र्या० सेट्० उ० | ग्रहँ' उपादा' ने ९. ७१ ||
ग्राम (ग्राम्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ग्रामँऽ [आ' मन्त्र' णे]१०. ४३४ ||
ग्रुच् | भ्वा० सेट् प० | ग्रुचुँऽ स्तेयकर' णे १. २२४ ||
ग्लस् | भ्वा० सेट् आ० | ग्लसुँ' अद' ने १. ७१८ ||
ग्लह् | भ्वा० सेट् आ० | ग्लहँ' [ग्रह' णे]च (अपादा' ने)१. ७३८ ||
ग्ला | ग्लाऽ [[अनु' पसर्गाद्वा]च][मित्]१. ९४५ ||
ग्लुच् | भ्वा० सेट् प० | ग्लुचुँऽ स्तेयकर' णे १. २२५ ||
ग्लुञ्च् | भ्वा० सेट् प० | ग्लुञ्चँऽ [गतौ' ]१. २२८ ||
ग्लेप् | भ्वा० सेट् आ० | ग्लेपृँ' च [कम्प' ने]१. ४२८ ||
ग्लेप् | भ्वा० सेट् आ० | ग्लेपृँ' दैन्ये' १. ४२४ ||
ग्लेव् | भ्वा० सेट् आ० | ग्लेवृँ' ऽ [सेव' ने]१. ५७६ ||
ग्लेष् | भ्वा० सेट् आ० | ग्लेषृँ [अन्वि' च्चाया' म्]इत्येके' १. ६९९ ||
ग्लै | भ्वा० अनिट् प० | ग्लै' ऽ [हर्षक्ष' ये]१. १०५१ ||
ग्लै | भ्वा० सेट् प० | ग्लाऽ [[अनु' पसर्गाद्वा]च][मित्]१. ९४५ ||
घग्घ् | भ्वा० सेट् प० | घग्घँ [हस' ने]इत्येके' १. १८० ||
घघ् | भ्वा० सेट् प० | घघँ हस' ने १. १७९ ||
घट् | भ्वा० सेट् आ० | घटँ' (म्)चे' ष्टाया' म् १. ८६७ ||
घट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| घटँ सङ्घा' ते | हन्त्य' र्थाश्च १०. २४८ ||
घट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| घटँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९७ ||
घट्ट् | भ्वा० सेट् आ० | घट्टँ' चल' ने १. २९२ ||
घट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| घट्टँ चल' ने १०. १२५ ||
घण्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| घटिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९८ ||
घष् | भ्वा० सेट् आ० | घषँ' [कान्तिकर' णे]इति' केचि' त् १. ७४० ||
घस् | भ्वा० सेट् प० | घसॢँ अद' ने १. ८१२ ||
घिण्ण् | भ्वा० सेट् आ० | घिणिँ' ऽ [ग्रह' णे]१. ५०२ ||
घुंष् | भ्वा० सेट् आ० | घुषिँ' कान्तिकर' णे १. ७३९ ||
घु | भ्वा० अनिट् आ० | घु' ङ्ऽ [शब्दे' ]१. ११०६ ||
घुट् | भ्वा० सेट् आ० | घुटँ' परि' वर्त' ने १. ८४८ ||
घुट् | तु० सेट् प० | घुटँ प्रतिघा' ते ६. ११५ ||
घुण् | भ्वा० सेट् आ० | घुणँ' ऽ [भ्रम' णे]१. ५०५ ||
घुण् | तु० सेट् प० | घुणँऽ [भ्रम' णे]६. ६४ ||
घुण्ण् | भ्वा० सेट् आ० | घुणिँ' ऽ [ग्रह' णे]१. ५०३ ||
घुर् | तु० सेट् प० | घुरँ भीमार्थश' ब्दयोः' ६. ७१ ||
घुष् | भ्वा० सेट् प० | घुषिँर् अवि' शब्दने | शब्द' इत्य' न्ये पे' ठुः १. ७४१ ||
घुष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| घुषिँर् वि' शब्द' ने १०. २५१ ||
घूर् | दि० सेट् आ० | घूरी' ऽ [हिंसावयोह' न्योः]४. ५० ||
घूर्ण् | भ्वा० सेट् आ० | घूर्णँ' भ्रम' णे १. ५०६ ||
घूर्ण् | तु० सेट् प० | घूर्णँ भ्रम' णे ६. ६५ ||
घृ | भ्वा० अनिट् प० | घृ' सेच' ने १. १०८८ ||
घृ | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| घृ प्र' स्रव' णे | स्राव' ण' इत्येके' १०. १५२ ||
घृ | जु० अनिट् प० | घृ' क्षरणदी' प्त्योः ३. १५ ||
घृण् | त० सेट् उ० | घृणुँ' दीप्तौ' ८. ७ ||
घृण्ण् | भ्वा० सेट् आ० | घृणिँ' ग्रह' णे १. ५०४ ||
घृष् | भ्वा० सेट् प० | घृषुँ सङ्घ' र्षे १. ८०५ ||
घ्रा | भ्वा० अनिट् प० | घ्रा' गन्धोपादाने (घ्रा' णे)१. १०७५ ||
घ्राघ् | भ्वा० सेट् आ० | ध्राघृँ' [साम' र्थ्ये]इत्यपि' केचित् १. १२१ ||
ङु | भ्वा० अनिट् आ० | ङुङ् शब्दे' १. ११०७ ||
चकास् | अ० सेट् प० | चकासृँ दीप्तौ' २. ६९ ||
चक् | भ्वा० सेट् आ० | चकँ' तृप्तौ' प्रतिघा' ते च' १. ९८ ||
चक् | भ्वा० सेट् प० | चकँ(म्)तृप्तौ' १. ८९२ ||
चक्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चक्कँऽ [व्यथ' ने]१०. ८४ ||
चक्ष् | अ० अनिट् आ० | च' क्षिँ' ङ् व्य' क्तायां वा' चि | अ' यं दर्श' नेऽपि' २. ७ ||
चञ्च् | भ्वा० सेट् प० | चञ्चुँऽ [गत्य' र्थः]१. २१७ ||
चट् | भ्वा० सेट् प० | चटेँ [वर्षावर' णयोः' ]इत्येके' १. ३३१ ||
चट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चटँऽ [भेद' ने]१०. २४६ ||
चण् | भ्वा० सेट् प० | चणँ(म्)ऽ [[गतौ' ]दा' ने च' ]१. ९०५ ||
चण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | चडिँ' कोपे' १. ३१२ ||
चण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चडिँ कोपे' | चण्ड' इत्य' न्ये १०. ७५ ||
चत् | भ्वा० सेट् उ० | चतेँ' ऽ [[परि' भाष' णे]याच' ने (च)]१. १००३ ||
चद् | भ्वा० सेट् उ० | चदेँ' [परि' भाष' णे]याच' ने (च)१. १००४ ||
चन् | भ्वा० सेट् प० | चनँ(म्)च [हिं' सार्थः' ]१. ९१४ ||
चन् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चनँ श्रद्धोपहन' नयो' रित्येके' १०. ३७८ ||
चन्द् | भ्वा० सेट् प० | चदिँ आह्ला' दे दीप्तौ' च १. ७१ ||
चप् | भ्वा० सेट् प० | चपँ सान्त्व' ने १. ४६५ ||
चप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चपँ(म्)[परि' कल्प' ने]इत्येके' १०. १२१ ||
चम् | [न]|अचमा' म् [मित्]१. ९५१ ||
चम् | भ्वा० सेट् प० | चमुँऽ [अद' ने]१. ५४० ||
चम् | स्वा० सेट् प० | चमुँ भक्ष' णे ५. ३१ ||
चम्प् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चपिँ गत्या' म् १०. १११ ||
चय् | भ्वा० सेट् आ० | चयँ' ऽ [गतौ' ]१. ५५० ||
चर् | भ्वा० सेट् प० | चरँ गत्य' र्थाः | चर' ति' र्भक्ष' ण' र्थोऽपिँ' (चरँ भक्ष' णे च)(चर' ति' र्भक्ष' णेऽपि' )१. ६४० ||
चर् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चरँ संश' ये १०. २७४ ||
चर्च् | भ्वा० सेट् प० | चर्चँऽ [परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' ]१. ८१४ ||
चर्च् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चर्चँ अ' ध्यय' ने १०. २३७ ||
चर्च् | तु० सेट् प० | चर्चँऽ [परिभाषणभर्त्स' नयोः' ]६. १९ ||
चर्ब् | भ्वा० सेट् प० | चर्बँ गतौ' | चर्बँ अद' ने च १. ४९१ ||
चर्व् | भ्वा० सेट् प० | चर्वँ अद' ने १. ६६० ||
चल् | भ्वा० सेट् प० | चलँ कम्प' ने १. ९६६ ||
चल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चलँ भृतौ' १०. ९७ ||
चल् | तु० सेट् प० | चलँ वि' लस' ने ६. ८३ ||
चल् | कम्प' ने चलिः [मित्]१. ९२४ ||
चष् | भ्वा० सेट् उ० | चषँ' भक्ष' णे १. १०३४ ||
चह (चह्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चहँ परि' कल्क' ने १०. ४०५ ||
चह् | भ्वा० सेट् प० | चहँ परि' कल्क' ने १. ८३० ||
चह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चहँ(म्)परि' कल्प' ने १०. १२० ||
चाय् | भ्वा० सेट् उ० | चायृँ' पूजानिशाम' नयोः' १. १०२३ ||
चि | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चिऽ (जुचिँ जिविँ)[[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२५ ||
चि | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चिञ्(म्)चय' ने १०. १२४ ||
चि | स्वा० अनिट् उ० | चि' ञ् चय' ने ५. ५ ||
चिट् | भ्वा० सेट् प० | चिटँ परप्रै' ष्ये (परप्रे' ष्ये)१. ३५३ ||
चित् | भ्वा० सेट् प० | चितीँ स' ञ्ज्ञाने' १. ३९ ||
चित् | चु० सेट् आ० | चितँ' स' ञ्चेत' ने १०. १९२ ||
चित्र (चित्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चित्रँ चित्री' कर' णे | क' दाचि' द्दर्श' ने १०. ४५९ ||
चिन्त् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चितिँ स्मृत्या' म् १०. २ ||
चिरि | स्वा० सेट् प० | चिरिऽ [हिं' साया' म्]५. ३४ ||
चिल् | तु० सेट् प० | चिलँ वस' ने ६. ८२ ||
चिल्ल् | भ्वा० सेट् प० | चिल्लँ शैथि' ल्ये भावकर' णे च' १. ६११ ||
चीक् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चीकँ [आ' मर्ष' णे]च १०. ३६४ ||
चीब् | भ्वा० सेट् उ० | चीबृँ' [आदानसंवर' णयोः' ]इत्येके १. १०२२ ||
चीब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चीवँऽ (चीबँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०५ ||
चीभ् | भ्वा० सेट् आ० | चीभृँ' च [कत्थ' ने]१. ४४६ ||
चीव् | भ्वा० सेट् उ० | चीवृँ' आदानसंवर' णयोः' १. १०२१ ||
चीव् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चीवँऽ (चीबँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०५ ||
चुक्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुक्कँ व्यथ' ने १०. ८५ ||
चुच्य् | भ्वा० सेट् प० | चुच्यँ [अभिष' वे]इत्येके' १. ५९१ ||
चुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुटँ चेद' ने १०. १०३ ||
चुट् | तु० सेट् प० | चुटँऽ [चेद' ने]६. १०४ ||
चुट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुट्टँ अल्पीभा' वे १०. ३६ ||
चुड् | तु० सेट् प० | चुडँऽ [सं' वर' णे]६. १२६ ||
चुड्ड् | भ्वा० सेट् प० | चुड्डँ (चुद्डँ)भावकर' णे १. ४०२ ||
चुण्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुटिँ चेद' ने १०. १६४ ||
चुण्ड् | भ्वा० सेट् प० | चुडिँ अल्पीभा' वे १. ३६८ ||
चुद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुदँ स' ञ्चोद' ने १०. ८१ ||
चुद्ड् | भ्वा० सेट् प० | चुड्डँ (चुद्डँ)भावकर' णे १. ४०२ ||
चुप् | भ्वा० सेट् प० | चुपँ म' न्दायां' गतौ' १. ४६९ ||
चुम्ब् | भ्वा० सेट् प० | चुबिँ वक्त्रसंयो' गे १. ४९५ ||
चुम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुबिँ हिं' साया' म् १०. १३० ||
चुर् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुरँ स्तेये' १०. १ ||
चुल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चुलँ समुच्च्रा' ये १०. ९१ ||
चुल्ल् | भ्वा० सेट् प० | चुल्लँ भावकर' णे १. ६०९ ||
चूर् | दि० सेट् आ० | चूरीँ' दाः' ए ४. ५३ ||
चूर्ण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चूर्णँ प्रेर' णे १०. २६ ||
चूर्ण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चूर्णँ स' ङ्कोच' ने १०. १४३ ||
चूष् | भ्वा० सेट् प० | चूषँ पाने' १. ७६७ ||
चृत् | तु० सेट् प० | चृतीँ हिंसाग्रन्थ' नयोः' ६. ४९ ||
चृप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चृपँऽ [स' न्दीप' ने (इत्येके' )]१०. ३५३ ||
चेल् | भ्वा० सेट् प० | चेलृँऽ [चल' ने]१. ६१५ ||
चेष्ट् | भ्वा० सेट् आ० | चेष्टँ' चे' ष्टाया' म् १. २८९ ||
च्यु | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| च्यु हस' ने' | सह' ने' चेत्येके' १०. २७५ ||
च्युत् | भ्वा० सेट् प० | च्युतिँर् आ' सेच' ने १. ४० ||
चञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चजिँ [कृच्च्रजीव' ने]इत्येके' १०. ११४ ||
चद (चद्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चदँ अप' वार' णे १०. ४८१ ||
चद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चदँ अप' वार' णे १०. ३७० ||
चद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चदँ सं' वर' णे १०. ३५९ ||
चद् | चदिर् ऊर्ज' ने [मित्]१. ९२५ ||
चन्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चदिँ सं' वर' णे १०. ६२ ||
चम् | भ्वा० सेट् प० | चमुँऽ [अद' ने]१. ५४१ ||
चर्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चर्द (चृदँ)वम' ने १०. ७८ ||
चष् | भ्वा० सेट् उ० | चषँ' हिं' साया' म् १. १०३५ ||
चिद् | रु० अनिट् उ० | चि' दिँ' र् द्वैधी' कर' णे ७. ३ ||
चिद्र (चिद्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चिद्रँ कर्णभेद' ने | करणभेद' न इत्येके' १०. ४६९ ||
चुट् | तु० सेट् प० | चुटँ चेद' ने ६. १०५ ||
चुड् | तु० सेट् प० | चुडँ [सं' वर' णे]इत्येके' ६. १२० ||
चुप् | तु० अनिट् प० | चु' पँ स्प' र्शे ६. १५४ ||
चुर् | तु० सेट् प० | चुरँ चेद' ने ६. ९९ ||
चृद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चृदीँ स' न्दीप' ने १०. ३५२ ||
चृद् | रु० सेट् उ० | उँचृदिँ' र् दीप्तिदेव' नयोः' ७. ८ ||
चृप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चृपँऽ [स' न्दीप' ने (इत्येके' )]१०. ३५४ ||
चेद (चेद्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चेदँ द्वैधी' कर' णे १०. ४८० ||
चो | दि० अनिट् प० | चो' चेद' ने ४. ४१ ||
जंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जसिँ रक्ष' णे | मोक्ष' ण' इत्येके' १०. १८२ ||
जक्ष् | अ० सेट् प० | जक्षँ भक्ष्यहस' नयोः' २. ६६ ||
जज् | भ्वा० सेट् प० | जजँऽ [यु' द्धे]१. २७५ ||
जञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | जजिँ यु' द्धे १. २७६ ||
जट् | भ्वा० सेट् प० | जटँऽ [सङ्घा' ते]१. ३४२ ||
जन् | जु० सेट् प० | जनँ जन' ने ३. २५ ||
जन् | दि० सेट् आ० | जनीँ' प्रादुर्भा' वे ४. ४४ ||
जन् | जनीँऽ [मित्]१. ९३७ ||
जप् | भ्वा० सेट् प० | जपँऽ [व्य' क्तायां वा' चि]| जपँ मान' से च' १. ४६३ ||
जभ् | भ्वा० सेट् आ० | जभीँ' ऽ [गात्रविना' मे]१. ४५३ ||
जम् | भ्वा० सेट् प० | जमुँऽ [अद' ने]१. ५४२ ||
जम्भ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जभिँ नाश' ने १०. २४१ ||
जर्च् | भ्वा० सेट् प० | जर्त्सँऽ (जर्जँऽ जर्चँऽ)[परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' ]१. ८१३ ||
जर्ज् | भ्वा० सेट् प० | जर्त्सँऽ (जर्जँऽ जर्चँऽ)[परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' ]१. ८१३ ||
जर्ज् | तु० सेट् प० | जर्जँऽ [परिभाषणभर्त्स' नयोः' ]६. १८ ||
जर्त्स् | भ्वा० सेट् प० | जर्त्सँऽ (जर्जँऽ जर्चँऽ)[परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' ]१. ८१३ ||
जल् | भ्वा० सेट् प० | जलँ घात' ने १. ९६७ ||
जल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जलँ अप' वार' णे १०. १५ ||
जल्प् | भ्वा० सेट् प० | जल्पँ व्य' क्तायां वा' चि १. ४६४ ||
जष् | भ्वा० सेट् प० | जषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८४ ||
जस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जसुँ ताड' ने १०. २४३ ||
जस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जसुँ हिं' साया' म् १०. १८४ ||
जस् | दि० सेट् प० | जसुँ मोक्ष' ने ४. १०८ ||
जागृ | अ० सेट् प० | जागृ निद्राक्ष' ये २. ६७ ||
जि | भ्वा० अनिट् प० | जिँ' ज' ये १. ६४२ ||
जि | भ्वा० अनिट् प० | जि' ऽ [अभिभ' वे]१. १०९६ ||
जि | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जिऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२४ ||
जिन्व् | भ्वा० सेट् प० | जिविँ प्रीण' नार्थाः १. ६७८ ||
जिन्व् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चिऽ (जुचिँ जिविँ)[[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२५ ||
जिम् | भ्वा० सेट् प० | जिमुँ [अद' ने]इति' केचि' त् १. ५४४ ||
जिरि | स्वा० सेट् प० | जिरिऽ [हिं' साया' म्]५. ३५ ||
जिष् | भ्वा० सेट् प० | जिषुँऽ [सेच' ने]१. ७९३ ||
जीव् | भ्वा० सेट् प० | जीवँ प्राणधार' णे १. ६४३ ||
जु | भ्वा० अनिट् आ० | जु' ङ्ऽ [गतौ' ]१. १११० ||
जु | भ्वा० अनिट् प० | जु' इति' सौ' त्रो धातुः' गत्य' र्थः १. १०९८ ||
जुङ्ग्? | भ्वा० सेट् प० | जुगिँऽ [वर्ज' ने]१. १७६ ||
जुञ्च् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| चिऽ (जुचिँ जिविँ)[[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२५ ||
जुट् | तु० सेट् प० | जुटँ [बन्ध' ने]इत्येके' ६. १०७ ||
जुड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जुडँ प्रेर' णे १०. १४८ ||
जुड् | तु० सेट् प० | जुडँ गतौ' ६. ५१ ||
जुड् | तु० सेट् प० | जुडँ बन्ध' ने ६. १०६ ||
जुत् | भ्वा० सेट् आ० | जुतृँ' भास' णे १. ३२ ||
जुन् | तु० सेट् प० | जुनँ [गतौ' ]इत्येके' ६. ५२ ||
जुष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जुषँ परि' तर्क' ने | परि' तर्प' ण' इत्य' न्ये १०. ३७१ ||
जुष् | तु० सेट् आ० | जुषीँ' प्रीतिसेव' नयोः' ६. ८ ||
जूर् | दि० सेट् आ० | जूरीँ' हिंसावयोह' न्योः ४. ५१ ||
जूष् | भ्वा० सेट् प० | जूषँ च [हिं' साया' म्]१. ७७६ ||
जृम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | जृभिँ' गात्रविना' मे १. ४५४ ||
जॄ | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| जॄ वयोहा' नौ १०. ३४६ ||
जॄ | दि० सेट् प० | जॄष्ऽ [वयोहा' नौ]४. २५ ||
जॄ | क्र्या० सेट् प० | जॄ वयोहा' नौ ९. २७ ||
जॄ | जॄष्ऽ [मित्]१. ९३८ ||
जेष् | भ्वा० सेट् आ० | जेषृँ' ऽ [गतौ' ]१. ७०३ ||
जेह् | भ्वा० सेट् आ० | जेहृँ' ऽ [प्रय' त्ने]जेहृँ' गता' वपि १. ७३१ ||
जै | भ्वा० अनिट् प० | जै' ऽ [क्ष' ये]१. १०६२ ||
ज्ञप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ज्ञपँ(म्)[ज्ञपँ]ज्ञानज्ञापनमारणतोषणनिशाननिशाम' नेषु' १०. ११८ ||
ज्ञा | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ज्ञा नियो' गे १०. २५८ ||
ज्ञा | क्र्या० अनिट् प० | ज्ञा' अव' बोध' ने ९. ४३ ||
ज्ञा | मारणतोषणनिशाम' नेषु' ज्ञा [मित्]| मारणतोषणनिशा' नेष्विति' पाठान्त' रम् १. ९२३ ||
ज्या | क्र्या० अनिट् प० | ज्या' वयोहा' नौ ९. ३४ ||
ज्यु | भ्वा० अनिट् आ० | ज्यु' ङ्ऽ [गतौ' ]१. ११०९ ||
ज्युत् | भ्वा० सेट् प० | ज्युतिँर् भास' ने १. ४३ ||
ज्रि | भ्वा० अनिट् प० | ज्रि' अभिभ' वे १. १०९७ ||
ज्रि | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ज्रि [वयोहा' नौ]च १०. ३४७ ||
ज्वर् | भ्वा० सेट् प० | ज्वरँ(म्)रोगे' १. ८८५ ||
ज्वल् | भ्वा० सेट् प० | ज्वलँ दीप्तौ' १. ९६५ ||
ज्वल् | भ्वा० सेट् प० | ज्वलँ(म्)दीप्तौ' १. ९१६ ||
ज्वल् | ज्वलँऽ [अनु' पसर्गाद्वा][मित्]१. ९४१ ||
झट् | भ्वा० सेट् प० | झटँ सङ्घा' ते १. ३४३ ||
झम् | भ्वा० सेट् प० | झमुँ अद' ने १. ५४३ ||
झर्ज् | भ्वा० सेट् प० | झर्त्सँ (झर्झँ झर्जँ)परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' १. ८१५ ||
झर्झ् | भ्वा० सेट् प० | झर्त्सँ (झर्झँ झर्जँ)परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' १. ८१५ ||
झर्झ् | तु० सेट् प० | झर्झँ परिभाषणभर्त्स' नयोः' ६. २० ||
झर्त्स् | भ्वा० सेट् प० | झर्त्सँ (झर्झँ झर्जँ)परिभाषणहिंसातर्ज' नेषु' १. ८१५ ||
झष् | भ्वा० सेट् उ० | झषँ' आदानसंवर' णयोः' १. १०३६ ||
झष् | भ्वा० सेट् प० | झषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८५ ||
झॄ | दि० सेट् प० | झॄष् वयोहा' नौ ४. २६ ||
झॄ | क्र्या० सेट् प० | झॄ [वयोहा' नौ]इत्येके' ९. २८ ||
टङ्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| टकिँ बन्ध' ने १०. १३५ ||
टल् | भ्वा० सेट् प० | टलँऽ [वैक' ल्ये]१. ९६८ ||
टिक् | भ्वा० सेट् आ० | टिकृँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०८ ||
टीक् | भ्वा० सेट् आ० | टीकृँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०९ ||
ट्वल् | भ्वा० सेट् प० | ट्वलँ वैक' ल्ये १. ९६९ ||
डप् | चु० सेट् आ० | डपँ' ऽ [सङ्घा' ते]१०. १९६ ||
डिप् | चु० सेट् आ० | डिपँ' सङ्घा' ते १०. १९७ ||
डिप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| डिपँ क्षेपे' १०. १८९ ||
डिप् | दि० सेट् प० | डिपँ क्षेपे' ४. १४५ ||
डिप् | तु० सेट् प० | डिपँ क्षेपे' ६. ९८ ||
डी | भ्वा० सेट् आ० | डीङ् विहा' यसा' गतौ' १. ११२३ ||
डी | दि० अनिट् आ० | (ओँ)डी' ङ् विहा' यसा' गतौ' ४. ३० ||
ढौक् | भ्वा० सेट् आ० | ढौकृँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०३ ||
तंस् | भ्वा० सेट् प० | तसिँ अलङ्का' रे १. ७७८ ||
तंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तसिँऽ [अलङ्का' रे]१०. २५४ ||
तक् | भ्वा० सेट् प० | तकँ हस' ने १. १२४ ||
तक्ष् | भ्वा० सेट् प० | तक्षँ त्वच' ने १. ७५६ ||
तक्ष् | भ्वा० सेट् प० | तक्षूँऽ [तनू' कर' णे]१. ७४३ ||
तङ्क् | भ्वा० सेट् प० | तकिँ कृच्च्रजीव' ने १. १२५ ||
तङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | तगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५८ ||
तञ्च् | भ्वा० सेट् प० | तञ्चुँऽ [गत्य' र्थः]१. २१८ ||
तञ्च् | रु० सेट् प० | तञ्चूँ स' ङ्कोच' ने ७. २२ ||
तट् | भ्वा० सेट् प० | तटँ उच्च्रा' ये १. ३४५ ||
तड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तडँ आघा' ते १०. ६४ ||
तण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | तडिँ' ताड' ने १. ३१४ ||
तण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तडँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३३२ ||
तन् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तनुँ श्रद्धोपकर' णयोः | उपस' र्गाच्च' दैर्घ्ये' १०. ३७७ ||
तन् | त० सेट् उ० | तनुँ' विस्ता' रे ८. १ ||
तन्त्र् | चु० सेट् आ० | तत्रिँ' कुटुम्बधार' णे १०. १९८ ||
तप् | भ्वा० अनिट् प० | त' पँ सन्ता' पे १. ११४० ||
तप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तपँ दाः' ए १०. ३५० ||
तप् | दि० अनिट् आ० | त' पँ' [दाः' ए]ऐश्वे' र्ये वा ४. ५४ ||
तम् | दि० सेट् प० | तमुँ का' ङ्क्षाया' म् ४. ९९ ||
तय् | भ्वा० सेट् आ० | तयँ' ऽ [गतौ' ]१. ५५१ ||
तर्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तर्कँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३११ ||
तर्ज् | भ्वा० सेट् प० | तर्जँ भर्त्स' ने १. २५९ ||
तर्ज् | चु० सेट् आ० | तर्जँ' ऽ [स' न्तर्ज' ने (तर्ज' ने)]१०. २०१ ||
तर्द् | भ्वा० सेट् प० | तर्दँ हिं' साया' म् १. ६० ||
तल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तलँ प्रति' ष्ठाया' म् १०. ८७ ||
तस् | दि० सेट् प० | तसुँ उपक्ष' ये ४. १०९ ||
ताय् | भ्वा० सेट् आ० | तायृँ' सन्तानपाल' नयोः' १. ५६२ ||
तिक् | भ्वा० सेट् आ० | तिकृँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. ११० ||
तिक् | स्वा० सेट् प० | तिकँऽ [[आ' स्कन्द' ने]गतौ' च]५. २२ ||
तिग् | स्वा० सेट् प० | तिगँ [आ' स्कन्द' ने]गतौ' च ५. २३ ||
तिज् | भ्वा० सेट् आ० | तिजँ' नि' शाने' १. ११२६ ||
तिज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तिजँ नि' शाने' (नि' शात' ने)१०. १५४ ||
तिप् | भ्वा० अनिट् आ० | ति' पृँ' ऽ [क्षर' णार्थः]१. ४२० ||
तिम् | दि० सेट् प० | तिमँऽ [आर्द्रीभा' वे]४. १७ ||
तिल् | भ्वा० सेट् प० | तिलँ गतौ' १. ६१२ ||
तिल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तिलँ स्नेह' ने १०. ९६ ||
तिल् | तु० सेट् प० | तिलँ स्नेह' ने (स्नेहे' )६. ८१ ||
तिल्ल् | भ्वा० सेट् प० | तिल्लँ [गतौ' ]इत्येके' १. ६१३ ||
तीक् | भ्वा० सेट् आ० | तीकृँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १११ ||
तीम् | दि० सेट् प० | तीमँऽ [आर्द्रीभा' वे]४. १८ ||
तीर (तीर्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तीरँ कर्मसमा' प्तौ १०. ४५४ ||
तीव् | भ्वा० सेट् प० | तीवँऽ [स्थौल्ये' ]१. ६४६ ||
तु | अ० सेट् (अनिट्)प० | तु (तु' )गतिवृद्धिहिं' सासु' (वृद्ध्य' र्थः)| इति' सौ' त्रो धातुः' २. २९ ||
तुज् | भ्वा० सेट् प० | तुजँ हिं' साया' म् १. २७७ ||
तुज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तुजँऽ [हिंसाबलादाननिकेत' नेषु' ]१०. ४४ ||
तुञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | तुजिँ पाल' ने १. २७८ ||
तुञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तुजिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८५ ||
तुञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तुजिँऽ [हिंसाबलादाननिकेत' नेषु' ]१०. ४५ ||
तुट् | तु० सेट् प० | तुटँ कलहक' र्मणि' ६. १०३ ||
तुड् | भ्वा० सेट् प० | तुडृँ तोड' ने १. ४०६ ||
तुड् | तु० सेट् प० | तुडँ तोड' ने ६. ११६ ||
तुण् | तु० सेट् प० | तुणँ कौटि' ल्ये ६. ५८ ||
तुण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | तुडिँ' तोड' ने १. ३०९ ||
तुण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| (तुडिँऽ [प्रेर' णे])१०. १६६ ||
तुत्थ (तुत्थ्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तुत्थँ आ' वर' णे १०. ४८९ ||
तुद् | तु० अनिट् उ० | तु' दँ' व्यथ' ने ६. १ ||
तुप् | भ्वा० सेट् प० | तुपँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७० ||
तुप् | तु० सेट् प० | तुपँऽ [हिं' साया' म्]६. ३२ ||
तुफ् | भ्वा० सेट् प० | तुफँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७४ ||
तुफ् | तु० सेट् प० | तुफँऽ [हिं' साया' म्]६. ३४ ||
तुभ् | भ्वा० सेट् आ० | तुभँ' हिं' साया' म् १. ८५६ ||
तुभ् | दि० सेट् प० | तुभँ हिं' साया' म् ४. १५६ ||
तुभ् | क्र्या० सेट् प० | तुभँ हिं' साया' म् ९. ५७ ||
तुम्प् | भ्वा० सेट् प० | तुम्पँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७१ ||
तुम्प् | तु० सेट् प० | तुम्पँऽ [हिं' साया' म्]६. ३३ ||
तुम्फ् | भ्वा० सेट् प० | तुम्फँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७५ ||
तुम्फ् | तु० सेट् प० | तुम्फँ हिं' साया' म् ६. ३५ ||
तुम्ब् | भ्वा० सेट् प० | तुबिँ अर्द' ने १. ४९४ ||
तुम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तुबिँ अद' र्शने | अर्द' न' इत्येके' १०. १६० ||
तुर् | जु० सेट् प० | तुरँ त्वर' णे ३. २२ ||
तुर्व् | भ्वा० सेट् प० | तुर्वीऽ [हिं' सार्थः' ]१. ६५१ ||
तुल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तुलँ उ' न्माने' १०. ८८ ||
तुष् | दि० अनिट् प० | तु' षँ प्रीतौ' ४. ८१ ||
तुस् | भ्वा० सेट् प० | तुसँऽ [शब्दे' ]१. ८०७ ||
तुह् | भ्वा० सेट् प० | तुहिँर्ऽ [अर्द' ने]१. ८३८ ||
तूड् | भ्वा० सेट् प० | तूडृँ [तोड' ने]इत्येके' १. ४०७ ||
तूण् | चु० सेट् आ० | तूणँ' पूर' णे १०. २१२ ||
तूर् | दि० सेट् आ० | तूरीँ' गतित्वरणहिंस' नयोः' ४. ४७ ||
तूल् | भ्वा० सेट् प० | तूलँ निष्क' र्षे १. ६०५ ||
तूष् | भ्वा० सेट् प० | तूषँ तुष्टौ' १. ७६८ ||
तृंह् | तु० सेट् प० | तृंहूँ हिं' सार्थाः' ६. ७७ ||
तृक्ष् | भ्वा० सेट् प० | तृक्षँऽ [गतौ' ]१. ७५० ||
तृण् | त० सेट् उ० | तृणुँ' अद' ने ८. ६ ||
तृद् | रु० सेट् उ० | उँतृदिँ' र् हिंसानाद' रयोः' ७. ९ ||
तृप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तृपँ तृप्तौ' | स' न्दीप' न' इत्येके' १०. ३५१ ||
तृप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| तृपँऽ [स' न्दीप' ने (इत्येके' )]१०. ३५५ ||
तृप् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | तृ' पँ प्रीण' ने ४. ९२ ||
तृप् | स्वा० सेट् प० | तृपँ प्रीण' न इत्येके' ५. २८ ||
तृप् | तु० सेट् प० | तृपँऽ [तृप्तौ' ]६. २८ ||
तृफ् | तु० सेट् प० | तृफँऽ [[तृप्तौ' ]इत्येके' ]६. ३० ||
तृम्प् | तु० सेट् प० | तृम्पँऽ तृप्तौ' ६. २९ ||
तृम्फ् | तु० सेट् प० | तृम्फँ [तृप्तौ' ]इत्येके' ६. ३१ ||
तृष् | दि० सेट् प० | ञितृषँ (ञितृषाँ)पिपा' साया' म् ४. १४१ ||
तृह् | तु० सेट् प० | तृहूँऽ [हिं' सार्थः' ]६. ७५ ||
तृह् | रु० सेट् प० | तृहँ हिं' साया' म् ७. १८ ||
तॄ | भ्वा० सेट् प० | तॄ प्लवनतर' णयोः' १. ११२४ ||
तेज् | भ्वा० सेट् प० | तेजँ पाल' ने १. २६३ ||
तेप् | भ्वा० सेट् आ० | तेपृँ' ऽ [क्षर' णार्थः]| तेपृँ' कम्प' ने च १. ४२१ ||
तेव् | भ्वा० सेट् आ० | तेवृँ' ऽ [देव' ने]१. ५७२ ||
त्यज् | भ्वा० अनिट् प० | त्य' जँ हानौ' १. ११४१ ||
त्रंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| त्रसिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९२ ||
त्रक्ष् | भ्वा० सेट् प० | त्रक्षँऽ [गतौ' ]१. ७४८ ||
त्रख् | भ्वा० सेट् प० | त्रखँऽ [गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १७२ ||
त्रङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | त्रकिँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०२ ||
त्रङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | त्रगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १६० ||
त्रन्द् | भ्वा० सेट् प० | त्रदिँ चे' ष्टाया' म् १. ७२ ||
त्रप् | भ्वा० सेट् आ० | त्रपूँ' ष् ल' ज्जाया' म् १. ४३४ ||
त्रप् | भ्वा० सेट् प० | त्रपिऽ [मित्][इति भोजः' ]१. ९३४ ||
त्रस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| त्रसँ धार' णे | ग्रह' ण' इत्येके' | वार' ण' इत्य' न्ये (धारणग्रहणवार' णेषु' )१०. २६९ ||
त्रस् | दि० सेट् प० | त्रसीँ उद्वे' गे ४. ११ ||
त्रिङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | त्रिखिँऽ [गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १७३ ||
त्रुट् | चु० सेट् आ० | त्रुटँ' चेद' ने १०. २२१ ||
त्रुट् | तु० सेट् प० | त्रुटँ चेद' ने ६. १०२ ||
त्रुप् | भ्वा० सेट् प० | त्रुपँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७२ ||
त्रुफ् | भ्वा० सेट् प० | त्रुफँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७६ ||
त्रुम्प् | भ्वा० सेट् प० | त्रुम्पँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ४७३ ||
त्रुम्फ् | भ्वा० सेट् प० | त्रुम्फँ हिं' सार्थाः' १. ४७७ ||
त्रै | भ्वा० अनिट् आ० | त्रै' ङ् पाल' ने १. ११२० ||
त्रौक् | भ्वा० सेट् आ० | त्रौकृँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०४ ||
त्वक्ष् | भ्वा० सेट् प० | त्वक्षूँ तनू' कर' णे १. ७४४ ||
त्वङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | त्वगिँऽ [गत्य' र्थः]| त्वगिँ कम्प' ने च १. १५९ ||
त्वच् | तु० सेट् प० | त्वचँ सं' वर' णे ६. २१ ||
त्वञ्च् | भ्वा० सेट् प० | त्वञ्चुँऽ [गत्य' र्थः]१. २१९ ||
त्वर् | भ्वा० सेट् आ० | ञित्वराँ' (म्)सम्भ्र' मे १. ८८४ ||
त्विष् | भ्वा० अनिट् उ० | त्वि' षँ' दीप्तौ' १. ११५६ ||
त्सर् | भ्वा० सेट् प० | त्सरँ चद्मग' तौ १. ६३५ ||
थङ्क् | भ्वा० सेट् प० | (थकिँऽ)[गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १६७ ||
थुड् | तु० सेट् प० | थुडँऽ [सं' वर' णे]६. ११७ ||
थुर्व् | भ्वा० सेट् प० | थुर्वीऽ [हिं' सार्थः' ]१. ६५२ ||
दंश् | भ्वा० अनिट् प० | दं' शँ दश' ने १. ११४४ ||
दंश् | चु० सेट् आ० | दशिँ' दंश' ने (दर्शनदंश' नयोः' )१०. १९३ ||
दंश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दशिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९५ ||
दंस् | चु० सेट् आ० | दसिँ' दर्शनदंश' नयोः' १०. १९४ ||
दंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दसिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३१७ ||
दक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | दक्षँ' वृद्धौ' शी' घ्रार्थे' च १. ६९२ ||
दक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | दक्षँ' (म्)गतिहिंस' नयोः' (गतिशास' नयोः' )(वृद्धौ' शीघ्रा' र्थे च' )१. ८७४ ||
दघ् | स्वा० सेट् प० | दघँ घात' ने' पाल' ने च ५. ३० ||
दङ्घ् | भ्वा० सेट् प० | दघिँ पाल' ने १. १८१ ||
दण्ड (दण्ड्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दण्डँ दण्डनिपा' ते १०. ४७२ ||
दद् | भ्वा० सेट् आ० | ददँ' दा' ने १. १७ ||
दध् | भ्वा० सेट् आ० | दधँ' धार' णे १. ८ ||
दम् | दि० सेट् प० | दमुँ उपश' मे ४. १०० ||
दम्भ् | स्वा० सेट् प० | दम्भुँ दम्भ' ने (द' म्भे)५. २६ ||
दय् | भ्वा० सेट् आ० | दयँ' दानगतिरक्षणहिंसादा' नेषु' १. ५५३ ||
दरिद्रा | अ० सेट् प० | दरिद्रा दु' र्गतौ' २. ६८ ||
दल् | भ्वा० सेट् प० | दलँ वि' शर' णे १. ६२९ ||
दल् | भ्वा० सेट् प० | दलिऽ [मित्][इति भोजः' ]१. ९२९ ||
दल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दलँ वि' दार' णे १०. २८१ ||
दश् | स्वा० सेट् प० | दाशँऽ [हिं' साया' म्]५. ३६ ||
दस् | चु० सेट् आ० | दसँ' [दर्शनदंश' नयोः' ]इत्यप्येके' १०. १९५ ||
दस् | दि० सेट् प० | दसुँ च [उपक्ष' ये]४. ११० ||
दह् | भ्वा० अनिट् प० | दः' अँ भस्मी' कर' णे १. ११४६ ||
दा | भ्वा० अनिट् प० | दा' ण् दा' ने १. १०७९ ||
दा | अ० अनिट् प० | दा' प् लव' ने २. ५४ ||
दा | जु० अनिट् उ० | डुदा' ञ् दा' ने ३. १० ||
दान् | भ्वा० सेट् उ० | दानँ' खण्ड' ने (अव' खण्ड' ने)१. ११४९ ||
दाश् | भ्वा० सेट् उ० | दाशृँ' दा' ने १. १०२५ ||
दास् | भ्वा० सेट् उ० | दासृँ' दा' ने १. १०४१ ||
दिन्व् | भ्वा० सेट् प० | दिविँऽ [प्रीण' नार्थः]१. ६७६ ||
दिव् | चु० सेट् आ० | दिवुँ' परि' कूज' ने १०. २३० ||
दिव् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दिवुँ मर्द' ने १०. २४९ ||
दिव् | दि० सेट् प० | दिवुँ क्रीडाविजिगीषाव्यवहारद्युतिस्तुतिमोदमदस्वप्नकान्तिग' तिषु' ४. १ ||
दिश् | तु० अनिट् उ० | दि' शँ' अति' सर्ज' ने ६. ३ ||
दिह् | अ० अनिट् उ० | दिः' अँ' उपच' ये २. ५ ||
दी | दि० सेट् आ० | (ओँ)दीङ् क्ष' ये ४. २९ ||
दीक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | दीक्षँ' मौण्ड्येज्योपनयननियमव्रतादे' शेषु' १. ६९३ ||
दीधी | अ० सेट् आ० | दीधीङ् दीप्तिदेव' नयोः' २. ७१ ||
दीप् | दि० सेट् आ० | दीपीँ' दीप्तौ' ४. ४५ ||
दुःख (दुःख्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दुःखँ तत्क्रि' याया' म् १०. ४७६ ||
दु | भ्वा० अनिट् प० | दु' ऽ [गतौ' ]१. १०९४ ||
दु | स्वा० अनिट् प० | टुदु' उपता' पे ५. ११ ||
दुर्व् | भ्वा० सेट् प० | दुर्वीँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ६५३ ||
दुल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दुलँ उत्क्षे' पे १०. ८९ ||
दुष् | दि० अनिट् प० | दु' षँ वैकृ' त्ये ४. ८२ ||
दुह् | भ्वा० सेट् प० | दुहिँर्ऽ [अर्द' ने]१. ८३९ ||
दुह् | अ० अनिट् उ० | दुः' अँ' प्र' पूर' णे २. ४ ||
दू | दि० सेट् आ० | (ओँ)दूङ् परिता' पे ४. २८ ||
दृंह् | भ्वा० सेट् प० | दृहिँऽ [वृद्धौ' ]१. ८३५ ||
दृ | तु० अनिट् आ० | दृ' ङ् आद' रे ६. १४७ ||
दृप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दृपँ स' न्दीप' ने [इत्येके' ]१०. ३५६ ||
दृप् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | दृ' पँ हर्षमोह' नयोः' ४. ९३ ||
दृप् | तु० सेट् प० | दृपँऽ [उ' त्क्लेशे' ]६. ३६ ||
दृफ् | तु० सेट् प० | दृफँऽ [[उ' त्क्लेशे' ]इत्येके' ]६. ३८ ||
दृभ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दृभँ सन्द' र्भे १०. ३५८ ||
दृभ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| दृभीँ भ' ये (ग्र' न्थे)१०. ३५७ ||
दृभ् | तु० सेट् प० | दृभीँ ग्र' न्थे ६. ४८ ||
दृम्प् | तु० सेट् प० | दृम्पँ उ' त्क्लेशे' ६. ३७ ||
दृम्फ् | तु० सेट् प० | दृम्फँ [उ' त्क्लेशे' ]इत्येके' ६. ३९ ||
दृश् | भ्वा० अनिट् प० | दृ' शिँर् प्रेक्ष' णे १. ११४३ ||
दृह् | भ्वा० सेट् प० | दृहँऽ [वृद्धौ' ]१. ८३४ ||
दॄ | भ्वा० सेट् प० | दॄ(म्)भ' ये १. ९२० ||
दॄ | स्वा० सेट् प० | दॄ हिं' साया' म् ५. ३७ ||
दॄ | क्र्या० सेट् प० | दॄ वि' दार' णे ९. २६ ||
दे | भ्वा० अनिट् आ० | दे' ङ् रक्ष' णे १. १११७ ||
देव् | भ्वा० सेट् आ० | देवृँ' देव' ने १. ५७३ ||
दै | भ्वा० अनिट् प० | दै' प् शोध' ने १. १०७३ ||
दो | दि० अनिट् प० | दो' अव' खण्ड' ने ४. ४३ ||
द्यु | अ० अनिट् प० | द्यु' अभि' गम' ने २. ३५ ||
द्युत् | भ्वा० सेट् आ० | द्युतँ' दीप्तौ' १. ८४२ ||
द्यै | भ्वा० अनिट् प० | द्यै' न्य' क्कर' णे १. १०५३ ||
द्रम् | भ्वा० सेट् प० | द्रमँऽ [गतौ' ]१. ५३७ ||
द्रा | अ० अनिट् प० | द्रा' कु' त्सायां' गतौ' २. ४९ ||
द्राख् | भ्वा० सेट् प० | द्राखृँऽ [शोषणालम' र्थ्योः]१. १३२ ||
द्राघ् | भ्वा० सेट् आ० | द्राघृँ' साम' र्थ्ये | [द्राघृँ' आया' मे च' ]१. १२० ||
द्राङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | द्राक्षिँऽ [[का' ङ्क्षाया' म्]घोरवासि' ते च' ]१. ७६३ ||
द्राड् | भ्वा० सेट् आ० | द्राडृँ' ऽ [वि' शरे' णे]१. ३२२ ||
द्राह् | भ्वा० सेट् आ० | द्राहृँ' निद्राक्ष' ये | निक्षे' प इत्येके' १. ७३३ ||
द्रु | भ्वा० अनिट् प० | द्रु' गतौ' १. १०९५ ||
द्रुण् | तु० सेट् प० | द्रुणँ हिंसागतिकौटि' ल्येषु' ६. ६३ ||
द्रुह् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | द्रुः' अँ जिघां' साया' म् ४. ९४ ||
द्रू | क्र्या० सेट् उ० | द्रूञ् हिं' साया' म् ९. १३ ||
द्रेक् | भ्वा० सेट् आ० | द्रेकृँ' ऽ [शब्दोत्साः' अयोः' ]१. ८३ ||
द्रै | भ्वा० अनिट् प० | द्रै' स्वप्ने' १. १०५४ ||
द्विष् | अ० अनिट् उ० | द्वि' षँ' अप्री' तौ २. ३ ||
द्वृ | भ्वा० अनिट् प० | द्वृ' सं' वर' णे (वर' णे)१. १०८३ ||
धक्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धक्कँ नाश' ने १०. ८३ ||
धण् | भ्वा० सेट् प० | धणँ [शब्दा' र्थः]इत्यपि' केचि' त् १. ५२२ ||
धन् | जु० सेट् प० | धनँ धान्ये' ३. २४ ||
धन्व् | भ्वा० सेट् प० | धविँ गत्य' र्थाः १. ६८१ ||
धा | जु० अनिट् उ० | डुधा' ञ् धारणपोष' णयोः' | दा' न इत्यप्येके' ३. ११ ||
धाव् | भ्वा० सेट् उ० | धावुँ' गतिशु' द्ध्योः १. ६८५ ||
धि | तु० अनिट् प० | धि' धार' णे ६. १४२ ||
धिक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | धिक्षँ' सन्दीपनक्लेशनजीव' नेषु' १. ६८७ ||
धिन्व् | भ्वा० सेट् प० | धिविँऽ [प्रीण' नार्थः]१. ६७७ ||
धिष् | जु० सेट् प० | धिषँ शब्दे' ३. २३ ||
धी | दि० अनिट् आ० | (ओँ)धी' ङ् आधा' रे ४. ३१ ||
धु | स्वा० अनिट् उ० | धु' ञ् कम्प' ने ५. ९ ||
धु | तु० सेट् प० | धू (धु)वि' धून' ने ६. १३३ ||
धुक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | धुक्षँ' ऽ [सन्दीपनक्लेशनजीव' नेषु' ]१. ६८६ ||
धुप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धूपँऽ [धुपँऽ][भा' षार्थः' ]१०. ३०३ ||
धुर्व् | भ्वा० सेट् प० | धुर्वीँ हिं' सार्थाः' १. ६५४ ||
धू | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धूञ् कम्प' ने १०. ३७२ ||
धू | स्वा० अनिट् उ० | धूञ् [कम्प' ने]इत्येके' ५. १० ||
धू | तु० सेट् प० | धू (धु)वि' धून' ने ६. १३३ ||
धू | क्र्या० सेट् उ० | धूञ् कम्प' ने ९. २० ||
धूप् | भ्वा० सेट् प० | धूपँ सन्ता' पे १. ४६२ ||
धूप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धूपँऽ (धुपँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०३ ||
धूर् | दि० सेट् आ० | धूरी' ऽ [हिंसाग' त्योः]४. ४८ ||
धूश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धूशँ [कान्तिकर' णे]इत्यप' रे १०. १४१ ||
धूष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धूषँ [कान्तिकर' णे]इत्येके' १०. १४० ||
धूस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धूसँ कान्तिकर' णे १०. १३९ ||
धृ | भ्वा० अनिट् आ० | धृ' ङ् अव' ध्वंस' ने १. १११५ ||
धृ | भ्वा० अनिट् उ० | धृ' ञ् धार' णे १. १०४७ ||
धृ | तु० अनिट् आ० | धृ' ङ् अव' स्थाने' ६. १४८ ||
धृज् | भ्वा० सेट् प० | धृजँऽ [गतौ' ]१. २४९ ||
धृञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | धृजिँऽ [गतौ' ]१. २५० ||
धृष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| धृषँ प्र' सह' ने १०. ३८८ ||
धृष् | स्वा० सेट् प० | ञिधृषाँ प्राग' ल्भ्ये ५. २५ ||
धॄ | क्र्या० सेट् प० | धॄ [वयोहा' नौ]इत्य' न्ये ९. २९ ||
धे | भ्वा० अनिट् प० | धे' ट् पाने' १. १०५० ||
धेप् | भ्वा० सेट् आ० | धेपृँ' च [गतौ' ]१. ४३३ ||
धोर् | भ्वा० सेट् प० | धोरृँ गतिचातु' र्ये १. ६३४ ||
ध्मा | भ्वा० अनिट् प० | ध्मा' शब्दाग्निसंयो' गयोः' १. १०७६ ||
ध्माङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | ध्माक्षिँ [[का' ङ्क्षाया' म्]घोरवासि' ते च' ]इत्येके' १. ७६६ ||
ध्यै | भ्वा० अनिट् प० | ध्यै' चि' न्ताया' म् १. १०५६ ||
ध्रज् | भ्वा० सेट् प० | ध्रजँऽ [गतौ' ]१. २४५ ||
ध्रञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | ध्रजिँऽ [गतौ' ]१. २४६ ||
ध्रण् | भ्वा० सेट् प० | ध्रणँऽ शब्दे' १. ५२९ ||
ध्रस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| उँध्रसँ [उघ्रसँ]उ' ञ्चे १०. २७० ||
ध्रस् | क्र्या० सेट् प० | उँध्र' सँ उ' ञ्चे ९. ६० ||
ध्राख् | भ्वा० सेट् प० | ध्राखृँ शोषणालम' र्थ्योः १. १३३ ||
ध्राङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | ध्राक्षिँऽ [[का' ङ्क्षाया' म्]घोरवासि' ते च' ]१. ७६४ ||
ध्राड् | भ्वा० सेट् आ० | ध्राडृँ' वि' शरे' णे १. ३२३ ||
ध्रिज् | भ्वा० सेट् प० | (ध्रिजँ [गतौ' ]च)१. २५३ ||
ध्रु | भ्वा० अनिट् प० | ध्रु' स्थैर्ये' १. १०९३ ||
ध्रु | तु० अनिट् प० | ध्रु' गतिस्थै' र्ययोः' | ध्रु' व इत्येके' ६. १३५ ||
ध्रेक् | भ्वा० सेट् आ० | ध्रेकृँ' शब्दोत्साः' अयोः' १. ८४ ||
ध्रै | भ्वा० अनिट् प० | ध्रै' तृप्तौ' १. १०५५ ||
ध्वंस् | भ्वा० सेट् आ० | ध्वंसुँ' ऽ [अव' स्रंस' ने]| ध्वंसुँ' गतौ' च १. ८५८ ||
ध्वज् | भ्वा० सेट् प० | ध्वजँऽ [गतौ' ]१. २५१ ||
ध्वञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | ध्वजिँ गतौ' १. २५२ ||
ध्वण् | भ्वा० सेट् प० | ध्वणँ शब्दा' र्थाः १. ५२१ ||
ध्वन (ध्वन्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ध्वनँ शब्दे' १०. ४३१ ||
ध्वन् | भ्वा० सेट् प० | ध्वनँ शब्दे' [मित्]१. ९२८ ||
ध्वन् | भ्वा० सेट् प० | ध्वनँ शब्दे' १. ९६२ ||
ध्वन् | भ्वा० सेट् प० | ध्वनिऽ [मित्][इति भोजः' ]१. ९३३ ||
ध्वाङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | ध्वाक्षिँ [ध्माक्षिँ][का' ङ्क्षाया' म्]घोरवासि' ते च' १. ७६५ ||
ध्वृ | भ्वा० अनिट् प० | ध्वृ' हूर्च' ने १. १०८९ ||
नक्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| नक्कँऽ [नाश' ने]१०. ८२ ||
नक्ष् | भ्वा० सेट् प० | णक्षँ गतौ' १. ७५२ ||
नख् | भ्वा० सेट् प० | णखँऽ [गत्य' र्थः]१. १४२ ||
नङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | णखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १४३ ||
नट् | भ्वा० सेट् प० | णटँ (नटँ)नृतौ' १. ३४७ ||
नट् | भ्वा० सेट् प० | णटँ(म्)नृत्तौ' | नता' वित्येके' | गता' वित्य' न्ये १. ८९० ||
नट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| नटँ अव' स्यन्द' ने १०. १८ ||
नट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| नटँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२२ ||
नड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| णडँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३०९ ||
नद् | भ्वा० सेट् प० | णदँ अव्य' क्ते' शब्दे' १. ५६ ||
नन्द् | भ्वा० सेट् प० | टुनदिँ समृ' द्धौ १. ७० ||
नभ् | भ्वा० सेट् आ० | णभँ' ऽ हिं' साया' म् [अभा' वेऽपि' ]१. ८५५ ||
नभ् | दि० सेट् प० | णभँऽ [हिं' साया' म्]४. १५५ ||
नभ् | क्र्या० सेट् प० | णभँऽ [हिं' साया' म्]९. ५६ ||
नम् | |अनमा' मनु' पसर्गाद्वा [मित्]१. ९४४ ||
नम् | भ्वा० अनिट् प० | ण' मँ प्रह्व' त्वे शब्दे' च १. ११३६ ||
नय् | भ्वा० सेट् आ० | णयँ' गतौ' | णयँ' रक्ष' णे च १. ५५२ ||
नर्द् | भ्वा० सेट् प० | नर्दँऽ [शब्दे' ]१. ५८ ||
नल् | भ्वा० सेट् प० | णलँ ग' न्धे | बन्ध' न' इत्येके' १. ९७२ ||
नल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| नलँ [भा' षार्थः' ]च १०. ३३३ ||
नश् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | ण' शँ अद' र्शने ४. ९१ ||
नस् | भ्वा० सेट् आ० | णसँ' कौटि' ल्ये १. ७१४ ||
नह् | दि० अनिट् उ० | णः' अँ' बन्ध' ने ४. ६२ ||
नाथ् | भ्वा० सेट् आ० | नाथृँ' याच्ञोपतापैश्वर्या' शीष्षु' १. ७ ||
नाध् | भ्वा० सेट् आ० | नाधृँ' ऽ [याच्ञोपतापैश्वर्या' शीष्षु' ]१. ६ ||
नास् | भ्वा० सेट् आ० | णासृँ' ऽ [शब्दे' ]१. ७१२ ||
निंस् | अ० सेट् आ० | णिसिँ' चुम्ब' ने २. १७ ||
निक्ष् | भ्वा० सेट् प० | णिक्षँ चुम्ब' ने १. ७४७ ||
निज् | जु० अनिट् उ० | णि' जिँ' र् शौचपोष' णयोः' ३. १२ ||
निञ्ज् | अ० सेट् आ० | णिजिँ' शुद्धौ' २. १८ ||
निद् | भ्वा० सेट् उ० | णिदृँ' ऽ [कुत्सासन्निक' र्षयोः' ]१. १०१२ ||
निन्द् | भ्वा० सेट् प० | णिदिँ कु' त्साया' म् १. ६९ ||
निन्व् | भ्वा० सेट् प० | णिविँ सेच' ने | सेच' ने' चेत्येके' १. ६७३ ||
निल् | तु० सेट् प० | णिलँ गह' ने ६. ८७ ||
निवास (निवास्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| निवासँ आ' च्चाद' ने १०. ४२७ ||
निश् | भ्वा० सेट् प० | णिशँ समा' धौ १. ८२३ ||
निष् | भ्वा० सेट् प० | णिषुँ सेच' ने १. ७९६ ||
निष्क् | चु० सेट् आ० | निष्कँ' परि' माणे' १०. २०९ ||
नी | भ्वा० अनिट् उ० | णी' ञ् प्राप' णे १. १०४९ ||
नील् | भ्वा० सेट् प० | णीलँ वर्णे' १. ६०० ||
नीव् | भ्वा० सेट् प० | णीवँ स्थौल्ये' १. ६४७ ||
नु | अ० सेट् प० | णु स्तुतौ' २. ३० ||
नु | तु० सेट् प० | णू (णु)स्तुतौ' ६. १३२ ||
नुद् | तु० अनिट् उ० | णु' दँ' प्रेर' णे ६. २ ||
नुद् | तु० अनिट् प० | णु' दँ प्रेर' णे ६. १६२ ||
नू | तु० सेट् प० | णू (णु)स्तुतौ' ६. १३२ ||
नृत् | दि० सेट् प० | नृतीँ गात्रविक्षे' पे ४. १० ||
नॄ | भ्वा० सेट् प० | नॄ(म्)न' ये १. ९२१ ||
नॄ | क्र्या० सेट् प० | नॄ न' ये ९. ३० ||
नेद् | भ्वा० सेट् उ० | णेदृँ' कुत्सासन्निक' र्षयोः' १. १०१३ ||
नेष् | भ्वा० सेट् आ० | णेषृँ' ऽ [गतौ' ]१. ७०४ ||
पंश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पसिँ [नाश' ने]इत्येके' १०. १०८ ||
पंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पसिँ नाश' ने १०. १०७ ||
पक्ष् | भ्वा० सेट् प० | पक्षँ परिग्रः' अ इत्येके' १. ७५७ ||
पक्ष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पक्षँ परिग्रः' ए १०. २४ ||
पच् | भ्वा० अनिट् उ० | डुप' चँ' ष् पा' के १. ११५१ ||
पञ्च् | भ्वा० सेट् आ० | पचिँ' व्यक्ती' कर' णे १. १९८ ||
पञ्च् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पचिँ विस्तारवच' ने १०. १५३ ||
पट (पट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पटँऽ [ग्र' न्थे]१०. ३९४ ||
पट् | भ्वा० सेट् प० | पटँ गतौ' १. ३३३ ||
पट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पटँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८२ ||
पठ् | भ्वा० सेट् प० | पठँ व्य' क्तायां वा' चि १. ३८१ ||
पण् | भ्वा० सेट् आ० | पणँ' व्यवहा' रे स्तुतौ' च १. ५०७ ||
पण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | पडिँ' गतौ' १. ३१५ ||
पण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पडिँऽ [नाश' ने]१०. १०६ ||
पत (पत्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पतँ [देवश' ब्दे]गतौ' (वा)| वाद' न्त' इत्येके' १०. ४०० ||
पत् | भ्वा० सेट् प० | पतॢँ गतौ' १. ९७९ ||
पथ् | भ्वा० सेट् प० | पथेँ गतौ' १. ९८२ ||
पथ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पथँ [प्रक्षे' पे]इत्येके' १०. २९ ||
पद (पद्)| चु० सेट् आ० | पदँ' गतौ' १०. ४४० ||
पद् | दि० अनिट् आ० | प' दँ' गतौ' ४. ६५ ||
पन् | भ्वा० सेट् आ० | पनँ' च [व्यवहा' रे स्तुतौ' च]१. ५०८ ||
पन्थ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पथिँ गतौ' १०. ६० ||
पय् | भ्वा० सेट् आ० | पयँ' ऽ [गतौ' ]१. ५४८ ||
पर्ण (पर्ण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पर्णँ हरितभा' वे १०. ४८५ ||
पर्द् | भ्वा० सेट् आ० | पर्दँ' कुत्सि' ते शब्दे' १. २९ ||
पर्प् | भ्वा० सेट् प० | पर्पँऽ [गतौ' ]१. ४७८ ||
पर्ब् | भ्वा० सेट् प० | पर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८२ ||
पर्व् | भ्वा० सेट् प० | पर्वँऽ [पूर' णे]१. ६५८ ||
पल् | भ्वा० सेट् प० | पलँ गतौ' १. ९७३ ||
पल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पलँ [रक्ष' णे]इत्येके' १०. ९९ ||
पल्यूल (पल्यूल्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पल्यूलँ लवनपव' नयोः' १०. ४२३ ||
पल्ल् | भ्वा० सेट् प० | पेलृँऽ (पल्लँऽ)[गतौ' ]१. ६२१ ||
पश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पशँ बन्ध' ने १०. २४४ ||
पष (पष्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पषँ अनु' पसर्गात् (गतौ' )१०. ४०१ ||
पा | भ्वा० अनिट् प० | पा' पाने' १. १०७४ ||
पा | अ० अनिट् प० | पा' रक्ष' णे २. ५१ ||
पार (पार्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पारँऽ [कर्मसमा' प्तौ]१०. ४५३ ||
पाल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पालँ रक्ष' णे १०. ९८ ||
पिंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिसिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९३ ||
पि | तु० अनिट् प० | पि' गतौ' ६. १४१ ||
पिच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिचँ कुट्ट' ने १०. ६१ ||
पिज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिजँऽ [हिंसाबलादाननिकेत' नेषु' ]१०. ४६ ||
पिञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिजिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८७ ||
पिञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिजिँऽ [हिंसाबलादाननिकेत' नेषु' ]१०. ४७ ||
पिञ्ज् | अ० सेट् आ० | पिजिँ' वर्णे' | स' म्पर्च' न' इत्येके' | उ' भय' न्नेत्य' न्ये | अवय' व इत्यप' रे | अव्य' क्ते' शब्द' इतीत' रे २. २० ||
पिट् | भ्वा० सेट् प० | पिटँ शब्दसङ्घा' तयोः' १. ३४८ ||
पिठ् | भ्वा० सेट् प० | पिठँ हिंसासङ्क्लेश' नयोः' १. ३९३ ||
पिण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिठिँ [सङ्घा' ते]इत्येके' १०. १८६ ||
पिण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | पिडिँ' सङ्घा' ते १. ३०७ ||
पिण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिडिँ सङ्घा' ते १०. १८५ ||
पिन्व् | भ्वा० सेट् प० | पिविँऽ [सेच' ने | सेच' ने' चेत्येके' ]१. ६७१ ||
पिश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिशँ [नाश' ने]१०. १०५ ||
पिश् | तु० सेट् प० | पिशँ अवय' वे | अ' यं दीपनायामपि ६. १७३ ||
पिष् | रु० अनिट् प० | पि' षॢँ स' ञ्चूर्ण' ने ७. १५ ||
पिस् | भ्वा० सेट् प० | पिसृँऽ [गतौ' ]१. ८१६ ||
पिस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पिसँ गतौ' १०. ५० ||
पी | दि० अनिट् आ० | पी' ङ् पाने' ४. ३६ ||
पीड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पीडँ अव' गाह' ने १०. १७ ||
पील् | भ्वा० सेट् प० | पीलँ प्रतिष्ट' म्भे १. ५९९ ||
पीव् | भ्वा० सेट् प० | पीवँऽ [स्थौल्ये' ]१. ६४४ ||
पुंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुंसँ अभि' वर्ध' णे १०. १३४ ||
पुट (पुट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुटँ संस' र्गे १०. ४५५ ||
पुट् | भ्वा० सेट् प० | पुटँ [मर्द' ने (प्र' मर्द' ने)]इत्येके' १. ३६७ ||
पुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुटँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८३ ||
पुट् | तु० सेट् प० | पुटँ सं' श्लेष' णे ६. ९४ ||
पुट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुट्टँऽ [अल्पीभा' वे]१०. ३५ ||
पुड् | भ्वा० सेट् प० | पुडँ [पुटँ]मर्द' ने (प्र' मर्द' ने)१. ३६५ ||
पुड् | तु० सेट् प० | पुडँ उत्स' र्गे ६. ११४ ||
पुण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुणँ [सङ्घा' ते]इत्य' न्ये १०. १३३ ||
पुण् | तु० सेट् प० | पुणँ कर्म' णि' शुभे' ६. ५९ ||
पुण्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुटिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२३ ||
पुण्ड् | भ्वा० सेट् प० | पुडिँ [खण्ड' ने]चेत्येके' १. ३७० ||
पुथ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुथँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३०६ ||
पुथ् | दि० सेट् प० | पुथँ हिं' साया' म् ४. १३ ||
पुन्थ् | भ्वा० सेट् प० | पुथिँऽ [हिंसासङ्क्लेश' नयोः' ]१. ४६ ||
पुर् | तु० सेट् प० | पुरँ अग्रगम' ने ६. ७२ ||
पुर्व् | भ्वा० सेट् प० | पुर्वँऽ (पूर्वँऽ)[पूर' णे]१. ६५७ ||
पुल् | भ्वा० सेट् प० | पुलँ मह' त्त्वे १. ९७५ ||
पुल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुलँ मह' त्त्वे १०. ९० ||
पुष् | भ्वा० सेट् प० | पुषँ पुष्टौ' १. ७९७ ||
पुष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुषँ धार' णे १०. २८० ||
पुष् | दि० अनिट् प० | पु' षँ पुष्टौ' ४. ७९ ||
पुष् | दि० सेट् प० | पुषँ [विभा' गे]च [इति' केचि' त्]४. १२१ ||
पुष् | क्र्या० सेट् प० | पुषँ पुष्टौ' ९. ६५ ||
पुष्प् | दि० सेट् प० | पुष्पँ वि' कस' ने ४. १६ ||
पुस्त् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पुस्तँऽ [आदरानाद' रयोः' ]१०. ७९ ||
पू | भ्वा० सेट् आ० | पूङ् पव' ने १. ११२१ ||
पू | क्र्या० सेट् उ० | पूञ् पव' ने ९. १४ ||
पूज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पूजँ पू' जाया' म् १०. १४४ ||
पूय् | भ्वा० सेट् आ० | पूयीँ' वि' शर' णे दुर्ग' न्धे च' १. ५५७ ||
पूर् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पूरीँ आ' प्याय' ने १०. ३३४ ||
पूर् | दि० सेट् आ० | पूरीँ' आ' प्याय' ने ४. ४६ ||
पूर्ण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पूर्णँ [सङ्घा' ते]इत्येके' १०. १३२ ||
पूर्व् | भ्वा० सेट् प० | पुर्वँऽ (पूर्वँऽ)[पूर' णे]१. ६५७ ||
पूर्व् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पूर्वँ नि' केत' ने इत्यन्ये १०. १८१ ||
पूल् | भ्वा० सेट् प० | पूलँ सङ्घा' ते १. ६०६ ||
पूल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पूलँ सङ्घा' ते १०. १३१ ||
पूष् | भ्वा० सेट् प० | पूषँ वृद्धौ' १. ७६९ ||
पृ | जु० सेट् प० | पृ' [पालनपूर' णयोः' ]इत्येके' ३. ५ ||
पृ | स्वा० अनिट् प० | पृ' प्रीतौ' ५. १३ ||
पृ | तु० अनिट् आ० | पृ' ङ् व्याया' मे ६. १३८ ||
पृच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पृचँ सं' यम' ने १०. ३३९ ||
पृच् | अ० सेट् आ० | पृचीँ' स' म्पर्च' ने (सम्प' र्के)२. २४ ||
पृच् | रु० सेट् प० | पृचीँ सम्प' र्के ७. २५ ||
पृञ्ज् | अ० सेट् आ० | पृजिँ' [वर्णे' | स' म्पर्च' न' इत्येके' | उ' भय' न्नेत्य' न्ये | अवय' व इत्यप' रे | अव्य' क्ते' शब्द' इतीत' रे]इत्येके' २. २१ ||
पृड् | तु० सेट् प० | पृडँ [सुख' ने]च ६. ५४ ||
पृण् | तु० सेट् प० | पृणँ प्रीण' ने ६. ५५ ||
पृथ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पृथँ प्रक्षे' पे १०. २८ ||
पृष् | भ्वा० सेट् प० | पृषुँऽ [सेच' ने हिंसासङ्क्लेश' नयो' श्च]१. ८०२ ||
पॄ | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| पॄँ पूर' णे १०. २२ ||
पॄ | जु० सेट् प० | पॄ' पालनपूर' णयोः' ३. ४ ||
पॄ | क्र्या० सेट् प० | पॄ पालनपूर' णयोः' ९. २२ ||
पेल् | भ्वा० सेट् प० | पेलृँऽ (पल्लँऽ)[गतौ' ]१. ६२१ ||
पेव् | भ्वा० सेट् आ० | पेवृँ' ऽ [सेव' ने]१. ५७७ ||
पेष् | भ्वा० सेट् आ० | पेषृँ' प्रय' त्ने १. ७०० ||
पेस् | भ्वा० सेट् प० | पेसृँऽ [गतौ' ]१. ८१७ ||
पै | भ्वा० अनिट् प० | पै' ऽ [शोष' णे]१. १०६९ ||
पैण् | भ्वा० सेट् प० | पैणृँ गतिप्रेरणश्लेष' णेषु' १. ५२७ ||
प्याय् | भ्वा० सेट् आ० | ओँप्यायीँ' वृद्धौ' १. ५६१ ||
प्युष् | दि० सेट् प० | प्युषँऽ [विभा' गे][इति' केचि' त्]४. ११९ ||
प्युस् | दि० सेट् प० | प्युसँऽ [विभा' गे][इति' केचि' त्]४. १२० ||
प्यै | भ्वा० अनिट् आ० | प्यै' ङ् वृद्धौ' १. १११९ ||
प्रच् | तु० अनिट् प० | प्र' चँ ज्ञी' प्साया' म् ६. १४९ ||
प्रथ् | भ्वा० सेट् आ० | प्रथँ' (म्)प्र' ख्याने' १. ८६९ ||
प्रथ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| प्रथँ प्र' ख्याने' १०. २७ ||
प्रस् | भ्वा० सेट् आ० | प्रसँ' (म्)विस्ता' रे १. ८७० ||
प्रा | अ० अनिट् प० | प्रा' पूर' णे २. ५६ ||
प्री | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| प्रीञ् तर्प' ने १०. ३७३ ||
प्री | दि० अनिट् आ० | प्री' ङ् प्रीतौ' (प्रीण' ने)४. ३९ ||
प्री | क्र्या० अनिट् उ० | प्री' ञ् तर्प' ने' कान्तौ' च ९. २ ||
प्रु | भ्वा० अनिट् आ० | प्रु' ङ्ऽ [गतौ' ]१. ११११ ||
प्रुष् | भ्वा० सेट् प० | प्रुषुँऽ [दाः' ए]१. ८०० ||
प्रुष् | क्र्या० सेट् प० | प्रुषँऽ [स्नेहनसेवनपूर' णेषु' ]९. ६३ ||
प्रेष् | भ्वा० सेट् आ० | प्रेषृँ' गतौ' १. ७०६ ||
प्रैण् | भ्वा० सेट् प० | प्रैणृँ इत्यपि' [गतिप्रेरणश्लेष' णेषु' ]१. ५२८ ||
प्रोथ् | भ्वा० सेट् उ० | प्रोथृँ' पर्या' प्तौ १. १००५ ||
प्लक्ष् | भ्वा० सेट् उ० | प्लक्षँ' च [अद' ने]१. १०४० ||
प्लिह् | भ्वा० सेट् आ० | प्लिहँ' गतौ' १. ७२९ ||
प्ली | क्र्या० अनिट् प० | प्ली' गतौ' ९. ३९ ||
प्लु | भ्वा० अनिट् आ० | प्लु' ङ् गतौ' १. १११२ ||
प्लुष् | भ्वा० सेट् प० | प्लुषुँ दाः' ए १. ८०१ ||
प्लुष् | दि० सेट् प० | प्लुषँ च [दाः' ए]४. ९ ||
प्लुष् | दि० सेट् प० | प्लुषँ दाः' ए ४. १२२ ||
प्लुष् | क्र्या० सेट् प० | प्लुषँ स्नेहनसेवनपूर' णेषु' ९. ६४ ||
प्लेव् | भ्वा० सेट् आ० | प्लेवृँ' ऽ [[सेव' ने]इत्यप्येके' ]१. ५८२ ||
प्सा | अ० अनिट् प० | प्सा' भक्ष' णे २. ५० ||
फक्क् | भ्वा० सेट् प० | फक्कँ नि' चैर्ग' तौ १. १२३ ||
फण् | भ्वा० सेट् प० | फणँ(म्)गतौ' (गतिदी' प्त्योः)१. ९५५ ||
फल् | भ्वा० सेट् प० | ञिफलाँ वि' शर' णे १. ५९४ ||
फल् | भ्वा० सेट् प० | फलँ निष्प' त्तौ १. ६०८ ||
फुल्ल् | भ्वा० सेट् प० | फुल्लँ वि' कस' ने १. ६१० ||
फेल् | भ्वा० सेट् प० | फेलृँऽ [गतौ' ]१. ६२२ ||
बंह् | भ्वा० सेट् आ० | बहिँ' ऽ [वृद्धौ' ]१. ७२० ||
बठ् | भ्वा० सेट् प० | बठँ [स्थौल्ये' ]इत्येके' १. ३८३ ||
बण् | भ्वा० सेट् प० | बणँ [शब्दे' ]इत्यपि' केचि' त् १. ५३० ||
बण्ट् | भ्वा० सेट् प० | बटिँऽ [वि' भाज' ने]इत्येके' १. ३७८ ||
बद् | भ्वा० सेट् प० | बदँ स्थैर्ये' १. ५३ ||
बध् | भ्वा० सेट् आ० | बधँ' बन्ध' ने १. ११२८ ||
बध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बधँ सं' यम' ने १०. २० ||
बन्ध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बन्धँ [सं' यम' ने]इति' चान्द्राः' १०. २१ ||
बन्ध् | क्र्या० अनिट् प० | ब' न्धँ बन्ध' ने ९. ४४ ||
बभ्र् | भ्वा० सेट् प० | वभ्रँऽ (बभ्रँऽ)[गत्य' र्थः]१. ६३८ ||
बर्ब् | भ्वा० सेट् प० | बर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८४ ||
बर्ह् | भ्वा० सेट् आ० | बर्हँ' ऽ [प्राधा' न्ये]१. ७२५ ||
बर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बर्हँ हिं' साया' म् १०. १७३ ||
बर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बर्हँऽ (वर्हँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०० ||
बल् | भ्वा० सेट् प० | बलँ प्राण' ने धान्यावरो' धे च' (धान्यावरोध' ने च' )१. ९७४ ||
बल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बलँ(म्)प्राण' ने १०. १२३ ||
बल्ह् | भ्वा० सेट् आ० | बल्हँ' प्राधा' न्ये १. ७२६ ||
बल्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बल्हँऽ (वल्हँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०१ ||
बष्क (बष्क्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बष्कँ दर्श' ने १०. ४५८ ||
बस् | दि० सेट् प० | बसुँ [स्त' म्भे]इत्येके' ४. ११२ ||
बस्त् | चु० सेट् आ० | बस्तँ' ऽ [अर्द' ने]१०. २०३ ||
बाड् | भ्वा० सेट् आ० | बाडृ' आप्ला' व्ये' १. ३२० ||
बाध् | भ्वा० सेट् आ० | बाधृँ' लोड' ने (वि' लोड' ने)१. ५ ||
बाह् | भ्वा० सेट् आ० | बाहृँ' ऽ (वाहृँ' )प्रय' त्ने १. ७३२ ||
बिट् | भ्वा० सेट् प० | बिटँ आक्रो' शे १. ३५५ ||
बिन्द् | भ्वा० सेट् प० | बिदिँ अवय' वे १. ६६ ||
बिल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बिलँ भेद' ने १०. ९५ ||
बिल् | तु० सेट् प० | बिलँ भेद' ने ६. ८६ ||
बिस् | भ्वा० सेट् प० | बिसँऽ [गतौ' ]१. ८२० ||
बिस् | दि० सेट् प० | विसँ प्रेर' णे ४. १२३ ||
बीभ् | भ्वा० सेट् आ० | बीभृँ' ऽ [[कत्थ' ने]च]१. ४४५ ||
बुक्क् | भ्वा० सेट् प० | बुक्कँ भष' णे १. १२६ ||
बुक्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बुक्कँ भाष' णे १०. २३८ ||
बुङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | बुगिँ वर्ज' ने १. १७७ ||
बुध् | भ्वा० सेट् उ० | बुधिँ' र् बोध' ने १. १०१६ ||
बुध् | भ्वा० सेट् प० | बुधँ अव' गम' ने १. ९९४ ||
बुध् | दि० अनिट् आ० | बु' धँ' अव' गम' ने ४. ६८ ||
बुन्द् | भ्वा० सेट् उ० | उँबुन्दिँ' र् नि' शाम' ने १. १०१७ ||
बुस् | दि० सेट् प० | बुसँ [विभा' गे]इत्यप' रे ४. ११७ ||
बुस् | दि० सेट् प० | बुसँ उत्स' र्गे ४. १२९ ||
बुस्त् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बुस्तँ आदरानाद' रयोः' १०. ८० ||
बृंह् | भ्वा० सेट् प० | बृहिँ (वृहिँ)वृद्धौ' | बृहिँ (वृहिँ)शब्दे' च १. ८३७ ||
बृंह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बृहिँऽ (वृहिँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. २९९ ||
बृह् | भ्वा० सेट् प० | बृहँऽ (वृहँऽ)[वृद्धौ' ]| बृहिँर् (वृहिँर्)[वृद्धौ' [शब्दे' च]]इत्येके' १. ८३६ ||
बृह् | तु० सेट् प० | बृहूँ [उ' द्यम' ने]इत्येके' ६. ७४ ||
बेस् | भ्वा० सेट् प० | बेसँ गतौ' १. ८२१ ||
बेह् | भ्वा० सेट् आ० | वेहृँ' ऽ (बेहृँ' ऽ)[प्रय' त्ने]१. ७३० ||
ब्युस् | दि० सेट् प० | ब्युसँ [विभा' गे]इत्य' न्ये ४. ११६ ||
ब्रण् | भ्वा० सेट् प० | व्रणँऽ (ब्रणँऽ)[शब्दा' र्थः]१. ५१९ ||
ब्रू | अ० सेट् (अनिट्)उ० | ब्रूञ् (ब्रू' ञ्)व्य' क्तायां वा' चि २. ३९ ||
ब्रूस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ब्रूसँऽ [हिं' साया' म्]१०. १७२ ||
ब्ली | क्र्या० अनिट् प० | ब्ली' [वर' णे]इत्येके' ९. ३८ ||
भक्ष् | भ्वा० सेट् उ० | भक्षँ' [अद' ने]इति' मैत्रे' यः १. १०३९ ||
भक्ष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भक्षँ अद' ने १०. ३३ ||
भज् | भ्वा० अनिट् उ० | भ' जँ' से' वाया' म् १. ११५३ ||
भज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भजँ वि' श्राण' ने १०. २५९ ||
भञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भजिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९० ||
भञ्ज् | रु० अनिट् प० | भ' ञ्जोँ आ' मर्द' ने ७. १६ ||
भट् | भ्वा० सेट् प० | भटँ भृतौ' १. ३४४ ||
भट् | भ्वा० सेट् प० | भटँ(म्)परि' भाष' णे १. ८८९ ||
भण् | भ्वा० सेट् प० | भणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१५ ||
भण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | भडिँ' परि' भाष' णे १. ३०६ ||
भण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भडिँ क' ल्याणे' १०. ७७ ||
भन्द् | भ्वा० सेट् आ० | भदिँ' क' ल्याणे' सु' खे च' १. १२ ||
भर्त्स् | चु० सेट् आ० | भर्त्सँ' स' न्तर्ज' ने (तर्ज' ने)१०. २०२ ||
भर्ब् | भ्वा० सेट् प० | भर्बँ [हिं' साया' म्]इत्येके' १. ६६२ ||
भर्भ् | भ्वा० सेट् प० | भर्भँ [हिं' साया' म्]इत्य' न्ये १. ६६३ ||
भर्व् | भ्वा० सेट् प० | भर्वँ हिं' साया' म् १. ६६१ ||
भल् | भ्वा० सेट् आ० | भलँ' ऽ (बलँ' ऽ)[परिभाषणहिंसादा' नेषु' ]१. ५६८ ||
भल् | चु० सेट् आ० | भलँ' आ' भण्ड' ने १०. २२४ ||
भल्ल् | भ्वा० सेट् आ० | भल्लँ' परिभाषणहिंसादा' नेषु' १. ५६९ ||
भष् | भ्वा० सेट् प० | भषँ भर्त्स' ने १. ७९१ ||
भस् | जु० सेट् प० | भसँ भर्त्सनदी' प्त्योः ३. १९ ||
भस् | दि० सेट् प० | भसुँ [स्त' म्भे]इति' केचि' त् ४. ११३ ||
भा | अ० अनिट् प० | भा' दीप्तौ' २. ४६ ||
भाज (भाज्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भाजँ पृथक्क' र्मणि' १०. ४२८ ||
भाम (भाम्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भामँ क्रोधे' १०. ४११ ||
भाम् | भ्वा० सेट् आ० | भामँ' क्रोधे' १. ५०९ ||
भाष् | भ्वा० सेट् आ० | भाषँ' व्य' क्तायां वा' चि १. ६९६ ||
भास् | भ्वा० सेट् आ० | भासृँ' दीप्तौ' १. ७११ ||
भिक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | भिक्षँ' भि' क्षाया' मला' भे ला' भे च' १. ६९० ||
भिद् | भ्वा० सेट् आ० | ञिमिदाँ' स्नेह' ने १. ८४४ ||
भिद् | रु० अनिट् उ० | भि' दिँ' र् वि' दार' णे ७. २ ||
भिन्द् | भ्वा० सेट् प० | भिदिँ [अवय' वे]इत्येके' १. ६७ ||
भी | जु० अनिट् प० | ञिभी' भ' ये ३. २ ||
भुज् | तु० अनिट् प० | भु' जोँ कौटि' ल्ये ६. १५३ ||
भुज् | रु० अनिट् प० | भु' जँ पालनाभ्यवहा' रयोः' ७. १७ ||
भू | भ्वा० सेट् प० | भू सत्ता' याम् १. १ ||
भू | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)(आ०)| भू प्राप्तौ १०. ३८२ ||
भू | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भु' वोऽव' कल्क' ने | मिश्री' कर' ण' इत्येके' | चिन्त' न' इत्य' न्ये १०. २७७ ||
भूष् | भ्वा० सेट् प० | भूषँऽ [अलङ्का' रे]१. ७७७ ||
भूष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भूषँ अलङ्का' रे १०. २५५ ||
भृंश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| भृशिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३१८ ||
भृंश् | दि० सेट् प० | भृंशुँऽ [अधःपत' ने]४. १३७ ||
भृ | भ्वा० अनिट् उ० | भृ' ञ् भर' णे १. १०४५ ||
भृ | जु० अनिट् उ० | डुभृ' ञ् धारणपोष' णयोः' ३. ६ ||
भृज् | भ्वा० सेट् आ० | भृजीँ' भर्ज' ने १. २०२ ||
भृड् | तु० सेट् प० | भृडँ नि' मज्ज' ने इत्येके' ६. १२९ ||
भृश् | दि० सेट् प० | भृशुँऽ [अधःपत' ने]४. १३६ ||
भॄ | क्र्या० सेट् प० | भॄ भर्त्स' ने | भर' नेऽप्येके' ९. २४ ||
भेष् | भ्वा० सेट् उ० | भेषृँ' भ' ये | गता' वित्येके' १. १०२६ ||
भ्यस् | भ्वा० सेट् आ० | भ्यसँ' भ' ये १. ७१५ ||
भ्रंश् | भ्वा० सेट् आ० | भ्रंशुँ [अव' स्रंस' ने]इत्यपि' केचि' त् १. ८६० ||
भ्रंश् | दि० सेट् प० | भ्रंशुँ अधःपत' ने ४. १३८ ||
भ्रंस् | भ्वा० सेट् आ० | भ्रंसुँ' अव' स्रंस' ने १. ८५९ ||
भ्रक्ष् | भ्वा० सेट् उ० | भ्रक्षँ' ऽ [अद' ने]१. १०३७ ||
भ्रज्ज् | तु० अनिट् उ० | भ्र' स्जँ' पा' के ६. ४ ||
भ्रण् | भ्वा० सेट् प० | भ्रणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५२० ||
भ्रम् | भ्वा० सेट् प० | भ्रमुँ चल' ने १. ९८५ ||
भ्रम् | दि० सेट् प० | भ्रमुँ अन' वस्थाने ४. १०२ ||
भ्रस्ज् | तु० अनिट् उ० | भ्र' स्जँ' पा' के ६. ४ ||
भ्राज् | भ्वा० सेट् आ० | टुभ्राजृँ' ऽ [दीप्तौ' ]१. ९५७ ||
भ्राज् | भ्वा० सेट् आ० | भ्राजृँ' दीप्तौ' १. २०५ ||
भ्राश् | भ्वा० सेट् आ० | टुभ्राशृँ' ऽ [दीप्तौ' ]१. ९५८ ||
भ्री | क्र्या० अनिट् प० | भ्री' भ' ये | भर' ण' इत्येके' ९. ४१ ||
भ्रूण् | चु० सेट् आ० | भ्रूणँ' आशाविश' ङ्कयोः' (आ' शाया' म्)१०. २१३ ||
भ्रेज् | भ्वा० सेट् आ० | भ्रेजृँ' ऽ [दीप्तौ' ]१. २०४ ||
भ्रेष् | भ्वा० सेट् उ० | भ्रेषृँ' ऽ [गतौ' ]१. १०२७ ||
भ्लक्ष् | भ्वा० सेट् उ० | भ्लक्षँ' अद' ने १. १०३८ ||
भ्लाश् | भ्वा० सेट् आ० | टुभ्लाशृँ' दीप्तौ' १. ९५९ ||
भ्लेष् | भ्वा० सेट् उ० | भ्लेषृँ' गतौ' १. १०२८ ||
मंह् | भ्वा० सेट् आ० | महिँ' वृद्धौ' १. ७२१ ||
मंह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| महिँ [भा' षार्थः' ]च १०. ३३० ||
मख् | भ्वा० सेट् प० | मखँऽ [गत्य' र्थः]१. १४० ||
मङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | मकिँ' मण्ड' ने १. ९४ ||
मङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | मखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १४१ ||
मङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | मगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५७ ||
मङ्घ् | भ्वा० सेट् आ० | मघिँ' गत्याक्षे' पे | गतौ' गत्यार' म्भे चेत्यप' रे | मघिँ' कैत' वे च १. ११७ ||
मङ्घ् | भ्वा० सेट् प० | मघिँ मण्ड' ने १. १८३ ||
मच् | भ्वा० सेट् आ० | मचँ' ऽ [कल्क' ने | कथ' न' इत्य' न्ये]१. १९५ ||
मज्ज् | तु० अनिट् प० | टुम' स्जोँ शुद्धौ' ६. १५१ ||
मञ्च् | भ्वा० सेट् आ० | मचिँ' धारणोच्च्रायपूज' नेषु' १. १९७ ||
मठ् | भ्वा० सेट् प० | मठँ मदनिवा' सयोः' १. ३८४ ||
मण् | भ्वा० सेट् प० | मणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१६ ||
मण्ठ् | भ्वा० सेट् आ० | मठिँ' ऽ [शोके' ]१. २९६ ||
मण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | मडिँ' च [वि' भाज' ने]१. ३०५ ||
मण्ड् | भ्वा० सेट् प० | मडिँ भू' षाया' म् १. ३६१ ||
मण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मडिँ भू' षायां' हर्षे' च १०. ७६ ||
मथ् | भ्वा० सेट् प० | मथेँ वि' लोड' ने १. ९८३ ||
मद् | चु० सेट् आ० | मदँ' तृप्तियो' गे १०. २२९ ||
मद् | दि० सेट् प० | मदीँ हर्षे' ४. १०५ ||
मद् | मदीँ हर्षग्लेप' नयोः' [मित्]१. ९२७ ||
मन् | चु० सेट् आ० | मानँ' स्त' म्भे १०. २३३ ||
मन् | दि० अनिट् आ० | म' नँ' ज्ञाने' ४. ७३ ||
मन् | त० सेट् आ० | मनुँ' अव' बोध' ने ८. ९ ||
मन्त्र् | चु० सेट् आ० | मत्रिँ' गुप्तपरिभाष' णे १०. १९९ ||
मन्थ् | भ्वा० सेट् प० | मथिँ हिंसासङ्क्लेश' नयोः' १. ४८ ||
मन्थ् | भ्वा० सेट् प० | मन्थँ वि' लोड' ने १. ४४ ||
मन्थ् | क्र्या० सेट् प० | मन्थँ वि' लोड' ने ९. ४७ ||
मन्द् | भ्वा० सेट् आ० | मदिँ' स्तुतिमोदमदस्वप्नकान्तिग' तिषु' १. १३ ||
मभ्र् | भ्वा० सेट् प० | मभ्रँऽ [गत्य' र्थः]१. ६३९ ||
मय् | भ्वा० सेट् आ० | मयँ' ऽ [गतौ' ]१. ५४९ ||
मर्च् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मर्चँ [शब्दा' र्थः]च' १०. १५१ ||
मर्ब् | भ्वा० सेट् प० | मर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८५ ||
मर्व् | भ्वा० सेट् प० | मर्वँ पूर' णे १. ६५९ ||
मल् | भ्वा० सेट् आ० | मलँ' ऽ [धार' णे]१. ५६६ ||
मल्ल् | भ्वा० सेट् आ० | मल्लँ' धार' णे १. ५६७ ||
मव् | भ्वा० सेट् प० | मवँ बन्ध' ने १. ६८३ ||
मव्य् | भ्वा० सेट् प० | मव्यँ बन्ध' ने १. ५८५ ||
मश् | भ्वा० सेट् प० | मशँ शब्दे' १. ८२५ ||
मष् | भ्वा० सेट् प० | मषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८८ ||
मष्क् | भ्वा० सेट् आ० | मस्कँ' ऽ (मष्कँ' )[गत्य' र्थः]१. १०७ ||
मस् | दि० सेट् प० | मसीँ परि' माने' ४. १३१ ||
मस्क् | भ्वा० सेट् आ० | मस्कँ' ऽ (मष्कँ' )[गत्य' र्थः]१. १०७ ||
मस्ज् | तु० अनिट् प० | टुम' स्जोँ शुद्धौ' ६. १५१ ||
मह (मह्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| महँ पू' जाया' म् १०. ४०६ ||
मह् | भ्वा० सेट् प० | महँ पू' जाया' म् १. ८३१ ||
मा | अ० अनिट् प० | मा' माने' २. ५७ ||
मा | जु० अनिट् आ० | मा' ङ् माने' शब्दे' च ३. ७ ||
मा | दि० अनिट् आ० | मा' ङ् माने' ४. ३७ ||
माङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | माक्षिँ का' ङ्क्षाया' म् १. ७६२ ||
मान् | भ्वा० सेट् आ० | मानँ' पू' जाया' म् १. ११२७ ||
मान् | चु० सेट् आ० | मनँ' [स्त' म्भे]इत्येके' १०. २३४ ||
मान् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मानँ पू' जाया' म् १०. ३८१ ||
मार्ग् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मार्गँ अ' न्वेष' णे १०. ३८४ ||
मार्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मार्जँ शब्दा' र्थौ १०. १५० ||
माह् | भ्वा० सेट् उ० | माहृँ' माने' १. १०४२ ||
मि | स्वा० अनिट् उ० | डु' मि' ञ् प्र' क्षेप' ने ५. ४ ||
मिच् | तु० सेट् प० | मिचँ उत्क्ले' शे ६. १७ ||
मिञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मिजिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८६ ||
मिथ् | भ्वा० सेट् उ० | मिथृँ' ऽ [[मेधाहिंस' नयोः' ]इत्येके' ]१. १००८ ||
मिद् | भ्वा० सेट् उ० | मिदृँ' ऽ [मेधाहिंस' नयोः' ]१. १००६ ||
मिद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मिदँ [स्नेह' ने]इत्येके' १०. १२ ||
मिद् | दि० सेट् प० | ञिमिदाँ स्नेह' ने ४. १५८ ||
मिध् | भ्वा० सेट् उ० | मिधृँ' [मेधाहिंस' नयोः' ]इत्य' न्ये १. १०१० ||
मिन्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मिदिँ स्नेह' ने १०. ११ ||
मिन्व् | भ्वा० सेट् प० | मिविँऽ [सेच' ने | सेच' ने' चेत्येके' ]१. ६७२ ||
मिल् | तु० सेट् उ० | मिलँ' सङ्ग' मे (स' ङ्गम' ने)६. १६५ ||
मिल् | तु० सेट् प० | मिलँ श्लेष' णे ६. ९१ ||
मिश् | भ्वा० सेट् प० | मिशँऽ [शब्दे' ]१. ८२४ ||
मिश्र (मिश्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मिश्रँ सम्प' र्के १०. ४६६ ||
मिष् | भ्वा० सेट् प० | मिषुँऽ [सेच' ने]१. ७९५ ||
मिष् | तु० सेट् प० | मिषँ स्प' र्धाया' म् ६. ७९ ||
मिह् | भ्वा० अनिट् प० | मिः' अँ सेच' ने १. ११४७ ||
मी | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मी गतौ' १०. ३६१ ||
मी | दि० अनिट् आ० | (ओँ)मी' ङ् हिं' साया' म् ४. ३२ ||
मी | क्र्या० अनिट् उ० | मी' ञ् हिं' साया' म् (बन्ध' ने)(माने' )९. ४ ||
मीम् | भ्वा० सेट् प० | मीमृँ गतौ' | मीमृँ शब्दे' च १. ५३९ ||
मील् | भ्वा० सेट् प० | मीलँऽ [नि' मेष' णे]१. ५९५ ||
मीव् | भ्वा० सेट् प० | मीवँऽ [स्थौल्ये' ]१. ६४५ ||
मुङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | (मुखिँऽ)[गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १६६ ||
मुच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मुचँ प्र' मोच' ने' मोद' ने च (प्रमोचनमोद' नयोः' )१०. २७२ ||
मुच् | तु० अनिट् उ० | मु' चॢँ' मोक्ष' णे (मोच' ने)६. १६६ ||
मुज् | भ्वा० सेट् प० | मुजँऽ [शब्दा' र्थः]१. २८३ ||
मुञ्च् | भ्वा० सेट् आ० | मुचि' कल्क' ने | कथ' न' इत्य' न्ये १. १९६ ||
मुञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | मुजिँ शब्दा' र्थाः १. २८४ ||
मुट् | भ्वा० सेट् प० | मुटँऽ [मर्द' ने (प्र' मर्द' ने)]इत्येके' १. ३६६ ||
मुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मुटँ स' ञ्चूर्ण' ने १०. १०४ ||
मुट् | तु० सेट् प० | मुटँ आक्षेपप्रमर्द' नयोः' ६. १०१ ||
मुड् | भ्वा० सेट् प० | मुडँऽ [मुटँऽ][मर्द' ने (प्र' मर्द' ने)]१. ३६४ ||
मुण् | तु० सेट् प० | मुणँ प्रति' ज्ञाने' ६. ६० ||
मुण्ठ् | भ्वा० सेट् आ० | मुठिँ' पाल' ने १. २९८ ||
मुण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | मुडिँ' मार्ज' ने १. ३०८ ||
मुण्ड् | भ्वा० सेट् प० | मुडिँ खण्ड' ने १. ३६९ ||
मुद् | भ्वा० सेट् आ० | मुदँ' हर्षे' १. १६ ||
मुद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मुदँ संस' र्गे १०. २६८ ||
मुर् | तु० सेट् प० | मुरँ सं' वेष्ट' ने (स' ञ्चेष्ट' ने)६. ६९ ||
मुर्च् | भ्वा० सेट् प० | मुर्चाँ मोहनसमुच्च्रा' ययोः' १. २४० ||
मुर्व् | भ्वा० सेट् प० | मुर्वीँ बन्ध' ने १. ६५६ ||
मुष् | क्र्या० सेट् प० | मुषँ स्तेये' ९. ६६ ||
मुस् | दि० सेट् प० | मुसँ खण्ड' ने ४. १३० ||
मुस्त् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मुस्तँ सङ्घा' ते १०. १२६ ||
मुह् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | मुः' अँ वैचि' त्त्ये ४. ९५ ||
मू | भ्वा० सेट् आ० | मूङ् बन्ध' ने १. ११२२ ||
मू | क्र्या० सेट् उ० | मूञ् बन्ध' ने ९. १५ ||
मूत्र (मूत्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मूत्रँ प्र' स्रव' णे १०. ४५१ ||
मूल् | भ्वा० सेट् प० | मूलँ प्रति' ष्ठाया' म् १. ६०७ ||
मूल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मूलँ रोह' ने १०. ९२ ||
मूष् | भ्वा० सेट् प० | मूषँ स्तेये' १. ७७० ||
मृ | तु० अनिट् आ० | मृ' ङ् प्राणत्या' गे ६. १३९ ||
मृक्ष् | भ्वा० सेट् प० | मृक्षँ सङ्घा' ते १. ७५४ ||
मृग (मृग्)| चु० सेट् आ० | मृगँ' अ' न्वेष' णे १०. ४४२ ||
मृज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मृजूँ शौचालङ्का' रयोः' १०. ३८६ ||
मृज् | अ० सेट् प० | मृजूँ [मृजूँष्]शुद्धौ' २. ६१ ||
मृड् | तु० सेट् प० | मृडँ सुख' ने ६. ५३ ||
मृड् | क्र्या० सेट् प० | मृडँ (क्षोदे' )सु' खे च' ९. ५२ ||
मृण् | तु० सेट् प० | मृणँ हिं' साया' म् ६. ५७ ||
मृण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| (मृडिँऽ [प्रेर' णे])१०. १६५ ||
मृद् | क्र्या० सेट् प० | मृदँ क्षोदे' ९. ५१ ||
मृध् | भ्वा० सेट् उ० | मृधुँ' उन्द' ने १. १०१५ ||
मृश् | तु० अनिट् प० | मृ' शँ आ' मर्श' णे ६. १६१ ||
मृष् | भ्वा० सेट् प० | मृषुँ सेच' ने | मृषुँ सह' ने च १. ८०४ ||
मृष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)(आ०)| मृषँ' (मृषँ' )तिति' क्षाया' म् १०. ३८७ ||
मृष् | दि० सेट् उ० | मृषँ' तिति' क्षाया' म् ४. ६० ||
मॄ | क्र्या० सेट् प० | मॄ हिं' साया' म् ९. २५ ||
मे | भ्वा० अनिट् आ० | मे' ङ् प्रणिदा' ने १. १११६ ||
मेथ् | भ्वा० सेट् उ० | मेथृँ' [मेधाहिंस' नयोः' ]इत्येके' १. १००९ ||
मेद् | भ्वा० सेट् उ० | मेदृँ' मेधाहिंस' नयोः' १. १००७ ||
मेध् | भ्वा० सेट् उ० | मेधृँ' [मेधाहिंस' नयोः' ]इत्य' न्ये | मेधृँ' सङ्ग' मे च' १. १०११ ||
मेप् | भ्वा० सेट् आ० | मेपृँ' ऽ [गतौ' ]१. ४२९ ||
मेव् | भ्वा० सेट् आ० | मेवृँ' ऽ [सेव' ने]१. ५७८ ||
मोक्ष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| मोक्षँ आस' ने (अस' ने)१०. २५६ ||
म्ना | भ्वा० अनिट् प० | म्ना' अभ्या' से १. १०७८ ||
म्रक्ष् | भ्वा० सेट् प० | म्रक्षँ [सङ्घा' ते]इत्येके' १. ७५५ ||
म्रक्ष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| म्रक्षँ चेद' ने १०. १७१ ||
म्रक्ष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| म्रक्षँ म्लेच्च' ने १०. १६८ ||
म्रच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| म्रचँ [म्लेच्च' ने]इत्येके' १०. १६९ ||
म्रद् | भ्वा० सेट् आ० | म्रदँ' (म्)मर्द' ने १. ८७१ ||
म्रुच् | भ्वा० सेट् प० | म्रुचुँऽ [गत्य' र्थः]१. २२२ ||
म्रुञ्च् | भ्वा० सेट् प० | म्रुञ्चुँऽ [गत्य' र्थः]१. २२० ||
म्रेट् | भ्वा० सेट् प० | म्रेटृँऽ [उन्मा' दे]१. ३२७ ||
म्रेड् | भ्वा० सेट् प० | म्रेडृँ उन्मा' दे १. ३२८ ||
म्लुच् | भ्वा० सेट् प० | म्लुचुँ गत्य' र्थाः १. २२३ ||
म्लुञ्च् | भ्वा० सेट् प० | म्लुञ्चुँऽ [गत्य' र्थः]१. २२१ ||
म्लेच् | भ्वा० सेट् प० | म्लेचँ अव्य' क्ते' शब्दे' १. २३३ ||
म्लेच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| म्लेचँऽ [चेद' ने]| म्लेचँ अव्य' क्तायां वा' चि १०. १७० ||
म्लेट् | भ्वा० सेट् प० | म्लेटृँ [उन्मा' दे]इत्येके' १. ३२९ ||
म्लेव् | भ्वा० सेट् आ० | म्लेवृँ' सेव' ने १. ५७९ ||
म्लै | भ्वा० अनिट् प० | म्लै' हर्षक्ष' ये १. १०५२ ||
यक्ष् | चु० सेट् आ० | यक्षँ' पू' जाया' म् १०. २१५ ||
यज् | भ्वा० अनिट् उ० | य' जँ' देवपूजासङ्गतिकरणदा' नेषु' १. ११५७ ||
यत् | भ्वा० सेट् आ० | यतीँ' प्रय' त्ने १. ३० ||
यत् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| यतँ निकारोपस्का' रयोः' १०. २६१ ||
यन्त्र् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| यत्रिँ स' ङ्कोच' ने १०. ३ ||
यभ् | भ्वा० अनिट् प० | य' भँ मैथु' ने (विपरीतमैथु' ने)१. ११३५ ||
यम् | भ्वा० अनिट् प० | य' मँ उपर' मे १. ११३९ ||
यम् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| यमँ(म्)[यमँ]च परि' वेष' णे | चान्मित् १०. ११९ ||
यम् | यमोऽप' रिवेषणे [मित्]१. ९५३ ||
यस् | दि० सेट् प० | यसुँ प्रय' त्ने ४. १०७ ||
या | अ० अनिट् प० | या' प्राप' णे २. ४४ ||
याच् | भ्वा० सेट् उ० | टुयाचृँ' या' च्ञाया' म् १. १००१ ||
यु | चु० सेट् आ० | यु जुगु' प्साया' म् १०. २३५ ||
यु | अ० सेट् प० | यु मिश्रे' णेऽभि' श्रणे च २. २७ ||
यु | क्र्या० अनिट् उ० | यु' ञ् बन्ध' ने ९. ११ ||
युङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | युगिँऽ [वर्ज' ने]१. १७५ ||
युच् | भ्वा० सेट् प० | युचँ प्रमा' दे १. २४२ ||
युज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| युजँऽ [सं' यम' ने]१०. ३३८ ||
युज् | दि० अनिट् आ० | यु' जँ' समा' धौ ४. ७४ ||
युज् | रु० अनिट् उ० | यु' जिँ' र् योगे' ७. ७ ||
युत् | भ्वा० सेट् आ० | युतृँ' ऽ [भास' णे]१. ३१ ||
युध् | दि० अनिट् आ० | यु' धँ' सम्प्रहा' रे ४. ६९ ||
युप् | दि० सेट् प० | युपँऽ [वि' मोह' ने]४. १४८ ||
यूष् | भ्वा० सेट् प० | यूषँ हिं' साया' म् १. ७७५ ||
येष् | भ्वा० सेट् आ० | येषृँ' [प्रय' त्ने]इत्य' न्ये १. ७०२ ||
यौट् | भ्वा० सेट् प० | यौटृँ ब' न्धे १. ३२६ ||
रंह् | भ्वा० सेट् प० | रहिँ गतौ' १. ८३३ ||
रंह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रहिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२९ ||
रक् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रकँऽ [आ' स्वाद' ने]१०. २६२ ||
रक्ष् | भ्वा० सेट् प० | रक्षँ पाल' ने १. ७४६ ||
रख् | भ्वा० सेट् प० | रखँऽ [गत्य' र्थः]१. १४४ ||
रग् | भ्वा० सेट् प० | रगेँ(म्)श' ङ्काया' म् १. ८९४ ||
रग् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रगँ [आ' स्वाद' ने]इत्य' न्ये १०. २६५ ||
रघ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रघँ [आ' स्वाद' ने]इत्येके' १०. २६४ ||
रङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | रखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १४५ ||
रङ्ग (रङ्ग्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रङ्गँ गतौ' १०. ३९७ ||
रङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | रगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५३ ||
रङ्घ् | भ्वा० सेट् आ० | रघिँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. ११२ ||
रङ्घ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रघिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२६ ||
रच (रच्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रचँ प्रतिय' त्ने १०. ४०३ ||
रञ्ज् | |अरञ्जोऽम' न्ताश्च [मित्]१. ९४० ||
रञ्ज् | भ्वा० अनिट् उ० | र' ञ्जँ' रा' गे १. ११५४ ||
रञ्ज् | दि० अनिट् उ० | र' ञ्जँ' रा' गे ४. ६३ ||
रट (रट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रटँ परि' भाष' णे १०. ४६२ ||
रट् | भ्वा० सेट् प० | रटँ [परि' भाष' णे]इत्येके' १. ३८७ ||
रट् | भ्वा० सेट् प० | रटँ परि' भाष' णे १. ३३४ ||
रठ् | भ्वा० सेट् प० | रठँ परि' भाष' णे १. ३८६ ||
रण् | भ्वा० सेट् प० | रणँ(म्)गतौ' १. ९०४ ||
रण् | भ्वा० सेट् प० | रणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१३ ||
रण् | भ्वा० सेट् प० | रणिऽ [मित्][इति भोजः' ]१. ९३२ ||
रण्व् | भ्वा० सेट् प० | रविँऽ [गत्य' र्थः]१. ६८० ||
रद् | भ्वा० सेट् प० | रदँ वि' लेख' ने १. ५५ ||
रध् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | र' धँ हिंसासंरा' द्ध्योः ४. ९० ||
रप् | भ्वा० सेट् प० | रपँऽ [व्य' क्तायां वा' चि]१. ४६७ ||
रफ् | भ्वा० सेट् प० | रफँऽ [गतौ' ]१. ४७९ ||
रभ् | भ्वा० अनिट् आ० | र' भँ' राभ' स्ये १. ११२९ ||
रम् | भ्वा० अनिट् आ० | र' मुँ' क्री' डाया' म् | र' मँ' इति' माध' वः १. ९८९ ||
रम्फ् | भ्वा० सेट् प० | रफिँऽ [गतौ' ]१. ४८० ||
रम्ब् | भ्वा० सेट् आ० | रबिँ' ऽ [शब्दे' ]१. ४३६ ||
रम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | रभिँ' [शब्दे' ]क्व' चित्पठ्यते (इत्येके' )१. ४४९ ||
रय् | भ्वा० सेट् आ० | रयँ' गतौ' १. ५५४ ||
रस (रस्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रसँ आस्वादनस्नेह' नयोः' १०. ४७७ ||
रस् | भ्वा० सेट् प० | रसँ शब्दे' १. ८१० ||
रह (रह्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रहँ त्या' गे १०. ३९६ ||
रह् | भ्वा० सेट् प० | रहँ त्या' गे १. ८३२ ||
रह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रहँ(म्)त्या' गे १०. १२२ ||
रा | अ० अनिट् प० | रा' दा' ने २. ५२ ||
राख् | भ्वा० सेट् प० | राखृँऽ [शोषणालम' र्थ्योः]१. १३० ||
राघ् | भ्वा० सेट् आ० | राघृँ' ऽ [साम' र्थ्ये]१. ११८ ||
राज् | भ्वा० सेट् उ० | राजृँ' दीप्तौ' १. ९५६ ||
राध् | दि० अनिट् प० | रा' धोऽक' र्मका' द्वृद्धा' वे' व ४. ७७ ||
राध् | स्वा० अनिट् प० | रा' धँऽ [संसि' द्धौ]५. १८ ||
रास् | भ्वा० सेट् आ० | रासृँ' शब्दे' १. ७१३ ||
रि | स्वा० सेट् प० | रिऽ [ऋऽ][हिं' साया' म्]५. ३२ ||
रि | तु० अनिट् प० | रि' ऽ [गतौ' ]६. १४० ||
रिख् | भ्वा० सेट् प० | रिखँऽ [गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १६८ ||
रिङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | रिखिँऽ [गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १६९ ||
रिङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | रिगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १६४ ||
रिच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रिचँ वियोजनसम्पर्च' नयोः' १०. ३४८ ||
रिच् | रु० अनिट् उ० | रि' चिँ' र् वि' रेच' ने ७. ४ ||
रिण्व् | भ्वा० सेट् प० | रिविँऽ [गत्य' र्थः]१. ६७९ ||
रिफ् | तु० सेट् प० | रिफँ कत्थनयुद्धनिन्दाहिंसादा' नेषु' ६. २६ ||
रिश् | तु० अनिट् प० | रि' शँ हिं' साया' म् ६. १५६ ||
रिष् | भ्वा० सेट् प० | रिषँ हिं' सार्थाः' १. ७९० ||
रिष् | दि० सेट् प० | रिषँ हिं' साया' म् ४. १४४ ||
रिह् | तु० सेट् प० | रिहँ [कत्थनयुद्धनिन्दाहिंसादा' नेषु' ]इत्येके' ६. २७ ||
री | दि० अनिट् आ० | (ओँ)री' ङ् श्रव' णे ४. ३३ ||
री | क्र्या० अनिट् प० | री' गतिरेष' णयोः' ९. ३५ ||
रुंश् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रुशिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३१९ ||
रुंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रुसिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२१ ||
रु | भ्वा० अनिट् आ० | रु' ङ् गतिरोष' णयोः' १. १११४ ||
रु | अ० सेट् प० | रु शब्दे' २. २८ ||
रुच् | भ्वा० सेट् आ० | रुचँ' दीप्ता' व' भिप्री' तौ च १. ८४७ ||
रुज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रुजँ हिं' साया' म् १०. ३३५ ||
रुज् | तु० अनिट् प० | रु' जोँ भ' ङ्गे ६. १५२ ||
रुट् | भ्वा० सेट् आ० | रुटँ' ऽ [उपघा' ते (प्रतिघा' ते)]१. ८४९ ||
रुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रुटँ [रोषे' ]इत्येके' १०. १८८ ||
रुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रुटँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३१४ ||
रुठ् | भ्वा० सेट् प० | रुठँऽ [उपघा' ते]१. ३८९ ||
रुण्ट् | भ्वा० सेट् प० | रुटिँऽ [स्तेये' ]१. ३७१ ||
रुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | रुठिँ [गतौ' ]१. ४०० ||
रुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | रुठिँऽ [[स्तेये' ]इत्येके' ]१. ३७३ ||
रुण्ड् | भ्वा० सेट् प० | रुडिँऽ [[स्तेये' ]इत्यप' रे]१. ३७५ ||
रुद् | अ० सेट् प० | रुदिँर् अश्रुविमोच' ने २. ६२ ||
रुध् | रु० अनिट् उ० | रु' धिँ' र् आ' वर' णे ७. १ ||
रुप् | दि० सेट् प० | रुपँऽ [वि' मोह' ने]४. १४९ ||
रुश् | तु० अनिट् प० | रु' शँऽ [हिं' साया' म्]६. १५५ ||
रुष् | भ्वा० सेट् प० | रुषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८९ ||
रुष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रुषँ रोषे' १०. १८७ ||
रुष् | दि० सेट् प० | रुषँ [हिं' साया' म्](रोषे' )४. १४३ ||
रुह् | भ्वा० अनिट् प० | रुः' अँ बीजज' न्मनि' प्रादुर्भा' वे च' १. ९९५ ||
रूक्ष (रूक्ष्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रूक्षँ पारु' ष्ये १०. ४५२ ||
रूप (रूप्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| रूपँ रूपक्रि' याया' म् १०. ४७९ ||
रूष् | भ्वा० सेट् प० | रूषँ भू' षाया' म् १. ७७२ ||
रेक् | भ्वा० सेट् आ० | रेकृँ' श' ङ्काया' म् १. ८५ ||
रेज् | भ्वा० सेट् आ० | (रेजृँ' दीप्तौ' )१. २०६ ||
रेट् | भ्वा० सेट् उ० | रेटृँ' परि' भाष' णे १. १००२ ||
रेप् | भ्वा० सेट् आ० | रेपृँ' ऽ [गतौ' ]१. ४३० ||
रेभ् | भ्वा० सेट् आ० | रेभृँ' शब्दे' १. ४४७ ||
रेव् | भ्वा० सेट् आ० | रेवृँ' प्लव' गतौ' १. ५८४ ||
रेष् | भ्वा० सेट् आ० | रेषृँ' ऽ [अव्य' क्ते' शब्दे' ]१. ७०७ ||
रै | भ्वा० अनिट् प० | रै' शब्दे' १. १०५७ ||
रोड् | भ्वा० सेट् प० | रोडृँऽ [उन्मा' दे]१. ४१२ ||
रौड् | भ्वा० सेट् प० | रौडृँ अना' दरे १. ४११ ||
लक्ष् | चु० सेट् आ० | लक्षँ' आ' लोच' ने १०. २१९ ||
लक्ष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लक्षँ दर्शनाङ्क' नयोः' १०. ६ ||
लख् | भ्वा० सेट् प० | लखँऽ [गत्य' र्थः]१. १४६ ||
लग् | भ्वा० सेट् प० | लगेँ(म्)सङ्गे' १. ८९५ ||
लग् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लगँ आ' स्वाद' ने १०. २६३ ||
लङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | लखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १४७ ||
लङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | लगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५४ ||
लङ्घ् | भ्वा० सेट् आ० | लघिँ' गत्य' र्थः | लघिँ' भोजननिवृ' त्तावपि' १. ११३ ||
लङ्घ् | भ्वा० सेट् प० | लघिँ शोष' णे (भा' षायां' दीप्तौ' सीमातिक्र' मे च' )१. १८२ ||
लङ्घ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लघिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२७ ||
लङ्घ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लघिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २९१ ||
लच् | भ्वा० सेट् प० | लचँऽ [लक्ष' णे]१. २३४ ||
लज (लज्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लजँ प्र' काश' ने १०. ४६३ ||
लज् | भ्वा० सेट् प० | लजँऽ [भर्जने]१. २७१ ||
लज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लजँ [अप' वार' णे]इत्येके' १०. १६ ||
लज् | तु० सेट् आ० | ओँलजीँ' ऽ [व्री' डाया' म् (व्री' डे)]६. १० ||
लज्ज् | तु० सेट् आ० | ओँलस्जीँ' व्री' डाया' म् (व्री' डे)६. ११ ||
लञ्ज् (लञ्ज्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लजिँ [प्र' काश' ने]इत्येके' १०. ४६५ ||
लञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | लजिँ भर्जने १. २७२ ||
लञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लजिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३१५ ||
लञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लजिँऽ [हिंसाबलादाननिकेत' नेषु' ]१०. ४८ ||
लट् | भ्वा० सेट् प० | लटँ बाल्ये' १. ३३५ ||
लड् | भ्वा० सेट् प० | लडँ विला' से १. ४१५ ||
लड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लडँ उपसे' वाया' म् १०. १० ||
लड् | जिह्वोन्मथ' ने लडिः [मित्]१. ९२६ ||
लण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ओँलडिँ [ओलडिँ]उ' त्क्षेप' ने | उँलडिँ इत्य' न्ये १०. १३ ||
लण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लडिँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३३१ ||
लप् | भ्वा० सेट् प० | लपँ व्य' क्तायां वा' चि १. ४६८ ||
लभ् | भ्वा० अनिट् आ० | डुल' भँ' ष् प्राप्तौ' १. ११३० ||
लम्ब् | भ्वा० सेट् आ० | लबिँ' [शब्दे' ]अव' स्रंस' ने (च)१. ४३९ ||
लम्ब् | भ्वा० सेट् आ० | लबिँ' ऽ [शब्दे' ]१. ४३७ ||
लम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | लभिँ' च [[शब्दे' ]क्व' चित्पठ्यते]१. ४५० ||
लय् | भ्वा० सेट् आ० | लयँ' च [गतौ' ]१. ५५५ ||
लर्ब् | भ्वा० सेट् प० | लर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८३ ||
लल् | भ्वा० सेट् प० | ललँ [विला' से]इत्येके' (ई' प्साया' म्)१. ४१६ ||
लल् | चु० सेट् आ० | ललँ' ई' प्साया' म् १०. २१० ||
लष् | भ्वा० सेट् उ० | लषँ' कान्तौ' १. १०३३ ||
लस् | भ्वा० सेट् प० | लसँ [शब्दे' ]श्लेषणक्रीड' नयोः (च)१. ८११ ||
लस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लसँ शिल्पयो' गे १०. २५३ ||
लस्ज् | तु० सेट् आ० | ओँलस्जीँ' व्री' डाया' म् (व्री' डे)६. ११ ||
ला | अ० अनिट् प० | ला' आदा' ने (दा' ने)२. ५३ ||
लाख् | भ्वा० सेट् प० | लाखृँऽ [शोषणालम' र्थ्योः]१. १३१ ||
लाघ् | भ्वा० सेट् आ० | लाघृँ' ऽ [साम' र्थ्ये]१. ११९ ||
लाज् | भ्वा० सेट् प० | लाजँऽ [[भर्जने]भर्त्स' ने च]१. २७३ ||
लाञ्च् | भ्वा० सेट् प० | लाचिँ लक्ष' णे १. २३५ ||
लाञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | लाजिँ [भर्जने]भर्त्स' ने च १. २७४ ||
लाभ (लाभ्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लाभँ प्रेर' णे १०. ४८२ ||
लिख् | भ्वा० सेट् प० | लिखँऽ [गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १७० ||
लिख् | तु० सेट् प० | लिखँ अक्षरविन्या' से ६. ९२ ||
लिङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | लिखिँऽ [गत्य' र्थः [इत्यपि' केचि' त्]]१. १७१ ||
लिङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | लिगिँ गत्य' र्थाः १. १६५ ||
लिङ्ग् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लिगिँ चित्री' कर' णे १०. २६७ ||
लिञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लिजिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८८ ||
लिप् | तु० अनिट् उ० | लि' पँ' उपदेः' ए ६. १६९ ||
लिश् | दि० अनिट् आ० | लि' शँ' अल्पीभा' वे ४. ७६ ||
लिश् | तु० अनिट् प० | लि' शँ गतौ' ६. १५७ ||
लिह् | अ० अनिट् उ० | लिः' अँ' आ' स्वाद' ने २. ६ ||
ली | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ली द्रवी' कर' णे १०. ३४३ ||
ली | दि० अनिट् आ० | (ओँ)ली' ङ् श्लेष' णे ४. ३४ ||
ली | क्र्या० अनिट् प० | ली' श्लेष' णे ९. ३६ ||
लुञ्च् | भ्वा० सेट् प० | लुञ्चँ अप' नय' ने १. २१४ ||
लुञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लुजिँ हिंसाबलादाननिकेत' नेषु' १०. ४९ ||
लुञ्ज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लुजिँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८९ ||
लुट् | भ्वा० सेट् आ० | लुटँ' ऽ [उपघा' ते (प्रतिघा' ते)]१. ८५० ||
लुट् | भ्वा० सेट् प० | लुटँ वि' लोड' ने १. ३५१ ||
लुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लुटँऽ [भा' षार्थः' ]१०. २८४ ||
लुट् | दि० सेट् प० | लुटँ वि' लोड' ने ४. १३३ ||
लुट् | तु० सेट् प० | लुटँ सं' श्लेष' णे ६. १०९ ||
लुठ् | भ्वा० सेट् आ० | लुठँ' [उपघा' ते (प्रतिघा' ते)]१. ८५१ ||
लुठ् | भ्वा० सेट् प० | लुठँऽ [उपघा' ते]१. ३९० ||
लुठ् | दि० सेट् प० | लुठँ [वि' लोड' ने]इत्येके' ४. १३४ ||
लुठ् | तु० सेट् प० | लुठँ [सं' श्लेष' णे]इत्येके' ६. ११० ||
लुड् | भ्वा० सेट् प० | लुडँ [वि' लोड' ने]इत्येके' १. ३५२ ||
लुड् | तु० सेट् प० | लुडँ [सं' श्लेष' णे]इत्य' न्ये ६. १११ ||
लुण्ट् | भ्वा० सेट् प० | लुटिँ स्तेये' १. ३७२ ||
लुण्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लुण्टँ स्तेये' १०. ३९ ||
लुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | लुठिँ [स्तेये' ]इत्येके' १. ३७४ ||
लुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | लुठिँ आल' स्ये प्रतिघा' ते च' १. ३९८ ||
लुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | लुठिँ गतौ' १. ४०१ ||
लुण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लुण्ठँ [स्तेये' ]इति' केचि' त् १०. ४० ||
लुण्ड् | भ्वा० सेट् प० | लुडिँ [स्तेये' ]इत्यप' रे १. ३७६ ||
लुन्थ् | भ्वा० सेट् प० | लुथिँऽ [हिंसासङ्क्लेश' नयोः' ]१. ४७ ||
लुप् | दि० सेट् प० | लुपँ वि' मोह' ने ४. १५० ||
लुप् | तु० अनिट् उ० | लु' पॢँ' चेद' ने ६. १६७ ||
लुभ् | दि० सेट् प० | लुभँ गार्द्ध्ये' (गार्ध्न्ये' )४. १५३ ||
लुभ् | तु० सेट् प० | लुभँ वि' मोह' ने ६. २५ ||
लुम्ब् | भ्वा० सेट् प० | लुबिँऽ [अर्द' ने]१. ४९३ ||
लुम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लुबिँऽ [अद' र्शने | अर्द' न' इत्येके' ]१०. १५९ ||
लू | क्र्या० सेट् उ० | लूञ् चेद' ने ९. १६ ||
लूष् | भ्वा० सेट् प० | लूषँऽ [भू' षाया' म्]१. ७७१ ||
लूष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लूषँ हिं' साया' म् १०. १०० ||
लेप् | भ्वा० सेट् आ० | लेपृँ' गतौ' १. ४३१ ||
लोक् | भ्वा० सेट् आ० | लोकृँ' दर्श' ने १. ८० ||
लोक् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लोकृँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३०७ ||
लोच् | भ्वा० सेट् आ० | लोचृँ' दर्श' ने १. १८८ ||
लोच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| लोचृँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३०८ ||
लोड् | भ्वा० सेट् प० | लोडृँ उन्मा' दे १. ४१३ ||
लोष्ट् | भ्वा० सेट् आ० | लोष्टँ' सङ्घा' ते १. २९१ ||
वक्ष् | भ्वा० सेट् प० | वक्षँ रोषे' | सङ्घा' त इत्येके' १. ७५३ ||
वख् | भ्वा० सेट् प० | वखँऽ [गत्य' र्थः]१. १३८ ||
वङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | वकिँ' कौटि' ल्ये १. ९३ ||
वङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | वकिँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०० ||
वङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | वखिँऽ [गत्य' र्थः]१. १३९ ||
वङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | वगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १५६ ||
वङ्घ् | भ्वा० सेट् आ० | वघिँ' ऽ [गत्याक्षे' पे | गतौ' गत्यार' म्भे चेत्यप' रे]१. ११६ ||
वच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वचँ परि' भाष' णे १०. ३८० ||
वच् | अ० अनिट् प० | व' चँ परि' भाष' णे २. ५८ ||
वज् | भ्वा० सेट् प० | वजँऽ [गतौ' ]१. २८५ ||
वञ्च् | भ्वा० सेट् प० | वञ्चुँऽ [गत्य' र्थः]१. २१६ ||
वञ्च् | चु० सेट् आ० | वञ्चुँ' प्र' लम्भ' ने १०. २२७ ||
वट (वट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वटँ ग्र' न्थे १०. ३९५ ||
वट (वट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वटँ वि' भाज' ने १०. ४६१ ||
वट् | भ्वा० सेट् प० | वटँ वेष्ट' ने १. ३३७ ||
वट् | भ्वा० सेट् प० | वटँ(म्)ऽ [परि' भाष' णे]१. ८८८ ||
वठ् | भ्वा० सेट् प० | वठँ स्थौल्ये' १. ३८२ ||
वण् | भ्वा० सेट् प० | वणँऽ [शब्दा' र्थः]१. ५१४ ||
वण्ट् (वण्ट्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वटिँऽ [[प्र' काश' ने]इत्येके' ]१०. ४६४ ||
वण्ट् | भ्वा० सेट् प० | वटिँऽ वि' भाज' ने १. ३७७ ||
वण्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वटिँ वि' भाज' ने १०. ७३ ||
वण्ठ् | भ्वा० सेट् आ० | वठिँ' एकच' र्याया' म् १. २९५ ||
वण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | वडिँ' वि' भाज' ने १. ३०४ ||
वण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वडिँ [वि' भाज' ने]इत्येके' १०. ७४ ||
वद् | भ्वा० सेट् प० | वदँ व्य' क्तायां वा' चि १. ११६४ ||
वद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)(आ०)| वदँ' (वदँ' )सन्देशवच' ने १०. ३७९ ||
वन् | भ्वा० सेट् प० | वनँ शब्दे' १. ५३३ ||
वन् | भ्वा० सेट् प० | वनँऽ [सम्भ' क्तौ]१. ५३४ ||
वन् | भ्वा० सेट् प० | वनुँ(म्)च' नोच्य' ते (नो' पलभ्यते)१. ९१५ ||
वन् | त० सेट् आ० (प०)| वनुँ' (वनुँ)याच' ने ८. ८ ||
वन् | वनुँऽ [[अनु' पसर्गाद्वा]च][मित्]१. ९४७ ||
वन्द् | भ्वा० सेट् आ० | वदिँ' अभिवादनस्तु' त्योः १. ११ ||
वप् | भ्वा० अनिट् उ० | डुव' पँ' (टुव' पँ)बीजसन्ता' ने | चेद' नेऽपि १. ११५८ ||
वभ्र् | भ्वा० सेट् प० | वभ्रँऽ (बभ्रँऽ)[गत्य' र्थः]१. ६३८ ||
वम् | |अवमां' [अनु' पसर्गाद्वा]च [मित्]१. ९४८ ||
वम् | भ्वा० सेट् प० | टुवमँ उ' द्गिर' णे १. ९८४ ||
वय् | भ्वा० सेट् आ० | वयँ' ऽ [गतौ' ]१. ५४७ ||
वर (वर्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वरँ ई' प्साया' म् १०. ३९० ||
वर्च् | भ्वा० सेट् आ० | वर्चँ' दीप्तौ' १. १८६ ||
वर्ण (वर्ण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वर्णँ वर्णक्रियाविस्तारगुणवच' नेषु' | बहु' लमे' तन्नि' दर्श' न' म् (इत्येके' )१०. ४८४ ||
वर्ण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वर्णँऽ [प्रेर' णे]| वर्णँ वर्ण' न इत्येके' १०. २५ ||
वर्ध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वर्धँ चेदनपूर' नयोः' १०. १५६ ||
वर्ष् | भ्वा० सेट् आ० | वर्षँ' स्नेह' ने १. ६९७ ||
वर्ह् | भ्वा० सेट् आ० | वर्हँ' ऽ [परिभाषणहिंसाच्चाद' नेषु' ]१. ७२७ ||
वर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बर्हँऽ (वर्हँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०० ||
वर्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वर्हँ [हिं' साया' म्]इत्येके' १०. १७५ ||
वल् | भ्वा० सेट् आ० | वल' ऽ (बल' ऽ)[सं' वर' णे स' ञ्चल' ने च]१. ५६४ ||
वल् | भ्वा० सेट् प० | वलिऽ [मित्][इति भोजः' ]१. ९३० ||
वल्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वल्कँ परि' भाष' णे १०. ५४ ||
वल्ग् | भ्वा० सेट् प० | वल्गँऽ [गत्य' र्थः]१. १५२ ||
वल्भ् | भ्वा० सेट् आ० | वल्भँ' भोज' ने १. ४५६ ||
वल्ल् | भ्वा० सेट् आ० | वल्लँ' सं' वर' णे स' ञ्चल' ने च १. ५६५ ||
वल्ह् | भ्वा० सेट् आ० | वल्हँ' परिभाषणहिंसाच्चाद' नेषु' १. ७२८ ||
वल्ह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बल्हँऽ (वल्हँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. ३०१ ||
वश् | अ० सेट् प० | वशँ कान्तौ' २. ७५ ||
वष् | भ्वा० सेट् प० | वषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८७ ||
वष्क् | भ्वा० सेट् आ० | वस्कँ' ऽ (वष्कँ' ऽ)[गत्य' र्थः]१. १०६ ||
वस (वस्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वसँ निवा' से १०. ४८८ ||
वस् | भ्वा० अनिट् प० | व' सँ निवा' से १. ११६० ||
वस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वसँ स्नेहच्चेदापहर' णेषु' १०. २७३ ||
वस् | अ० सेट् आ० | वसँ' आ' च्चाद' ने २. १३ ||
वस् | दि० सेट् प० | वसुँ स्त' म्भे ४. १११ ||
वस्क् | भ्वा० सेट् आ० | वस्कँ' ऽ (वष्कँ' ऽ)[गत्य' र्थः]१. १०६ ||
वस्त् | चु० सेट् आ० | वस्तँ' [अर्द' ने]इत्येके' १०. २०५ ||
वह् | भ्वा० अनिट् उ० | वः' अँ' प्राप' णे १. ११५९ ||
वा | अ० अनिट् प० | वा' गतिगन्ध' नयोः' २. ४५ ||
वाङ्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | वाक्षिँऽ [का' ङ्क्षाया' म्]१. ७६१ ||
वाञ्च् | भ्वा० सेट् प० | वाचिँ इ' च्चाया' म् १. २३६ ||
वाड् | भ्वा० सेट् आ० | वाडृ' [आप्ला' व्ये' ]इत्येके' १. ३२१ ||
वात (वात्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वातँ सुखसेव' नयोः' १०. ४२४ ||
वावृत् | दि० सेट् आ० | वावृतुँ' [वर' णे (वर्त' ने)]इति' केचि' त् ४. ५६ ||
वाश् | दि० सेट् आ० | वाशृँ' शब्दे' ४. ५९ ||
वास (वास्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वासँ उपसे' वाया' म् १०. ४२६ ||
वाह् | भ्वा० सेट् आ० | बाहृँ' ऽ (वाहृँ' )प्रय' त्ने १. ७३२ ||
विच् | रु० अनिट् उ० | वि' चिँ' र् पृथग्भा' वे ७. ५ ||
विच् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| विचँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३०४ ||
विच् | तु० सेट् प० | विचँ गतौ' ६. १५९ ||
विज् | जु० अनिट् उ० | वि' जिँ' र् पृथग्भा' वे ३. १३ ||
विज् | तु० सेट् आ० | ओँविजीँ' भयचल' नयोः' ६. ९ ||
विज् | रु० सेट् प० | ओँविजीँ भयचल' नयोः' ७. २३ ||
विट् | भ्वा० सेट् प० | विटँ शब्दे' १. ३५४ ||
विथ् | भ्वा० सेट् आ० | विथृँ' ऽ [याच' ने]१. ३३ ||
विद् | चु० सेट् आ० | विदँ' चेतनाख्याननिवा' सेषु' १०. २३२ ||
विद् | अ० सेट् प० | विदँ ज्ञाने' २. ५९ ||
विद् | दि० अनिट् आ० | वि' दँ' सत्ता' याम् ४. ६७ ||
विद् | तु० सेट् उ० | विदॢँ' ला' भे ६. १६८ ||
विद् | रु० अनिट् आ० | वि' दँ' वि' चार' णे ७. १३ ||
विध् | तु० सेट् प० | विधँ विधा' ने ६. ५० ||
विप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| विपँऽ [क्षेपे' ]चेत्येके' १०. १३८ ||
विल् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| विलँ क्षेपे' १०. ९४ ||
विल् | तु० सेट् प० | विलँ सं' वर' णे ६. ८५ ||
विश् | तु० अनिट् प० | वि' शँ प्र' वेश' ने ६. १६० ||
विष् | भ्वा० सेट् प० | विषुँऽ [सेच' ने]१. ७९४ ||
विष् | जु० अनिट् उ० | वि' षॢँ' व्या' प्तौ ३. १४ ||
विष् | क्र्या० अनिट् प० | वि' षँ विप्रयो' गे ९. ६२ ||
विष्क (विष्क्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| विष्कँ दर्श' ने १०. ४८६ ||
विष्क् | चु० सेट् आ० | विष्कँ' हिं' साया' म् १०. २०७ ||
विस् | भ्वा० सेट् प० | विसँऽ [गतौ' ]१. ८१८ ||
विस् | दि० सेट् प० | बिसँ [प्रेर' णे]इत्येके' ४. १२४ ||
वी | अ० अनिट् प० | वी' गतिप्रजनकान्त्यसनखाद' नेषु' २. ४३ ||
वीज् | भ्वा० सेट् आ० | (वीजँ' गतौ' )१. २०९ ||
वीर (वीर्)| चु० सेट् आ० | वीरँ' विक्रा' न्तौ १०. ४४५ ||
वुङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | वुगिँ [वर्ज' ने]इत्येके' १. १७८ ||
वुस् | दि० सेट् प० | वुसँ [विभा' गे]इति' केचि' त् ४. ११८ ||
वृंह् | भ्वा० सेट् प० | बृहिँ (वृहिँ)वृद्धौ' | बृहिँ (वृहिँ)शब्दे' च १. ८३७ ||
वृंह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| बृहिँऽ (वृहिँऽ)[भा' षार्थः' ]१०. २९९ ||
वृ | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वृञ् आ' वर' णे १०. ३४५ ||
वृ | स्वा० सेट् उ० | वृञ् वर' णे ५. ८ ||
वृ | क्र्या० सेट् आ० | वृङ् सम्भ' क्तौ ९. ४५ ||
वृक् | भ्वा० सेट् आ० | वृकँ' आदा' ने १. ९७ ||
वृक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | वृक्षँ' वर' णे १. ६८८ ||
वृज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वृजीँ वर्ज' ने १०. ३४४ ||
वृज् | अ० सेट् आ० | वृजीँ' वर्ज' ने २. २२ ||
वृज् | रु० सेट् प० | वृजीँ वर्ज' ने ७. २४ ||
वृञ्ज् | अ० सेट् आ० | वृजिँ' [वर्ज' ने]इत्येके' २. २३ ||
वृण् | तु० सेट् प० | वृणँ च [प्रीण' ने]६. ५६ ||
वृत् | भ्वा० सेट् आ० | वृतुँ' वर्त' ने १. ८६२ ||
वृत् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वृतुँऽ [भा' षार्थः' ]१०. ३१२ ||
वृत् | दि० सेट् आ० | वृतुँ' वर' णे (वर्त' ने)४. ५५ ||
वृध् | भ्वा० सेट् आ० | वृधुँ' वृधौ' १. ८६३ ||
वृध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वृधुँ भा' षार्थाः' १०. ३१३ ||
वृश् | दि० सेट् प० | वृशँ वर' णे ४. १३९ ||
वृष् | भ्वा० सेट् प० | वृषुँऽ [सेच' ने हिंसासङ्क्लेश' नयो' श्च]१. ८०३ ||
वृष् | चु० सेट् आ० | वृषँ' शक्तिबन्ध' ने १०. २२८ ||
वृह् | भ्वा० सेट् प० | बृहँऽ (वृहँऽ)[वृद्धौ' ]| बृहिँर् (वृहिँर्)[वृद्धौ' [शब्दे' च]]इत्येके' १. ८३६ ||
वृह् | तु० सेट् प० | वृहूँ उ' द्यम' ने ६. ७३ ||
वॄ | क्र्या० सेट् उ० | वॄञ् वर' णे ९. १९ ||
वॄ | क्र्या० सेट् प० | वॄ वर' णे | भर' ण' इत्येके' ९. २३ ||
वे | भ्वा० अनिट् उ० | वे' ञ् तन्तुसन्ता' ने १. ११६१ ||
वेण् | भ्वा० सेट् उ० | वेणृँ' गतिज्ञानचिन्तानिशामनवादित्रग्रह' णेषु' १. १०१८ ||
वेथ् | भ्वा० सेट् आ० | वेथृँ' याच' ने १. ३४ ||
वेन् | भ्वा० सेट् उ० | वेनृँ' [गतिज्ञानचिन्तानिशामनवादित्रग्रह' णेषु' ]इत्येके' १. १०१९ ||
वेप् | भ्वा० सेट् आ० | टुवेपृ' कम्प' ने १. ४२५ ||
वेल (वेल्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| वेलँ कालोपदे' शे १०. ४२१ ||
वेल् | भ्वा० सेट् प० | वेलृँऽ [चल' ने]१. ६१४ ||
वेल्ल् | भ्वा० सेट् प० | वेल्लँ (वेह्लँ)चल' ने १. ६१९ ||
वेवी | अ० सेट् आ० | वेवीङ् वेति' ना' तुल्ये' २. ७२ ||
वेष्ट् | भ्वा० सेट् आ० | वेष्टँ' वेष्ट' ने १. २८८ ||
वेस् | भ्वा० सेट् प० | वेसँऽ [गतौ' ]१. ८१९ ||
वेह् | भ्वा० सेट् आ० | वेहृँ' ऽ (बेहृँ' ऽ)[प्रय' त्ने]१. ७३० ||
वेह्ल् | भ्वा० सेट् प० | वेल्लँ (वेह्लँ)चल' ने १. ६२० ||
वै | भ्वा० अनिट् प० | ओँवै शोष' णे १. १०७० ||
व्यच् | तु० सेट् प० | व्यचँ व्या' जी' कर' णे ६. १३ ||
व्यथ् | भ्वा० सेट् आ० | व्यथँ' (म्)भयसञ्चल' नयोः' १. ८६८ ||
व्यध् | दि० अनिट् प० | व्य' धँ ताड' ने ४. ७८ ||
व्यप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्यपँ क्षेपे' १०. १३६ ||
व्यय (व्यy)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्ययँ वित्तसमुत्स' र्गे १०. ४७८ ||
व्यय् | भ्वा० सेट् उ० | व्ययँ' गतौ' १. १०२४ ||
व्यय् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्ययँऽ [क्षेपे' [चत्येके' ]]१०. १३७ ||
व्युष् | दि० सेट् प० | व्युषँ दाः' ए ४. ८ ||
व्युष् | दि० सेट् प० | व्युषँ विभा' गे ४. ११४ ||
व्युस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्युसँ [हस' ने' | सह' ने' चेत्येके' ]इत्येके' १०. २७६ ||
व्युस् | दि० सेट् प० | व्युसँ [विभा' गे]इत्येके' ४. ११५ ||
व्ये | भ्वा० अनिट् उ० | व्ये' ञ् सं' वर' णे १. ११६२ ||
व्रज् | भ्वा० सेट् प० | (व्रजँऽ)[गतौ' ]१. २४७ ||
व्रज् | भ्वा० सेट् प० | व्रजँ गतौ' १. २८६ ||
व्रज् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्रजँ मार्गसंस्कारग' त्योः १०. १०९ ||
व्रञ्ज् | भ्वा० सेट् प० | (व्रजिँऽ)[गतौ' ]१. २४८ ||
व्रण (व्रण्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्रणँ गात्रविचूर्ण' ने १०. ४८३ ||
व्रण् | भ्वा० सेट् प० | व्रणँऽ (ब्रणँऽ)[शब्दा' र्थः]१. ५१९ ||
व्रश्च् | तु० सेट् प० | ओँव्रश्चूँ चेद' ने ६. १२ ||
व्री | दि० अनिट् आ० | (ओँ)व्री' ङ् वृ' णोत्य' र्थेँ ४. ३५ ||
व्री | क्र्या० अनिट् प० | व्री' वर' णे ९. ४० ||
व्रीड् | दि० सेट् प० | व्रीडँ चोद' ने ल' ज्जायां' च ४. २१ ||
व्रुड् | तु० सेट् प० | व्रुडँ सं' वर' णे ६. १२७ ||
व्रूष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्रूषँ [हिं' साया' म्]इत्य' न्ये १०. १७६ ||
व्रूस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| व्रूसँऽ [[हिं' साया' म्]इत्येके]१०. १७४ ||
व्ली | क्र्या० अनिट् प० | व्ली' वर' णे ९. ३७ ||
शंस् | भ्वा० सेट् प० | शंसुँ स्तुतौ' | दुर्ग' ता' वपीत्येके' (इति' दु' र्गः)१. ८२९ ||
शक् | दि० अनिट् उ० | श' कँ' विभा' षितो' मर्ष' णे ४. ८४ ||
शक् | स्वा० अनिट् प० | श' कॢँ शक्तौ' ५. १७ ||
शङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | शकिँ' श' ङ्काया' म् १. ९१ ||
शच् | भ्वा० सेट् आ० | शचँ' व्य' क्तायां वा' चि १. १८९ ||
शट् | भ्वा० सेट् प० | शटँ रुजाविशरणगत्यवसाद' नेषु' १. ३३६ ||
शठ (शठ्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शठँऽ [सम्यगव' भाष' णे]१०. ३९२ ||
शठ् | भ्वा० सेट् प० | शठँ [हिंसासङ्क्लेश' नयोः' ]कैत' वे च १. ३९४ ||
शठ् | चु० सेट् आ० | शठँ' श्ला' घाया' म् १०. २१४ ||
शठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शठँऽ [असंस्कारग' त्योः]१०. ४१ ||
शण् | भ्वा० सेट् प० | शणँ(म्)ऽ [[गतौ' ]दा' ने च' ]| शणँ गता' वित्य' न्ये १. ९०६ ||
शण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | शडिँ' रु' जायां' सङ्घा' ते च' १. ३१३ ||
शद् | भ्वा० अनिट् प० | श' दॢँ शात' ने १. ९९१ ||
शद् | तु० अनिट् प० | श' दॢँ शात' ने ६. १६४ ||
शप् | भ्वा० अनिट् उ० | श' पँ' आक्रो' शे १. ११५५ ||
शप् | दि० अनिट् उ० | श' पँ' आक्रो' शे ४. ६४ ||
शब्द् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शब्दँ [भाष' णे](शब्दक्रि' याया' म् |)उपस' र्गादा' विष्का' रे च' १०. २३९ ||
शम् | चु० सेट् आ० | शमँ' ऽ [आ' लोच' ने]१०. २१८ ||
शम् | दि० सेट् प० | शमुँ उपश' मे ४. ९८ ||
शम् | शमो दर्श' ने [मित्]१. ९५२ ||
शम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शम्बँ [स' म्बन्ध' ने]च १०. ३१ ||
शर्ब् | भ्वा० सेट् प० | शर्बँऽ [गतौ' ]१. ४८९ ||
शर्व् | भ्वा० सेट् प० | शर्वँऽ [हिं' साया' म्]१. ६६८ ||
शल् | भ्वा० सेट् आ० | शलँ' चलनसंवर' णयोः' १. ५६३ ||
शल् | भ्वा० सेट् प० | शलँऽ [गतौ' ]१. ९७७ ||
शल्भ् | भ्वा० सेट् आ० | शल्भँ' कत्थ' ने १. ४५५ ||
शव् | भ्वा० सेट् प० | शवँ गतौ' १. ८२६ ||
शश् | भ्वा० सेट् प० | शशँ प्लुतग' तौ १. ८२७ ||
शष् | भ्वा० सेट् प० | शषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८६ ||
शस् | भ्वा० सेट् प० | शसुँ हिं' साया' म् १. ८२८ ||
शाख् | भ्वा० सेट् प० | शाखृँऽ [व्या' प्तौ]१. १३४ ||
शाड् | भ्वा० सेट् आ० | शाडृँ' श्ला' घाया' म् १. ३२४ ||
शान् | भ्वा० सेट् उ० | शानँ' तेज' ने (अव' तेज' ने)१. ११५० ||
शान्त्व् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शान्त्वँ [सामप्रयो' गे]इत्येके' १०. ५२ ||
शास् | अ० सेट् प० | शासुँ अनु' शिष्टौ २. ७० ||
शि | स्वा० अनिट् उ० | शि' ञ् नि' शाने' ५. ३ ||
शिक्ष् | भ्वा० सेट् आ० | शिक्षँ' विद्योपादा' ने १. ६८९ ||
शिङ्ख् | भ्वा० सेट् प० | शिखिँ [गत्य' र्थः]इत्यपि' केचि' त् १. १७४ ||
शिङ्घ् | भ्वा० सेट् प० | शिघिँ आ' घ्राणे' १. १८४ ||
शिञ्ज् | अ० सेट् आ० | शिजिँ' अव्य' क्ते' शब्दे' २. १९ ||
शिट् | भ्वा० सेट् प० | शिटँऽ [अना' दरे]१. ३४० ||
शिल् | तु० सेट् प० | शिलँऽ [उ' ञ्चे]६. ८९ ||
शिष् | भ्वा० सेट् प० | शिषँऽ [हिं' सार्थः' ]१. ७८३ ||
शिष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शिषँ असर्वोपयो' गे १०. ३४९ ||
शिष् | रु० अनिट् प० | शि' षॢँ वि' शेष' णे ७. १४ ||
शी | अ० सेट् आ० | शीङ् स्वप्ने' २. २६ ||
शीक् | भ्वा० सेट् आ० | शीकृँ' सेच' ने १. ७८ ||
शीक् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शीकँ आ' मर्ष' णे १०. ३६३ ||
शीक् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शीकँऽ [[भा' षार्थः' ]च]१०. ३२० ||
शीभ् | भ्वा० सेट् आ० | शीभृँ' [[कत्थ' ने]च]१. ४४४ ||
शील (शील्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शीलँ उप' धार' णे १०. ४१९ ||
शील् | भ्वा० सेट् प० | शीलँ समा' धौ १. ६०१ ||
शुक् | भ्वा० सेट् प० | शुकँ गतौ' १. १२७ ||
शुच् | भ्वा० सेट् प० | शुचँ शोके' १. २१० ||
शुच् | दि० सेट् उ० | ईँशुचिँ' र् पूतीभा' वे ४. ६१ ||
शुच्य् | भ्वा० सेट् प० | शुच्यँ अभिष' वे १. ५९० ||
शुठ् | भ्वा० सेट् प० | शुठँ गतिप्रतिघा' ते (प्रतिघा' ते)१. ३९५ ||
शुठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शुठँ आल' स्ये १०. १४६ ||
शुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | शुठिँ [गतिप्रतिघा' ते (प्रतिघा' ते)]इत्येके' १. ३९६ ||
शुण्ठ् | भ्वा० सेट् प० | शुठिँ शोष' णे १. ३९९ ||
शुण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शुठिँ शोष' णे १०. १४७ ||
शुध् | दि० अनिट् प० | शु' धँ शौ' चे ४. ८८ ||
शुन् | तु० सेट् प० | शुनँ गतौ' ६. ६२ ||
शुन्ध् | भ्वा० सेट् प० | शुन्धँ शुद्धौ' १. ७७ ||
शुन्ध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शुन्धँ शौचक' र्मणि' १०. ३६९ ||
शुभ् | भ्वा० सेट् आ० | शुभँ' दीप्तौ' १. ८५३ ||
शुभ् | भ्वा० सेट् प० | शुभँऽ [भाष' ने | भास' न इत्येके' | हिं' साया' मित्य' न्ये]१. ५०० ||
शुभ् | तु० सेट् प० | शुभँऽ [शो' भार्थे' ]६. ४६ ||
शुम्भ् | भ्वा० सेट् प० | शुम्भँ भाष' ने | भास' न इत्येके' | हिं' साया' मित्य' न्ये १. ५०१ ||
शुम्भ् | तु० सेट् प० | शुम्भँ शो' भार्थे' ६. ४७ ||
शुल्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शुल्कँ अति' सर्ज' ने (अति' स्पर्श' ने)१०. ११० ||
शुल्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शुल्बँ माने' १०. १०१ ||
शुष् | दि० अनिट् प० | शु' षँ शोष' णे ४. ८० ||
शूर (शूर्)| चु० सेट् आ० | शूरँ' ऽ [विक्रा' न्तौ]१०. ४४४ ||
शूर् | दि० सेट् आ० | शूरीँ' हिंसास्तम्भ' नयोः' (हिंसस्त' म्भयोः' )४. ५२ ||
शूर्प् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शूर्पँ च' [माने' ]१०. १०२ ||
शूल् | भ्वा० सेट् प० | शूलँ रु' जायां' सङ्घा' ते च' १. ६०४ ||
शूष् | भ्वा० सेट् प० | शूषँ प्रस' वे १. ७७३ ||
शृध् | भ्वा० सेट् आ० | शृधुँ' शब्दकु' त्साया' म् १. ८६४ ||
शृध् | भ्वा० सेट् उ० | शृधुँ' ऽ [उन्द' ने]१. १०१४ ||
शृध् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| शृधुँ प्र' सह' ने १०. २६० ||
शॄ | क्र्या० सेट् प० | शॄ हिं' साया' म् ९. २१ ||
शेल् | भ्वा० सेट् प० | शेलृँ गतौ' १. ६२३ ||
शेव् | भ्वा० सेट् आ० | शेवृँ' ऽ [[सेव' ने]इत्यप्येके' ]१. ५८० ||
शै | भ्वा० अनिट् प० | शै' ऽ [पा' के]१. १०६६ ||
शो | दि० अनिट् प० | शो' तनू' कर' णे ४. ४० ||
शोण् | भ्वा० सेट् प० | शोणृँ वर्णग' त्योः १. ५२४ ||
शौट् | भ्वा० सेट् प० | शौटृँ ग' र्वे १. ३२५ ||
श्चुत् | भ्वा० सेट् प० | श्चुतिँर् [आ' सेच' ने]इत्येके' १. ४१ ||
श्च्युत् | भ्वा० सेट् प० | श्च्युतिँर् क्षर' णे १. ४२ ||
श्नथ् | भ्वा० सेट् प० | श्नथँ(म्)ऽ [हिं' सार्थः' ]१. ९०९ ||
श्मील् | भ्वा० सेट् प० | श्मीलँऽ [नि' मेष' णे]१. ५९६ ||
श्यन्द् | भ्वा० सेट् आ० | स्यन्दूँ' प्र' स्रव' णे १. ८६५ ||
श्यु | भ्वा० अनिट् आ० | च्यु' ङ्ऽ [गतौ' ]१. ११०८ ||
श्यै | भ्वा० अनिट् आ० | श्यै' ङ् गतौ' १. १११८ ||
श्रंश् | भ्वा० सेट् आ० | स्रंसुँ' ऽ (श्रंसुँ' ऽ श्रंशुँ' ऽ)[अव' स्रंस' ने]१. ८५७ ||
श्रंस् | भ्वा० सेट् आ० | स्रंसुँ' ऽ (श्रंसुँ' ऽ श्रंशुँ' ऽ)[अव' स्रंस' ने]१. ८५७ ||
श्रङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | श्रकिँ' ऽ [गतौ' ]१. ८९ ||
श्रङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | श्रगिँऽ (श्वगिँऽ ष्वगिँऽ)[गत्य' र्थः]१. १६१ ||
श्रण् | भ्वा० सेट् प० | श्रणँ(म्)[गतौ' ]दा' ने च' १. ९०७ ||
श्रण् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्रणँ दा' ने १०. ६३ ||
श्रथ (श्रथ्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्रथँ दौर्ब' ल्ये १०. ४०९ ||
श्रथ् | भ्वा० सेट् प० | श्रथँ(म्)ऽ [हिं' सार्थः' ]१. ९०८ ||
श्रथ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्रथँ प्रय' त्ने | प्र' स्थान' इत्येके' १०. १९ ||
श्रथ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्रथँ मोक्ष' णे | हिं' साया' मित्येके' १०. ३६० ||
श्रन्थ् | भ्वा० सेट् आ० | श्रथिँ' शैथि' ल्ये १. ३५ ||
श्रन्थ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्रन्थँऽ [सन्द' र्भे]१०. ३७४ ||
श्रन्थ् | क्र्या० सेट् प० | श्रन्थँ विमोचनप्रतिह' र्षयोः' ९. ४६ ||
श्रन्थ् | क्र्या० सेट् प० | श्रन्थँऽ [सन्द' र्भे]९. ४८ ||
श्रम् | दि० सेट् प० | श्रमुँ तप' सि खे' दे च' ४. १०१ ||
श्रम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | श्रम्भुँ' प्रमा' दे १. ४५८ ||
श्रा | भ्वा० सेट् प० | श्रा(म्)पा' के १. ९२२ ||
श्रा | अ० अनिट् प० | श्रा' पा' के २. ४८ ||
श्रि | भ्वा० सेट् उ० | श्रिञ् से' वाया' म् १. १०४४ ||
श्रिष् | भ्वा० सेट् प० | श्रिषुँऽ [दाः' ए]१. ७९८ ||
श्री | क्र्या० अनिट् उ० | श्री' ञ् पा' के ९. ३ ||
श्रु | भ्वा० अनिट् प० | श्रु' श्रव' णे १. १०९२ ||
श्रै | भ्वा० अनिट् प० | श्रै' पा' के १. १०६७ ||
श्रोण् | भ्वा० सेट् प० | श्रोणृँ सङ्घा' ते १. ५२५ ||
श्लङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | श्लकिँ' गतौ' (गत्य' र्थः)१. ९० ||
श्लङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | श्लगिँऽ [गत्य' र्थः]१. १६२ ||
श्लथ् | भ्वा० सेट् प० | श्लथँ(म्)ऽ [हिं' सार्थः' ]१. ९१० ||
श्लाख् | भ्वा० सेट् प० | श्लाखृँ व्या' प्तौ १. १३५ ||
श्लाघ् | भ्वा० सेट् आ० | श्लाघृँ' कत्थ' ने १. १२२ ||
श्लिष् | भ्वा० सेट् प० | श्लिषुँऽ [दाः' ए]१. ७९९ ||
श्लिष् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्लिषँ श्लेष' णे १०. ५९ ||
श्लिष् | दि० अनिट् प० | श्लि' षँ आ' लिङ्ग' ने ४. ८३ ||
श्लोक् | भ्वा० सेट् आ० | श्लोकृँ' सङ्घा' ते १. ८१ ||
श्लोण् | भ्वा० सेट् प० | श्लोणृँ च [सङ्घा' ते]१. ५२६ ||
श्वङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | श्वकिँ' ऽ [गत्य' र्थः]१. १०१ ||
श्वङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | श्रगिँऽ (श्वगिँऽ ष्वगिँऽ)[गत्य' र्थः]१. १६१ ||
श्वच् | भ्वा० सेट् आ० | श्वचँ' ऽ [गतौ' ]१. १९० ||
श्वञ्च् | भ्वा० सेट् आ० | श्वचिँ' गतौ' १. १९१ ||
श्वठ (श्वठ्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्वठँ सम्यगव' भाष' णे १०. ३९३ ||
श्वठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्वठँ असंस्कारग' त्योः १०. ४२ ||
श्वण्ठ् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्वठिँ [असंस्कारग' त्योः]इत्येके' १०. ४३ ||
श्वभ्र् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्वभ्रँ [गत्या' म्]च' १०. ११७ ||
श्वर्त् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्वर्तँ गत्या' म् १०. ११५ ||
श्वल् | भ्वा० सेट् प० | श्वलँऽ [आशुगम' ने]१. ६३० ||
श्वल्क् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| श्वल्कँऽ [परि' भाष' णे]१०. ५३ ||
श्वल्ल् | भ्वा० सेट् प० | श्वल्लँ आशुगम' ने १. ६३१ ||
श्वस् | अ० सेट् प० | श्वसँ प्राण' ने २. ६४ ||
श्वि | भ्वा० सेट् प० | ट्वोँश्वि गतिवृ' द्ध्योः १. ११६५ ||
श्वित् | भ्वा० सेट् आ० | श्विताँ वर्णे' १. ८४३ ||
श्विन्द् | भ्वा० सेट् आ० | श्विदिँ' श्वैत्ये' १. १० ||
ष्ट्यै | भ्वा० अनिट् प० | ष्ट्यै' शब्दसङ्घा' तयोः' १. १०५९ ||
ष्ठिव् | भ्वा० सेट् प० | ष्ठिवुँ नि' रस' ने १. ६४१ ||
ष्ठिव् | दि० सेट् प० | ष्ठिवुँ नि' रस' ने | केचि' दिः' एमं न प' ठन्ति ४. ४ ||
ष्वष्क् | भ्वा० सेट् आ० | ष्वस्कँ' ऽ (ष्वष्कँ' ऽ)[गत्य' र्थः]१. १०५ ||
ष्वस्क् | भ्वा० सेट् आ० | ष्वस्कँ' ऽ (ष्वष्कँ' ऽ)[गत्य' र्थः]१. १०५ ||
संस्त् | अ० सेट् प० | षस्तिँ (सस्तिँ)स्वप्ने' २. ७४ ||
सग् | भ्वा० सेट् प० | षगेँ(म्)ऽ [सं' वर' णे]१. ८९८ ||
सङ्केत (सङ्केत्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सङ्केतँऽ [आमन्त्र' णे]१०. ४३३ ||
सङ्ग्राम (सङ्ग्राम्)| चु० सेट् आ० (उ०)| सङ्ग्रामँ' यु' द्धे | अ' यमनु' दात्तेत् १०. ४६७ ||
सच् | भ्वा० सेट् आ० | षचँ' सेच' ने' सेव' ने च १. १८७ ||
सच् | भ्वा० सेट् उ० | षचँ' समवा' ये १. ११५२ ||
सज्ज् | भ्वा० सेट् प० आ० | षस्जँ (षस्जँ' )गतौ' १. २२९ ||
सञ्ज् | भ्वा० अनिट् प० | ष' ञ्जँ सङ्गे' १. ११४२ ||
सट् | भ्वा० सेट् प० | षटँ अव' यवे' १. ३५० ||
सट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| षट्टँऽ [हिं' साया' म्]१०. १२८ ||
सत्त्र (सत्त्र्)| चु० सेट् आ० | सत्रँ' (सत्त्रँ' )सन्तानक्रि' याया' म् १०. ४४८ ||
सत्र (सत्र्)| चु० सेट् आ० | सत्रँ' (सत्त्रँ' )सन्तानक्रि' याया' म् १०. ४४८ ||
सद् | भ्वा० अनिट् प० | ष' दॢँ विशरणगत्यवसाद' नेषु' १. ९९० ||
सद् | तु० अनिट् प० | ष' दॢँ विशरणगत्यवसाद' नेषु' ६. १६३ ||
सध् | स्वा० सेट् प० | षघँ हिं' साया' म् ५. २४ ||
सन् | भ्वा० सेट् प० | षनँ सम्भ' क्तौ १. ५३५ ||
सन् | त० सेट् उ० | षनुँ' दा' ने ८. २ ||
सप् | भ्वा० सेट् प० | षपँ समवा' ये १. ४६६ ||
समाज (समाज्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सभाजँ प्रीतिदर्श' नयोः' | प्रीतिसेव' नयो' रित्येके' १०. ४२९ ||
सम् | भ्वा० सेट् प० | षमँऽ [अवैक' ल्ये (वै' कल्ये)१. ९६३ ||
सम् | दि० सेट् प० | समीँ [परि' माने' ]इत्येके' ४. १३२ ||
सम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| षम्बँ स' म्बन्ध' ने १०. ३० ||
सर (सर्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सारँऽ (सरँऽ)[दौर्ब' ल्ये]१०. ४०७ ||
सर्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | षर्क्षँ [आद' रे]इति' केचि' त् १. ७५९ ||
सर्ज् | भ्वा० सेट् प० | षर्जँ अर्ज' ने १. २५७ ||
सर्ब् | भ्वा० सेट् प० | षर्बँऽ [गतौ' ]१. ४९० ||
सर्व् | भ्वा० सेट् प० | षर्वँ हिं' साया' म् १. ६६९ ||
सल् | भ्वा० सेट् प० | षलँ गतौ' १. ६२८ ||
सस् | अ० सेट् प० | षसँऽ [स्वप्ने' ]२. ७३ ||
सस्ज् | भ्वा० सेट् प० आ० | षस्जँ (षस्जँ' )गतौ' १. २२९ ||
सह् | भ्वा० सेट् आ० | षहँ' मर्ष' णे १. ९८८ ||
सह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| षहँ मर्ष' णे १०. ३४१ ||
सह् | दि० सेट् प० | षहँऽ [चक्य' र्थे]४. २३ ||
साध् | स्वा० अनिट् प० | सा' धँ संसि' द्धौ ५. १९ ||
सान्त्व् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| षान्त्वँ सामप्रयो' गे १०. ५१ ||
साम (साम्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सामँ सान्त्वप्रयो' गे १०. ४२० ||
साम्ब् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| साम्बँ [स' म्बन्ध' ने]इत्येके' १०. ३२ ||
सार (सार्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सारँऽ (सरँऽ)[दौर्ब' ल्ये]१०. ४०७ ||
सि | स्वा० अनिट् उ० | षि' ञ् बन्ध' ने ५. २ ||
सि | क्र्या० अनिट् उ० | षि' ञ् बन्ध' ने ९. ५ ||
सिच् | तु० अनिट् उ० | षि' चँ' क्षर' णे ६. १७० ||
सिट् | भ्वा० सेट् प० | षिटँ अना' दरे १. ३४१ ||
सिध् | भ्वा० सेट् प० | षिधँ गत्या' म् १. ४९ ||
सिध् | भ्वा० सेट् प० | षिधूँ शा' स्त्रे माङ्ग' ल्ये च १. ५० ||
सिध् | दि० अनिट् प० | षि' धुँ संरा' द्धौ ४. ८९ ||
सिन्व् | भ्वा० सेट् प० | षिविँ [सेच' ने]इत्येके' | सेव' न इति' तर' ङ्गिण्या' म् १. ६७४ ||
सिभ् | भ्वा० सेट् प० | षिभुँऽ [[हिं' सार्थः]इत्येके' ]१. ४९८ ||
सिम्भ् | भ्वा० सेट् प० | षिम्भुँ [हिं' सार्थः]इत्येके' १. ४९९ ||
सिल् | तु० सेट् प० | षिलँ उ' ञ्चे ६. ९० ||
सिव् | दि० सेट् प० | षिवुँ तन्तुसन्ता' ने ४. २ ||
सीक् | भ्वा० सेट् आ० | सीकृँ' [सेच' ने]इत्येके' १. ७९ ||
सु | भ्वा० अनिट् प० | षु' प्रसवसैश्व' र्ययोः' १. १०९१ ||
सु | अ० अनिट् प० | षु' प्रसवैश्व' र्ययोः' २. ३६ ||
सु | स्वा० अनिट् उ० | षु' ञ् अभिष' वे ५. १ ||
सुख (सुख्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सुखँऽ [तत्क्रि' याया' म्]१०. ४७५ ||
सुट्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| षुट्टँ अना' दरे १०. ३८ ||
सुर् | तु० सेट् प० | षुरँ ऐश्वर्यदी' प्त्योः ६. ६६ ||
सुह् | दि० सेट् प० | षुहँ चक्य' र्थे ४. २४ ||
सू | अ० सेट् आ० | षूङ् प्राणिगर्भविमोच' ने २. २५ ||
सू | दि० सेट् आ० | (ओँ)षूङ् प्राणिप्रस' वे ४. २७ ||
सू | तु० सेट् प० | षू प्रेरणे ६. १४४ ||
सूच (सूच्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सूचँ पैशु' न्ये १०. ४१२ ||
सूत्र (सूत्र्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| सूत्रँ वेष्ट' ने | वि' मोच' न' इत्य' न्ये १०. ४५० ||
सूद् | भ्वा० सेट् आ० | षूदँ' क्षर' णे १. २५ ||
सूद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| षूदँ क्षर' णे १०. २४२ ||
सूर्क्ष् | भ्वा० सेट् प० | सूर्क्षँ आद' रे १. ७५८ ||
सूर्क्ष्य् | भ्वा० सेट् प० | षूर्क्ष्यँऽ (सूर्क्ष्यँऽ)[ई' र्ष्यार्थः' ]१. ५८६ ||
सूष् | भ्वा० सेट् प० | सूषँ [प्रस' वे]इत्येके' १. ७७४ ||
सृ | भ्वा० अनिट् प० | सृ' गतौ' १. १०८५ ||
सृ | जु० अनिट् प० | सृ' गतौ' ३. १८ ||
सृज् | दि० अनिट् आ० | सृ' जँ' विस' र्गे ४. ७५ ||
सृज् | तु० अनिट् प० | सृ' जँ विस' र्गे ६. १५० ||
सृप् | भ्वा० अनिट् प० | सृ' पॢँ गतौ' १. ११३८ ||
सृभ् | भ्वा० सेट् प० | षृभुँऽ [हिं' सार्थः]१. ४९६ ||
सृम्भ् | भ्वा० सेट् प० | षृम्भुँ हिं' सार्थौ' १. ४९७ ||
सेक् | भ्वा० सेट् आ० | सेकृँ' ऽ [गतौ' ]१. ८६ ||
सेल् | भ्वा० सेट् प० | षेलृँ [गतौ' ]इत्येके' १. ६२४ ||
सेव् | भ्वा० सेट् आ० | षेवृँ' ऽ [सेव' ने]१. ५७४ ||
सै | भ्वा० अनिट् प० | षै' क्ष' ये १. १०६३ ||
सो | दि० अनिट् प० | षो' अन्तक' र्मणि' ४. ४२ ||
स्कन्द् | भ्वा० अनिट् प० | स्क' न्दिँर् गतिशोष' णयोः' १. ११३४ ||
स्कम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | स्कभिँ' प्रतिब' न्धे १. ४५२ ||
स्कम्भ् | क्र्या० अनिट् प० | स्क' म्भुँऽ [रोध' न' इत्येके' | स्त' म्भ इति' माध' वः]९. ९ ||
स्कु | क्र्या० अनिट् उ० | स्कु' ञ् आ' प्रव' ने ९. ६ ||
स्कुन्द् | भ्वा० सेट् आ० | स्कुदिँ' आ' प्रव' णे १. ९ ||
स्कुम्भ् | क्र्या० अनिट् प० | स्कु' म्भुँ रोध' न' इत्येके' | धार' ण इत्य' न्ये ९. १० ||
स्खद् | भ्वा० सेट् आ० | स्खदँ' (म्)स्खद' ने १. ८७२ ||
स्खद् | स्खदिर् अवप' रिभ्यां' च [मित्]१. ९५४ ||
स्खल् | भ्वा० सेट् प० | स्खलँ स' ञ्चल' ने १. ६२५ ||
स्खल् | भ्वा० सेट् प० | स्खलिऽ [मित्][इति भोजः' ]१. ९३१ ||
स्तक् | भ्वा० सेट् प० | ष्टकँ(म्)प्रतिघा' ते (प्रतीघा' ते)१. ८९१ ||
स्तन (स्तन्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्तनँऽ [देवश' ब्दे]१०. ३९८ ||
स्तन् | भ्वा० सेट् प० | ष्टनँऽ [शब्दे' ]१. ५३२ ||
स्तम् | भ्वा० सेट् प० | ष्टमँ अवैक' ल्ये (वै' कल्ये)१. ९६४ ||
स्तम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | ष्टभिँ' ऽ [प्रतिब' न्धे]१. ४५१ ||
स्तम्भ् | क्र्या० अनिट् प० | स्त' म्भुँऽ [रोध' न' इत्येके' | स्त' म्भ इति' माध' वः]९. ७ ||
स्तल् | भ्वा० सेट् प० | ष्ठलँ स्थाने' १. ९७० ||
स्तिघ् | स्वा० सेट् आ० | ष्टिघँ' आ' स्कन्द' ने ५. २१ ||
स्तिप् | भ्वा० सेट् आ० | ष्टिपृँ' ऽ [क्षर' णार्थः]१. ४२२ ||
स्तिम् | दि० सेट् प० | ष्टिमँऽ [आर्द्रीभा' वे]४. १९ ||
स्तीन् | दि० सेट् प० | ष्टीमँ आर्द्रीभा' वे ४. २० ||
स्तु | अ० अनिट् उ० | ष्टु' ञ् स्तुतौ' २. ३८ ||
स्तुच् | भ्वा० सेट् आ० | ष्टुचँ' प्रसा' दे १. १९९ ||
स्तुप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ष्टुपँ [ष्टूपँ]समुच्च्रा' ये १०. १९० ||
स्तुप् | दि० सेट् प० | ष्टुपँ समुच्च्रा' ये ४. १५१ ||
स्तुभ् | भ्वा० सेट् आ० | ष्टुभुँ' स्त' म्भे १. ४६० ||
स्तुम्भ् | क्र्या० अनिट् प० | स्तु' म्भुँऽ [रोध' न' इत्येके' | नि' ष्कोष' णे इत्य' न्ये]९. ८ ||
स्तूप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ष्टूपँ [समुच्च्रा' ये]इत्येके' १०. १९१ ||
स्तूप् | दि० सेट् प० | ष्टूपँ [समुच्च्रा' ये]इत्येके' ४. १५२ ||
स्तृ | स्वा० अनिट् उ० | स्तृ' ञ् आ' च्चाद' ने ५. ६ ||
स्तृक्ष् | भ्वा० सेट् प० | ष्टृक्षँऽ [गतौ' ]१. ७५१ ||
स्तृह् | तु० सेट् प० | स्तृहूँऽ [हिं' सार्थः' ]६. ७६ ||
स्तॄ | क्र्या० सेट् उ० | स्तॄञ् आ' च्चाद' ने ९. १७ ||
स्तेन (स्तेन्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्तेनँ चौर्ये' १०. ४३९ ||
स्तेप् | भ्वा० सेट् आ० | ष्टेपृँ' क्षर' णार्थः १. ४२३ ||
स्तै | भ्वा० अनिट् प० | ष्टै' ऽ [वेष्ट' ने | शो' भायां' चेत्येके' ]१. १०७१ ||
स्तोम (स्तोम्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्तोमँ श्ला' घाया' म् १०. ४६८ ||
स्त्यै | भ्वा० अनिट् प० | स्त्यै' ऽ [शब्दसङ्घा' तयोः' ]१. १०५८ ||
स्त्रक्ष् | भ्वा० सेट् प० | ष्ट्रक्षँऽ [गतौ' ]१. ७४९ ||
स्थग् | भ्वा० सेट् प० | ष्ठगेँ(म्)सं' वर' णे १. ८९९ ||
स्था | भ्वा० अनिट् प० | ष्ठा' गतिनिवृ' त्तौ १. १०७७ ||
स्थुड् | तु० सेट् प० | स्थुडँ सं' वर' णे ६. ११८ ||
स्थूल (स्थूल्)| चु० सेट् आ० | स्थूलँ' परि' बृंह' णे १०. ४४६ ||
स्नस् | दि० सेट् प० | ष्णसुँ निर' सने ४. ६ ||
स्ना | अ० अनिट् प० | ष्णा' शौ' चे २. ४७ ||
स्ना | स्नाऽ [[अनु' पसर्गाद्वा]च][मित्]१. ९४६ ||
स्निह् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ष्णिहँ स्नेह' ने १०. ५५ ||
स्निह् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | ष्णिः' अँ प्रीतौ' ४. ९७ ||
स्नु | अ० सेट् प० | ष्णु प्र' स्रव' णे २. ३३ ||
स्नुस् | दि० सेट् प० | ष्णुसुँ अद' नेँ | आदा' न इत्येकेँ' | अद' र्शन' इत्यप' रे ४. ५ ||
स्नुह् | दि० अनिट् वेट् (७. २. ४५ | रधा' दि०)प० | ष्णुः' अँ उ' द्गिर' णे ४. ९६ ||
स्नै | भ्वा० अनिट् प० | ष्णै' वेष्ट' ने | शो' भायां' चेत्येके' १. १०७२ ||
स्पन्द् | भ्वा० सेट् आ० | स्पदिँ' किञ्चि' च्चल' ने १. १४ ||
स्पर्ध् | भ्वा० सेट् आ० | स्पर्धँ' सङ्घ' र्षे १. ३ ||
स्पश् | भ्वा० सेट् उ० | स्पशँ' बाधनस्पर्श' नयोः' १. १०३२ ||
स्पश् | चु० सेट् आ० | स्पशँ' ग्रहणसंश्लेष' णयोः' १०. २०० ||
स्पृ | स्वा० अनिट् प० | स्पृ' प्रीतिपाल' नयोः | प्रीतिचल' नयो' रित्य' न्ये ५. १४ ||
स्पृश् | तु० अनिट् प० | स्पृ' शँ सं' स्पर्श' ने ६. १५८ ||
स्पृह (स्पृह्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्पृहँ ई' प्साया' म् १०. ४१० ||
स्फर् | तु० सेट् प० | स्फरँऽ [[स' ञ्चल' ने]इत्य' न्ये]६. १२३ ||
स्फल् | तु० सेट् प० | स्फलँ [स' ञ्चल' ने]इत्य' न्ये ६. १२४ ||
स्फाय् | भ्वा० सेट् आ० | स्फायीँ' ऽ [वृद्धौ' ]१. ५६० ||
स्फिट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्फिटँ [स्नेह' ने]इत्येके' १०. ५६ ||
स्फिट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्फिट्टँऽ [हिं' साया' म्]१०. १२९ ||
स्फुट् | भ्वा० सेट् आ० | स्फुटँ' वि' कस' ने १. २९३ ||
स्फुट् | भ्वा० सेट् प० | स्फुटिँर् वि' शर' णे १. ३७९ ||
स्फुट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्फुटँ भेद' ने १०. २४७ ||
स्फुट् | तु० सेट् प० | स्फुटँ वि' कस' ने ६. १०० ||
स्फुड् | तु० सेट् प० | स्फुडँऽ [सं' वर' णे]६. १२५ ||
स्फुण्ट् | भ्वा० सेट् प० | स्फुटिँ [वि' शर' णे]इत्यपि' केचि' त् १. ३८० ||
स्फुण्ट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्फुटिँ इत्यपि' [परिहा' से]१०. ५ ||
स्फुण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | (स्फुडिँ' वि' कस' ने)१. ३११ ||
स्फुण्ड् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्फुडिँ परिहा' से १०. ४ ||
स्फुर् | तु० सेट् प० | स्फुरँऽ [स' ञ्चल' ने]| स्फुरँ स्फुर' ण इत्येके' ६. १२१ ||
स्फुर्च् | भ्वा० सेट् प० | स्फुर्चाँ विस्तृ' तौ १. २४१ ||
स्फुल् | तु० सेट् प० | स्फुलँ स' ञ्चल' ने ६. १२२ ||
स्फूर्ज् | भ्वा० सेट् प० | ट्वोँस्फूर्जाँ वज्रनिर्घो' षे १. २६८ ||
स्मि | भ्वा० अनिट् आ० | ष्मि' ङ् ईष' द्धस' ने १. १०९९ ||
स्मि | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ष्मिङ् [अना' दरे]इत्येके' १०. ५८ ||
स्मिट् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्मिटँ अना' दरे १०. ५७ ||
स्मील् | भ्वा० सेट् प० | स्मीलँऽ [नि' मेष' णे]१. ५९७ ||
स्मृ | भ्वा० अनिट् प० | स्मृ' चि' न्ताया' म् १. १०८२ ||
स्मृ | भ्वा० सेट् प० | स्मृ(म्)आ' ध्याने' १. ९१९ ||
स्मृ | स्वा० अनिट् प० | स्मृ' [प्रीतिपाल' नयोः | प्रीतिचल' नयो' रित्य' न्ये]इत्येके' ५. १५ ||
स्यम् | भ्वा० सेट् प० | स्यमुँऽ [शब्दे' ]१. ९६० ||
स्यम् | चु० सेट् आ० | स्यमँ' वित' र्के १०. २१६ ||
स्रंस् | भ्वा० सेट् आ० | स्रंसुँ' ऽ (श्रंसुँ' ऽ श्रंशुँ' ऽ)[अव' स्रंस' ने]१. ८५७ ||
स्रङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | स्रकिँ' ऽ [गतौ' ]१. ८८ ||
स्रम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | स्रम्भुँ' [प्रमा' दे]इत्येके' १. ४५९ ||
स्रम्भ् | भ्वा० सेट् आ० | स्रम्भुँ' विश्वा' से १. ८६१ ||
स्रिव् | दि० सेट् प० | स्रिवुँ गतिशोष' णयोः' ४. ३ ||
स्रु | भ्वा० अनिट् प० | स्रु' गतौ' १. १०९० ||
स्रेक् | भ्वा० सेट् आ० | स्रेकृँ' ऽ [गतौ' ]१. ८७ ||
स्रै | भ्वा० अनिट् प० | स्रै' [पा' के]इति केषु' चित्पा' ठः १. १०६८ ||
स्रोक् | भ्वा० सेट् आ० | स्रोकृँ' [सङ्घा' ते]इति' पाठान्त' रम् १. ८२ ||
स्वङ्क् | भ्वा० सेट् आ० | [ष्वकिँ' [गत्य' र्थः]इत्येके' ]१. ११४ ||
स्वङ्ग् | भ्वा० सेट् प० | श्रगिँऽ (श्वगिँऽ ष्वगिँऽ)[गत्य' र्थः]१. १६१ ||
स्वञ्ज् | भ्वा० अनिट् आ० | ष्व' ञ्जँ' परिष्व' ङ्गे १. ११३१ ||
स्वद् | भ्वा० सेट् आ० | ष्वदँ' ऽ [आ' स्वाद' ने]१. १८ ||
स्वद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ष्वदँ आ' स्वाद' ने १०. ३३६ ||
स्वन् | भ्वा० सेट् प० | स्वनँ अव' तंस' ने [मित्]१. ९३६ ||
स्वन् | भ्वा० सेट् प० | स्वनँऽ [शब्दे' ]१. ९६१ ||
स्वप् | अ० अनिट् प० | ञिष्व' पँ श' ये २. ६३ ||
स्वर (स्वर्)| चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्वरँ आक्षे' पे १०. ४०२ ||
स्वर्त् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्वर्तँ [गत्या' म्]इत्येके' १०. ११६ ||
स्वर्द् | भ्वा० सेट् आ० | स्वर्दँ' आ' स्वाद' ने १. १९ ||
स्वष्क् | भ्वा० सेट् आ० | ष्वस्कँ' ऽ (ष्वष्कँ' ऽ)[गत्य' र्थः]१. १०५ ||
स्वस्क् | भ्वा० सेट् आ० | ष्वस्कँ' ऽ (ष्वष्कँ' ऽ)[गत्य' र्थः]१. १०५ ||
स्वाद् | भ्वा० सेट् आ० | स्वादँ' आ' स्वाद' ने १. २८ ||
स्वाद् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| स्वादँ [आ' स्वाद' ने]इत्येके' १०. ३३७ ||
स्विद् | भ्वा० सेट् आ० | ञिष्विदाँ' स्नेहनमोच' नयोः' (गात्रप्र' स्रव' णे)| स्नेहनमोह' नयो' रित्येके' १. ८४५ ||
स्विद् | दि० अनिट् प० | ष्वि' दाँ गात्रप्रक्षर' णे | ञिष्वि' दाँ इत्येके' ४. ८५ ||
स्वृ | भ्वा० अनिट् प० | स्वृ' शब्दोपता' पयोः' १. १०८१ ||
हट् | भ्वा० सेट् प० | हटँ [शब्दसङ्घा' तयोः' ]दीप्तौ' (च)१. ३४९ ||
हठ् | भ्वा० सेट् प० | हठँ प्लुतिशठ' त्वयोः' | बलात्का' र इत्य' न्ये १. ३८८ ||
हद् | भ्वा० अनिट् आ० (प०)| ह' दँ' (ह' दँ)पुरीषोत्स' र्गे १. ११३२ ||
हन् | अ० अनिट् प० | ह' नँ हिंसाग' त्योः २. २ ||
हम्म् | भ्वा० सेट् प० | हम्मँऽ [गतौ' ]१. ५३८ ||
हय् | भ्वा० सेट् प० | हयँ गतौ' १. ५८९ ||
हय् | भ्वा० सेट् प० | हर्यँ गतिका' न्त्योः १. ५९२ ||
हल् | भ्वा० सेट् प० | हलँ वि' लेख' ने १. ९७१ ||
हस् | भ्वा० सेट् प० | हसेँ हस' ने १. ८२२ ||
हस्त् | चु० सेट् आ० | हस्तँ' [अर्द' ने]इत्य' न्ये १०. २०६ ||
हा | जु० अनिट् आ० | ओँहा' ङ् गतौ' ३. ८ ||
हा | जु० अनिट् प० | ओँहा' क् त्या' गे ३. ९ ||
हिंस् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| हिसिँ हिं' साया' म् १०. ३६६ ||
हिंस् | रु० सेट् प० | हिसिँ हिं' साया' म् ७. १९ ||
हि | स्वा० अनिट् प० | हि' गतौ' वृद्धौ' च ५. १२ ||
हिक्क् | भ्वा० सेट् उ० | हिक्कँ' अव्य' क्ते' शब्दे' १. ९९७ ||
हिट् | भ्वा० सेट् प० | हिटँ [आक्रो' शे]इत्येके' १. ३५६ ||
हिण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | हिडिँ' गत्यनाद' रयोः' १. ३०१ ||
हिन्व् | भ्वा० सेट् प० | हिविँऽ [प्रीण' नार्थः]१. ६७५ ||
हिल् | तु० सेट् प० | हिलँ भावकर' णे ६. ८८ ||
हिष्क् | चु० सेट् आ० | हिष्कँ' [हिं' साया' म्]इत्येके' १०. २०८ ||
हु | जु० अनिट् प० | हु' दानाद' नयोः' | आदा' ने चेत्येके' | प्रीण' नेऽपीति' भा' ष्य' म् ३. १ ||
हुड् | भ्वा० सेट् प० | हुडृँऽ [गतौ' ]१. ४०८ ||
हुड् | तु० सेट् प० | (हुडँ सङ्घा' ते)६. १३० ||
हुण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | हुडिँ' वर' णे | हर' ण' इत्येके' १. ३१० ||
हुण्ड् | भ्वा० सेट् आ० | हुडिँ' सङ्घा' ते १. ३०२ ||
हुर्च् | भ्वा० सेट् प० | हुर्चाँ कौटि' ल्ये १. २३९ ||
हुल् | भ्वा० सेट् प० | हुलँ हिंसासंवर' णयो' श्च (हिं' सायां' सं' वर' णे च)१. ९८० ||
हुल् | भ्वा० सेट् प० | हुलँऽ [गतौ' ]१. ९७८ ||
हूड् | भ्वा० सेट् प० | हूडृँऽ [गतौ' ]१. ४०९ ||
हृ | भ्वा० अनिट् उ० | हृ' ञ् हर' णे १. १०४६ ||
हृ | जु० अनिट् प० | हृ' प्रसह्यकर' णे ३. १६ ||
हृष् | भ्वा० सेट् प० | हृषुँ अली' के १. ८०६ ||
हृष् | दि० सेट् प० | हृषँ तुष्टौ' ४. १४२ ||
हृस् | भ्वा० सेट् प० | ह्रसँऽ (हृसँऽ)[शब्दे' ]१. ८०८ ||
हेठ् | भ्वा० सेट् आ० | हेठँ' विबा' धाया' म् १. २९९ ||
हेठ् | भ्वा० सेट् प० | (हेठँ विबा' धाया' म्)१. ३६० ||
हेठ् | क्र्या० सेट् प० | हेठँ [हेढँ]च [भूतप्रादुर्भा' वे]९. ६९ ||
हेड् | भ्वा० सेट् आ० | हेडृँ' ऽ [अना' दरे]१. ३१८ ||
हेड् | भ्वा० सेट् प० | हेडँ(म्)वेष्ट' ने १. ८८७ ||
हेढ् | क्र्या० सेट् प० | हेढँ [च][भूतप्रादुर्भा' वे]इत्येके' ९. ७० ||
हेप् | भ्वा० सेट् आ० | हेपृँ' ऽ च [गतौ' ]१. ४३२ ||
हेष् | भ्वा० सेट् आ० | हेषृँ' ऽ [अव्य' क्ते' शब्दे' ]१. ७०८ ||
होड् | भ्वा० सेट् आ० | होडृँ' अना' दरे १. ३१९ ||
होड् | भ्वा० सेट् प० | होडृँ गतौ' १. ४१० ||
ह्नु | अ० अनिट् आ० | ह्नु' ङ् अप' नय' ने २. ७६ ||
ह्मल् | भ्वा० सेट् प० | ह्मलँ(म्)स' ञ्चल' ने (चल' ने)१. ९१८ ||
ह्मल् | ह्मलँऽ [अनु' पसर्गाद्वा][मित्]१. ९४३ ||
ह्रग् | भ्वा० सेट् प० | ह्रगेँ(म्)ऽ [सं' वर' णे]१. ८९६ ||
ह्रप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ह्रपँ [व्य' क्तायां वा' चि]इत्य' न्ये १०. १६३ ||
ह्रस् | भ्वा० सेट् प० | ह्रसँऽ (हृसँऽ)[शब्दे' ]१. ८०८ ||
ह्राद् | भ्वा० सेट् आ० | ह्रादँ' अव्य' क्ते' शब्दे' १. २६ ||
ह्री | जु० अनिट् प० | ह्री' ल' ज्जाया' म् ३. ३ ||
ह्रीच् | भ्वा० सेट् प० | ह्रीचँ ल' ज्जाया' म् १. २३८ ||
ह्रेष् | भ्वा० सेट् आ० | ह्रेषृँ' अव्य' क्ते' शब्दे' १. ७०९ ||
ह्लग् | भ्वा० सेट् प० | ह्लगेँ(म्)ऽ [सं' वर' णे]१. ८९७ ||
ह्लप् | चु० सेट् उ० (१. ३. ७४)| ह्लपँ व्य' क्तायां वा' चि १०. १६१ ||
ह्लस् | भ्वा० सेट् प० | ह्लसँऽ [शब्दे' ]१. ८०९ ||
ह्लाद् | भ्वा० सेट् आ० | ह्लादीँ' [अव्य' क्ते' शब्दे' ]सु' खे च' १. २७ ||
ह्वल् | भ्वा० सेट् प० | ह्वलँ(म्)ऽ [स' ञ्चल' ने (चल' ने)]१. ९१७ ||
ह्वल् | ह्वलँऽ [अनु' पसर्गाद्वा][मित्]१. ९४२ ||
ह्वृ | भ्वा० अनिट् प० | ह्वृ' [सं' वर' णे (वर' णे)]इत्येके' १. १०८४ ||
ह्वृ | भ्वा० अनिट् प० | ह्वृ' कौटि' ल्ये १. १०८० ||
ह्वे | भ्वा० अनिट् उ० | ह्वे' ञ् स्प' र्धायां' शब्दे' च १. ११६३ ||
Encoded by Mihas Bayaryn bayaryn at mail.ru
dhatupatha-readme.txt
(Vesion 1.0)
This text of PANinIya-DhAtupaThaH is based on the following editions:
1. aSTAdhyAyI of PANini in Roman Transliteration by Sumitra M. Katre
// PANinIya-dhAtupAThaH - University of Texas Press, Austin, 1987.
2. DhAtupAThaH, J. L. Shastri - Motilal Banarsidas, Delhi, 2002.
3. PANinIyo DhAtupAThaH -
http://www.vedamu.org/Sankrit/eBooks/DownloadFile.asp?Filename=Dhaatupaatha.zip
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This text is searchable. Versions in other encodings, transliteration
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Special features of this text:
1. The text is accentuated according to PANini's accentuation-rules
using Vedic svara-marks (i.e. only sannatara and svarita are marked).
2. All vowel anubandhas (its) are marked with anunAsika-sign
according to PANini's rules.
3. The avagraha after a dhAtu is the sign of compound separation (as
in pada-pATha) and not of the elision of short 'a' (as in
contemporary usage).
4. Verbal roots (dhAtu) were enumerated according to the following
principle: every dhAtu and every variation of dhAtu must have its own
number, all known varieties of roots must be included in text and not
excluded. There are many styles of dhatu enumeration in different
editions and they don't agree with each other. In this enumeration
every dhAtu has two numbers: a number of its gaNa (class) an its
number within this gaNa.
5. Three kinds of brackets are used in this text:
() - words in such brackets are variations of the text in other editions.
[] - words in such brackets in index are anuvRtti from preceding
lines. anuvRtti is a part of a preceding rule wich must be remembered
in order to understand the following rules.
_ - words in such brackets are variations of dhatu exactly known
from other sources but not found in three editions on wich this text
is based.
Next stages of this work:
1. Other editions of DhAtupAThaH must be used to proof-read the text.
The present version of course can't be called a professionally
revised version. In
any case it can be further edited and corrected to produce such vesion.
2. The version of text with sandhi-vigraha must be added.
3. The index must be supplemented with english meanings of roots and
main verbal forms and derivatives according to PANini's rules with
references to corresponding sUtras. In such case it will be possible
to use this index as true verb-dictionary.
4. A small introduction to DhAtupAThaH with information about its
main principles must be added.
Please, send your comments, suggestions and corrections of possible
mistakes to bayaryn@mail.ru. Especially I ask experts in Sanskrit
grammar tradition to help me in this work by consulting and advices.
Mihas Bayaryn.
||om tat sad brahmArpaNam astu ||
%@@1
% File name : dhatupatha_index_svara.itx
%--------------------------------------------
% Text title : dhAtupATha index with svaras
% Author : pANinI
% Language : Sanskrit
% Subject : linguistics/grammar/morphology_and_phonetics
% Description/comments :
% Transliterated by : Mihas Bayaryn bayaryn@mail.ru
% Proofread by : Mihas Bayaryn bayaryn@mail.ru
% Latest update : February 1, 2005, July 3, 2011
% Send corrections to : sanskrit@cheerful.com
%
% Special Instructions:
% i1h.hdr,ijag.inc,itrans.sty,multicol.sty,iarticle.sty
% Transliteration scheme: ITRANS 5.2
% Site access :
% http://sanskritdocuments.org
% http://sanskrit.gde.to/
%-----------------------------------------------------
% The text is to be used for personal studies and research only.
% Any use for commercial purpose is prohibited as a 'gentleman's'
% agreement.
% @@2
%
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